छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने निजी वाहनों पर लगाए जा रहे टोल टैक्स को आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए इसे तत्काल समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक पहले ही सड़क निर्माण एवं रखरखाव के लिए सड़क कर, वाहन पंजीयन शुल्क एवं ईंधन पर लगाए जाने वाले विभिन्न करों का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद निजी वाहनों से बार-बार टोल टैक्स वसूलना दोहरी कराधान व्यवस्था के समान है।
श्री सिंह ने कहा कि निजी वाहन आमतौर पर व्यक्तिगत एवं पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए उपयोग किए जाते हैं, न कि व्यावसायिक लाभ अर्जित करने के लिए। ऐसे में इन पर टोल टैक्स लगाना मध्यम वर्ग एवं आम नागरिकों की जेब पर अनावश्यक अतिरिक्त बोझ डालता है।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि कोरबा से रायपुर की यात्रा के दौरान निजी वाहन चालकों को चार अलग-अलग टोल प्लाजाओं पर चार बार टोल शुल्क का भुगतान करना पड़ता है, जिससे एक सामान्य यात्रा भी महंगी हो जाती है। यह व्यवस्था आम नागरिकों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों, विद्यार्थियों तथा आवश्यक कार्यों से आने-जाने वाले लोगों के लिए आर्थिक रूप से कष्टदायक है।
अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की है कि निजी वाहनों को टोल टैक्स से पूर्णतः मुक्त करने अथवा कम से कम निजी वाहनों के लिए एकमुश्त वार्षिक पास जैसी राहतकारी व्यवस्था लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से भी इस जनहित के मुद्दे पर आगे आने और व्यापक जनचर्चा प्रारंभ करने का आह्वान किया है।

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