कोलकाता/स्वराज टुडे: पश्चिम बंगाल में सरकार बदलते ही बुलडोज़र भी एक्शन में आ गया है. इस बार बुलडोज़र की दहाड़ आसनसोल में सुनाई पड़ी जहां TMC नेता के अवैध कब्ज़े को मिट्टी में मिला दिया गया. पीले पंजे की ये मार TMC नेता विनोद नोनिया के अवैध दफ्तर पर पड़ी, जिसे अतिक्रमण कर बनाया गया था. हालांकि बुलडोज़र ने अब इसके वजूद को मिटा दिया है.
अधिकारियों ने सबसे पहले मेन ऑफिस और गेस्ट हाउस पर एक्शन लिया और देखते ही देखते उसे जमींदोज कर दिया. इसके बाद ऑफिस का स्टोर रूम भी ध्वस्त कर दिया. साथ ही आस-पास के की गई बाड़ेबंदी को भी तहस नहस कर दिया गया.
करोड़ों की ज़मीन कब्ज़ा मुक्त कराई
जामुड़िया के चपुई खास कोलियरी इलाके में हुई इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा. ममता बनर्जी के करीबी विनोद नोनिया ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की जमीन पर अवैध कब्जा कर अपना ऑफिस बना लिया था. जिस पर ECL ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को ध्वस्त कर जमीन को कब्जा मुक्त कराया.
बुलडोज़र कार्रवाई से ठीक पहले इमारत में मौजूद सामान को निकाल कर दूसरी जगह पहुंचाया गया. केवल अतिक्रमण ही नहीं, सीएम सुवेंदु अधिकारी अब बंगाल में कट्टरपंथियों पर भी बड़ी स्ट्राइक की तैयारी में हैं. उन्होंने बंगाल में UCC लागू करने का पूरा प्लान बना लिया है. इस एलान भर से ही भाईजान टेंशन में आ गए हैं.
बंगाल में भी लागू होगा यूसीसी!
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड ( Uniform Civil Code) लागू किया जाएगा. इसकी अपनी एक प्रक्रिया होती है, जिसके बारे में विधानसभा में बताया जाएगा. लेकिन यह तय है कि जिस तरह गुजरात, उत्तराखंड और असम में यूसीसी लागू किया गया. उसी प्रक्रिया को अपनाते हुए बंगाल में भी इस कानून को लागू किया जाएगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, सुवेंदु सरकार इस सोमवार यानी 29 जून को बंगाल विधानसभा में UCC विधेयक पेश करेगी. चूंकि राज्य असेंबली में बीजेपी का बहुमत है. इसलिए इस बिल के पास में किसी तरह की कोई अड़चन नहीं है. इस बिल पर मुहर लगते ही UCC लागू करने वाला पश्चिम बंगाल चौथा राज्य बन जाएगा.
मुस्लिम समाज की कुरीतियों पर लगेगा बैन!
इससे पहले UCC उत्तराखंड, गुजरात और असम में पूरी तरह से लागू है. अब बंगाल में भी इसके लागू होने से वहां पर कट्टरपंथियों का धंधा चौपट होना तय है. इसकी वजह ये है कि समान नागरिक संहिता लागू होने से एक से ज्यादा शादियों पर रोक लग जाएगी. मुस्लिमों में कम उम्र में होने वाले बाल विवाह बैन हो जाएंगे. मुस्लिम पुरुष अपनी बीवियों को मनमर्जी से तीन तलाक नहीं दे सकेंगे. वे हलाला नहीं कर सकेंगे और लिव इन रिलेशनशिप में मनमानी पर भी ब्रेक लग जाएगा.
बताते चलें कि गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल चुनाव में प्रचार के दौरान वादा किया था कि अगर राज्य में बीजेपी जीतती है तो शपथ लेने के 6 महीने के भीतर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी. पार्टी ने राज्य के लिए जारी अपने संकल्प पत्र में इस बारे में वादा किया था. अब सत्ता में आने के बाद बीजेपी उस वादे को निभाने की तैयारी में है.
TMC को रास नहीं आ रहा फैसला लेकिन…
हालांकि मुस्लिम वोटबैंक की राजनीति करने वाली TMC को सरकार का यह फैसला रास नहीं आ रहा है. इसके बावजूद वह ज्यादा विरोध करने की स्थिति में नहीं है. इसकी वजह ये है कि सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी अपनी ताकत गंवा चुकी है. साथ ही पार्टी के अधिकतर पुराने नेता अब ममता बनर्जी से टूटकर नया गुट बना चुके हैं.






