उत्तरप्रदेश
हरदोई/स्वराज टुडे: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की एक चिंताजनक खबर सामने आई है। इस घटना ने तब और अधिक तूल पकड़ लिया जब यह जानकारी मिली कि ट्रेन के उसी कोच में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे।
वाराणसी से मेरठ जा रही थी वंदे भारत एक्सप्रेस
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार दोपहर लगभग 3:20 बजे उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में कौड़ा गांव (बलोखर रेलवे क्रॉसिंग) के पास हुआ। जहां वाराणसी से मेरठ जा रही इस सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन के कोच C-4 की खिड़की पर एक पत्थर आकर लगा। इससे खिड़की का बाहरी कांच चटक गया। गनीमत यह रही कि पत्थर केवल बाहरी कांच तक सीमित रहा और किसी भी यात्री को चोट नहीं आई। संघ प्रमुख मोहन भागवत भी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जांच में क्या निकलकर आया?
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। सिटी सर्किल ऑफिसर अंकित मिश्रा के अनुसार, ट्रैक के पास 8 से 13 साल के कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। अंदेशा है कि खेल के दौरान ही किसी बच्चे ने ट्रेन की ओर पत्थर फेंका। आरपीएफ ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 (यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारी अभी इस बात की पुष्टि करने में जुटे हैं कि यह बच्चों की शरारत थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी।
मोहन भागवत का मेरठ दौरा
इस घटना के बाद संघ प्रमुख के सुरक्षा घेरे को और कड़ा कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि 20 फरवरी को मेरठ में एक बड़ी जनसभा का आयोजन होगा, जिसमें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के नामी खिलाड़ी और गणमान्य हस्तियां शामिल होंगी। वहीं 21 फरवरी को प्रवास के दूसरे दिन वे सामाजिक संवाद और अन्य संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
रेलवे सुरक्षा और जागरूकता
वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों पर पत्थरबाजी की बढ़ती घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बन गई हैं। रेलवे ने अपील की है कि पटरियों के आसपास बच्चों को खेलने न दें। ट्रेन पर पत्थर फेंकना एक दंडनीय अपराध है, जिसमें जेल की सजा भी हो सकती है। रेलवे संपत्ति की सुरक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी के लिए कौन जिम्मेदार ?
वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करना मुश्किल है, लेकिन कुछ कारण हो सकते हैं:
● शरारती तत्व: कुछ लोग शरारत में पत्थरबाजी कर सकते हैं।
● असामाजिक तत्व: कुछ लोग ट्रेन को नुकसान पहुंचाने के लिए पत्थरबाजी कर सकते हैं, जिन्हें देश को तरक्की फूटी आंख नहीं सुहा रही है। यहां ये बताना भी लाजिमी है कि पूर्व में कुछ धर्म विशेष के लोगों की भी गिरफ्तारियां हुई है।
● बच्चों की शरारत: कुछ बच्चे खेल-खेल में पत्थरबाजी कर सकते हैं।
● रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोग: कुछ लोग रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोग पत्थरबाजी कर सकते हैं ।
रेलवे प्रशासन ने पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे कि:
* सीसीटीवी कैमरे लगाना
* रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा बढ़ाना
* असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करना
* लोक जागरूकता अभियान चलाना
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