मुंबई/स्वराज टुडे: शिवसेना (UBT) में टूट के बीच पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि अगर पार्टी के लोगों को मुझ पर भरोसा और विश्वास नहीं है, तो मैं पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने को तैयार हूं।
पार्टी के 60वें स्थापना दिवस पर मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से भावुक होकर ये बातें कहीं। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगता है कि वह शिवसेना प्रमुख पद के लिए ठीक नहीं हैं, तो वह पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘मैं किसी भी योग्य व्यक्ति को शिवसेना का अध्यक्ष बनाने के लिए तैयार हूं। मैं संघर्ष से पीछे हटने वाला नहीं हूं, लेकिन जिस दिन आपको लगे कि मैं इस जिम्मेदारी के लिए सही नहीं हूं, उसी दिन मैं यह पद छोड़ दूंगा।”
पार्टी में टूट के लिए बताई जा रही वजह पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि जब हमने 30 साल के गठबंधन के बाद भी भाजपा के साथ पार्टी का विलय नहीं किया, तो हम कांग्रेस के साथ विलय कैसे कर सकते हैं? पार्टी के छह सांसदों की बगावत के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसैनिक निराश नहीं हैं, बल्कि उनमें जोश भरा है। उन्होंने कहा,”कुछ लोग सोच रहे होंगे कि मैं टूट जाऊंगा लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में हार मानने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर मैं शिवसेना (उबाठा) कार्यकर्ताओं से नहीं मिलता या पूरे महाराष्ट्र का दौरा नहीं करता, तो हम चुनाव कैसे जीतते।
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश ‘एक पार्टी, बिना चुनाव’ की ओर बढ़ रहा है; यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की सफलता का आंकलन चुनावी नतीजों से होना चाहिए। उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री इंद्रजीत गुप्ता का जिक्र करते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने उनसे कहा था कि सत्ता से उन्हें कोई मोह नहीं है और सरकार गिर भी जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता।
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