विश्व के प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ कोरबा में भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गयी

- Advertisement -

छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: आज दिनांक 15/11/2025 विश्व के प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ कोरबा में भगवान बिरसा मुंडा की 150 में जयंती बड़े धूमधाम के साथ मनाई गयी । यहां उनके देश एवं समाज के प्रति दिए गए योगदान एवं बलिदान को याद किया गया ।

IMG 20251115 WA0080

इस अवसर पर शक्तिपीठ के सभागार में आदिवासी जनजाति गौरव दिवस को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सबसे पहले इस परंपरा की शुरुवात छत्तीसगढ़ में शक्तिपीठ के माध्यम से विशाल रैली एवं कार्यक्रम के माध्यम से मनाने का प्रचलन एवं शुरूआत किया गया । अपने आदिवासी योद्धाओं जिन्होंने सन 1766 से लेकर 1899 एवं सन 1900 तक लगातार अलग-अलग नाम से मुगल एवं अंग्रेजों के खिलाफ अपनी सांस्कृतिक विरासत अपनी परंपरा जल जंगल जमीन एवं मानवीय मूल्यों सहित पर्यावरण संरक्षण के अन्य शोषण के खिलाफ बगावत कर मुगलों एवं अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए ।

IMG 20251115 WA0078

इसमें प्रमुख रूप से चुवाड़ विद्रोह, संथाल विद्रोह, कोल विद्रोह,हो विद्रोह, तेलंग खड़िया विद्रोह, भूम काल विद्रोह, मुंडा विद्रोह, कनक अनेक ईसवी सन एवं तारीखों पर लगातार आंदोलन हुए इसलिए आदिवासी योद्धाओं को एवं इन विद्रोहों को राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन के अग्रदूत इन्ही आदिवासी योद्धाओं को कहा गया।

इसी तारतम्य में राजस्थान मेवाड़ के भील योद्धा को भी याद किया गया एवं हल्दीघाटी के युद्ध में 18 जून 1576 को जब मेवाड़ की सेना, अकबर की सेना के बीच युद्ध में फंस गई जिसमें वीर योद्धा महाराणा प्रताप जी हल्दीघाटी के युद्ध में जब उनके अपनों ने ही साथ छोड़ दिया तब उस समय के वीर योद्धा एवं गोरिल्ला युद्ध के जनक राणा पूंजा भील एवं उनकी सेना ने महाराणा प्रताप जी का साथ देते हुए अकबर के द्वारा किए जा रहे आक्रमण को ध्वस्त कर दिया। उन्हें भी आज के दिवस पर याद किया गया।

यह भी पढ़ें :  डाॅ एमएम जोशी, डाॅ संदीप शुक्ला, डाॅ अवंतिका कौशिल, रामकुमार श्रीवास व मनीष पटेल समेत केंद्रीय अध्ययन मंडल में कोरबा के 10 प्राध्यापक

आदिवासियों का इतिहास पराक्रमी स्वाभिमानी एवं सहृदयी रहा है जिन्होंने देश के आजादी से पहले एवं आजादी के बाद भी देश के खातिर अपना जीवन कुर्बान कर दिया ।

इस अवसर पर इस गौरवशाली संगोष्ठी में शक्तिपीठ के संरक्षक आदिवासी साहित्य एवं संस्कृति परंपरा के जानकार श्री मोहन सिंह प्रधान, श्री रघुवीर मार्को उपाध्यक्ष श्री निर्मल सिंह राज , संगठन प्रमुख श्री रमेश सिरका कोषाध्यक्ष गेंदलाल सिदार, महासचिव श्री एमपी सिंह तंवर महिला प्रभात प्रमुख श्रीमती कृष्णा राजेश सुनीता सिरका अगरिया समाज के समाज प्रमुख एवं शंभू शक्तिसेना के पदाधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत शक्तिपीठ के संरक्षक श्री मोहन सिंह प्रधान ने बिरसा मुंडा जी के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर प्रारंभ किया।  कार्यक्रम का संचालन शक्तिपीठ के उपाध्यक्ष श्री निर्मल सिंह राज ने किया।

यह भी पढ़ें: भीषण अग्निकांड में एक ही परिवार के 10 लोग जिंदा जले, 5 की दर्दनाक मौत, 4 की हालत बेहद नाजुक

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, फर्जी तरीके से सरकारी योजना का लाभ उठा रहे 10 हज़ार से ज़्यादा लोगों का राशन कार्ड रद्द, अनेक लोगों पर FIR दर्ज

यह भी पढ़ें: सनातन एकता पदयात्रा के दौरान पं धीरेंद्र शास्त्री की तबियत बिगड़ी, फेफडों में धूल भर जाने से सांस लेने में आई दिक्कत

दीपक साहू

संपादक

- Advertisement -

Must Read

- Advertisement -

Related News

- Advertisement -