छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: कोरबा जिले के सीमांत पंचायत पसान में सरकारी संपत्ति पर कब्जे का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुराने कांग्रेसी नेता साजिद इराकी ने ग्राम सेवक क्वार्टर एवं गोदाम पर सालों से अवैध कब्जा कर रखा है। शिकायत के ढाई महीने बाद भी प्रशासन खाली कराने में नाकाम साबित हो रहा है।
ग्रामवासी रामशरण सिंह तंवर, राजकुमार और विकास ने SDM ऑफिस पोंडी उपरोड़ा एवं तहसीलदार ऑफिस पसान में 20/02/2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि साजिद इराकी ने खसरा नंबर 180/2 में स्थित 6 डिसमिल रिकॉर्ड भूमि पर बने ग्राम सेवक आवास एवं गोदाम को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोप है कि गोदाम को तुड़वाकर वहां निजी मकान का निर्माण कराया जा रहा है।
स्टे के बाद भी निर्माण जारी
तहसीलदार पसान द्वारा मामले में स्टे ऑर्डर जारी किया गया था। इसके बावजूद ढाई महीने बीत जाने पर भी ग्राम सेवक आवास क्वार्टर को साजिद इराकी के कब्जे से खाली नहीं कराया जा सका है। निर्माण कार्य जारी रहने की बात भी सामने आ रही है।
‘नेताओं का संरक्षण’ का आरोप
आवेदनकर्ताओं का आरोप है कि साजिद इराकी पुराने कांग्रेसी नेता हैं और उन्हें पसान के बड़े नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों के अनुसार साजिद इराकी खुलेआम कहता है कि “यहां के नेताओं को हम चुनाव जितवाते हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” ढाई महीने में कार्रवाई न होना इस बात को सच साबित करता दिख रहा है।
जंगल भूमि पर कब्जा
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि खसरा नंबर 180/1, 180/2, 180/4 की 0.24 डिसमिल सम्मिलित भूमि ‘बड़े झाड़ के जंगल’ मद में दर्ज रिकॉर्ड भूमि है। सवाल उठ रहा है कि जंगल की रिकॉर्ड भूमि पर इस तरह निजी अतिक्रमण को प्रशासन कैसे स्वीकार कर रहा है।
सुशासन पर सवाल
तहसीलदार पसान और SDM पोंडी उपरोड़ा ढाई महीने में एक मकान खाली नहीं करा सके। इससे मुख्यमंत्री के ‘सुशासन तिहार’ पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि प्रशासन कब तक साजिद इराकी को संरक्षण देता रहेगा।
प्रशासन का पक्ष
इस संबंध में तहसीलदार पसान और SDM पोंडी उपरोड़ा से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

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