डॉक्टर दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर वसूले 14 करोड़ रुपए, 17 दिनों तक गिरफ्त में रहे पीड़ित, जानिए क्या है डिजिटल अरेस्ट और इससे कैसे बचें…

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नई दिल्ली/स्वराज टुडे: दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग डॉक्टर दंपति को डिजिटल अरेस्ट करके उनके साथ 14 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। इस दौरान साइबर अपराधियों ने उन्हें 17 दिन तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा और इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने इस मामले में शनिवार को एक ई-FIR दर्ज की, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने जांच भी शुरू कर दी। इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने इस वारदात को 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच अंजाम दिया। आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारियों के रूप में बताया और पीड़ित दंपति को कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।

पुलिस के मुताबिक पीड़ितों को आर्थिक रूप से पूरी तरह निचोड़ लेने के बाद आरोपियों ने उन्हें छोड़ा और 9 जनवरी को कॉल बंद किया, इसके बाद पीड़ित दंपति ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और तब जाकर इस पूरी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।

पुलिस ने बताया कि साल 2016 में अमेरिका से लौटने का बाद पीड़ित डॉक्टर दंपति ग्रेटर कैलाश इलाके में रह रहा है, और उनके बच्चे विदेश में बसे हुए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने दंपति के अकेलेपन का फायदा उठाया और उन्हें बार-बार गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते हुए धमकी दी, साथ ही इस दौरान उन्हें लगातार फोन और वीडियो कॉल पर रहने के लिए मजबूर भी किया।

जानिए क्या है डिजिटल अरेस्ट

डिजिटल अरेस्ट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी व्यक्ति को इंटरनेट या डिजिटल माध्यमों के जरिए गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने की कार्रवाई की जाती है। यह आमतौर पर साइबर अपराधों के मामलों में किया जाता है, जैसे कि ऑनलाइन धोखाधड़ी, हैकिंग, साइबर बदमाशी, या अन्य डिजिटल अपराध।

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डिजिटल अरेस्ट में अक्सर व्यक्ति के ऑनलाइन अकाउंट्स, ईमेल, सोशल मीडिया प्रोफाइल, और अन्य डिजिटल गतिविधियों की निगरानी और नियंत्रण शामिल होता है। यह कार्रवाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की जा सकती है, जो अपराधियों को पकड़ने और डिजिटल अपराधों को रोकने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हैं।

डिजिटल अरेस्ट होने पर आपको निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

1. शांत रहें : सबसे पहले, शांत रहें और घबराहट में कोई भी निर्णय न लें।
2. कानूनी सलाह लें : एक अनुभवी साइबर कानून वकील से संपर्क करें जो आपको अपने अधिकारों और विकल्पों के बारे में सलाह दे सकता है।
3. डिजिटल सबूत सुरक्षित रखें : अपने डिवाइस, ईमेल, और अन्य डिजिटल अकाउंट्स को सुरक्षित रखें और कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी को डिलीट न करें।
4. कानूनी कार्रवाई का पालन करें : कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें और उनके सवालों का जवाब दें।
5. अपने अधिकारों को जानें : डिजिटल अरेस्ट  होने की आशंका हो तो अपने अधिकारों को जानें और उनका उपयोग करें, जैसे कि तत्काल पुलिस अथवा अपने वकील से संपर्क करने का अधिकार।
6. डिजिटल सुरक्षा बढ़ाएं : अपने डिवाइस और अकाउंट्स की सुरक्षा बढ़ाएं, जैसे कि मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना और दो-कारक प्रमाणीकरण सक्षम करना।
7. सहयोग करें: कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करें और उन्हें आवश्यक जानकारी प्रदान करें।

याद रखें, डिजिटल अरेस्ट एक गंभीर मामला है, और आपको अनुभवी कानूनी सलाह लेनी चाहिए।

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दीपक साहू

संपादक

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