उत्तरप्रदेश
अयोध्या/स्वराज टुडे: अयोध्या के राम मंदिर में प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई बदलाव किए गए हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ जितेंद्र मिश्र ने परिसर में कर्मचारियों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी है. वहीं, रामलला के दर्शन के लिए हर दिन जारी होने वाले VIP पास की संख्या भी 1,800 से बढ़ाकर 3500 कर दी गई है. पास की संख्या बढ़ाने का नया सिस्टम बीते शनिवार से लागू हो गया है.
कर्मचारियों की एंट्री के लिए रजिस्टर अनिवार्य
सीईओ जितेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर में एंट्री करने वाले कर्मचारियों के लिए नियम सख्त किए हैं. अब सिर्फ आई कार्ड दिखाने से यात्री सुविधा केंद्र (PFC) में प्रवेश नहीं मिल रहा है. कर्मचारियों को निर्धारित स्थानों पर रजिस्टर में अपना नाम, मोबाइल नंबर, आने का मकसद, एंट्री टाइम और जिम्मेदारी जैसी जानकारियां दर्ज करनी पड़ रही हैं. चढ़ावे की गिनती से जुड़े कमरे में अनधिकृत कर्मचारियों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है. पीएफसी स्थित सीईओ के कार्यालय में जाने के लिए भी रजिस्टर में डिटेल दर्ज करना अनिवार्य है.
मोबाइल ले जाने और रील बनाने पर निगरानी
नए सिस्टम के तहत आम कर्मचारियों के मोबाइल फोन लेकर परिसर में जाने पर पाबंदी लगाई गई है, जबकि संबंधित प्रभारियों को छूट दी गई है. सीईओ कर्मचारियों के साथ बैठकें कर चुके हैं और व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों को बुलाकर निर्देश दे रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक मंदिर परिसर में मोबाइल फोन से रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने वाले ट्रस्ट के दो कर्मचारियों को भी तलब किया गया था. उन्हें इस संबंध में सख्त हिदायत दी गई. गर्भगृह के दृश्य रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने को लेकर भी निगरानी बढ़ाई गई है. ये बदलाव चंदे की गिनती से जुड़ी चोरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक निगरानी मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों का हिस्सा बताए जा रहे हैं.
VIP पास की संख्या 3500 हुई
दूसरी तरफ रामलला के दर्शन के लिए हर दिन जारी किए जाने वाले VIP पास की संख्या बढ़ाकर 3500 कर दी गई है. इससे पहले रोजाना 1800 पास जारी होते थे. ट्रस्ट के व्यवस्था प्रमुख इंद्रदेव तिवारी ने इस फैसले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और विशिष्ट व्यक्तियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. फिल्मी हस्तियों और राजनीतिक नेताओं सहित कई प्रमुख लोग रामलला के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. हालांकि VIP पास जारी करने की मौजूदा प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है. ट्रस्ट को उम्मीद है कि पास की संख्या बढ़ने से खास लोगों के दर्शन की व्यवस्था बेहतर तरीके से संचालित हो सकेगी.
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