प्रवासी भारतीय दिवस : भारत के वैश्विक गौरव का प्रतीक कोरबा- अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह

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छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: 9 जनवरी 1915 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। उनका यह आगमन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ सिद्ध हुआ। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष 9 जनवरी को “प्रवासी भारतीय दिवस” के रूप में मनाया जाता है।
प्रवासी भारतीय दिवस का उद्देश्य विश्व के विभिन्न देशों में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों द्वारा भारत के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं तकनीकी विकास में दिए गए अमूल्य योगदान को सम्मानित करना है। प्रवासी भारतीयों ने न केवल विदेशों में भारत की पहचान, प्रतिष्ठा और संस्कृति को सुदृढ़ किया है, बल्कि निवेश, ज्ञान, कौशल एवं अनुभव के माध्यम से मातृभूमि के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
महात्मा गांधी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए प्रवासी भारतीयों ने सत्य, अहिंसा, परिश्रम और सेवा के मूल्यों को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। आज प्रवासी भारतीय समुदाय भारत और विश्व के बीच सेतु का कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर समस्त प्रवासी भारतीयों को प्रवासी भारतीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। हमें विश्वास है कि आने वाले समय में भी प्रवासी भारतीय समुदाय राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा और भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करेगा।

इस मौके पर कोरबा के समाज सेवी और वरिष्ठ अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह शहरवासियों को शुभकामनाएं प्रेषित की है।

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दीपक साहू

संपादक

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