पश्चिमी दिल्ली/स्वराज टुडे: निहाल विहार के लक्ष्मी पार्क में सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की हत्या के मामले में एक अहम जानकारी सामने आई है। स्वजन का कहना है कि वारदात से ठीक पहले विनय की पत्नी रेखा ने घर में लगे CCTV कैमरे बंद कर दिए थे। इसके कुछ देर बाद रेखा के मायके से उसके पिता, दोनों भाई समेत छह लोग घर पहुंचे और विनय के साथ मारपीट की। इस पूरी घटना की अवधि करीब 12 मिनट बताई जा रही है।
पड़ोसी के CCTV कैमरे में आरोपितों के घर में प्रवेश करने और वारदात के बाद बाहर निकलने की गतिविधियां रिकाॅर्ड हुई हैं। फुटेज के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 1:12 बजे रेखा के भाई, भाभी, पिता और चाचा घर पहुंचे।
इसके करीब 12 मिनट बाद 1:24 बजे पड़ोसी पिटाई से बेसुध विनय को कंधे पर उठाकर घर से बाहर लाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने पत्नी रेखा, उसके दो भाइयों और पिता समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।
बच्चे को दवाई लगाने को लेकर हुआ था विवाद
31 वर्षीय विनय नोएडा स्थित एडोबी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। उसका सालाना पैकेज करीब 60 लाख रुपये था। करीब साढ़े तीन वर्ष पहले उसकी शादी बुध विहार निवासी रेखा से हुई थी। साढ़े चार माह पहले दोनों जुड़वां बच्चों के माता-पिता बने थे। इनमें एक बेटा और एक बेटी है।
विनय और रेखा पिछले करीब दो वर्ष से लक्ष्मी पार्क स्थित मकान की तीसरी मंजिल पर अलग रह रहे थे। परिवार के अनुसार, रेखा खाना भी अलग बनाती थी और सास से उसका अक्सर विवाद होता था।
विनय की मां के अनुसार, शुक्रवार को बच्चे को दवाई लगाने को लेकर विनय और रेखा के बीच मामूली विवाद हुआ था। विनय ने रेखा से ऊंची आवाज में बात की, जिससे वह नाराज हो गई।
इसके बाद वह घर से चली गई। मां के मुताबिक, करीब 10 मिनट बाद रेखा अपने पिता, दोनों भाइयों, बड़ी भाभी और चाचा समेत छह लोगों के साथ घर पहुंची।
घर पहुंचते ही विनय के साथ शुरू कर दी मारपीट
विनय की मां का आरोप है कि वह अपने ससुराल वालों के लिए पानी लेकर आया था, लेकिन सभी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि विनय का गला दबाया गया और उसकी छाती पर हाथ-पैर से वार किए गए। पिटाई से विनय बेसुध होकर कमरे में गिर पड़ा।
मां ने उसे बचाने की कोशिश की तो आरोप है कि रेखा ने उनकी बांह पकड़कर उन्हें दूर कर दिया। उस समय विनय के पिता और बहन घर से बाहर गए हुए थे।
परिवार का आरोप है कि घर में घुसते ही रेखा के भाई और पिता ने विनय से कोई बातचीत नहीं की। उन्होंने पत्नी के साथ हुए झगड़े का कारण जानने की कोशिश भी नहीं की और रेखा की बातों पर विश्वास कर सीधे विनय से बदसलूकी शुरू कर दी। विरोध करने पर उसकी पिटाई की गई।
पड़ोसी कंधे पर उठाकर ले गया अस्पताल
आरोपितों के वहां से भागने के दौरान पड़ोसियों ने कुछ लोगों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। विनय की हालत इतनी खराब थी कि वह खुद उठ नहीं पा रहा था। मां के कहने पर पड़ोस का एक युवक उसे कंधे पर उठाकर अस्पताल ले गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
CCTV फुटेज में पड़ोसी द्वारा बेसुध विनय को कंधे पर उठाकर अस्पताल ले जाते हुए भी देखा जा रहा है।
परिवार ने लगाया पहले से साजिश रचने का आरोप
विनय के परिवार का आरोप है कि वारदात की पहले से साजिश रची गई थी। उनका कहना है कि रेखा ने घटना से ठीक पहले घर के CCTV कैमरे बंद कर दिए थे। हालांकि, पड़ोसी के कैमरे में ससुराल वालों के आने और जाने की गतिविधियां रिकॉर्ड हो गईं।
परिवार का आरोप है कि छोटे-छोटे विवाद पर रेखा अपने मायके वालों को बुलाती थी और वे विनय को सबक सिखाने तथा हत्या तक की धमकी देते थे।
पुलिस ने पत्नी रेखा, उसके पिता ज्ञान चंद्र जिंदल और दो भाइयों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। परिवार ने कुल छह लोगों पर आरोप लगाया है। इनमें राजकुमार जिंदल की पत्नी पूनम, दूसरा भाई सोनू और एक चाचा भी शामिल हैं। पुलिस CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
इंजीनियर की हत्या, मात्र 12 मिनट में पूरी हुई वारदात
मिले CCTV फुटेज के अनुसार, विनय के साथ हुई मारपीट की पूरी घटना करीब 12 मिनट की है।
- दोपहर 1:12 बजे: रेखा के भाई, भाभी, पिता और चाचा घर पहुंचे।
- इसके बाद: परिवार के अनुसार, घर में पहुंचते ही विनय के साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
- दोपहर 1:24 बजे: विनय की मां द्वारा सहायता के लिए बुलाए जाने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे।
- 1:24 बजे के आसपास: पड़ोसी पिटाई से बेसुध विनय को उठाकर घर से बाहर लाते हुए CCTV में दिखाई दिए।
- इसके बाद पड़ोसी उसे कंधे पर उठाकर अस्पताल ले गया।
विनय की मां का आरोप है कि घर में घुसते ही रेखा के भाई और पिता ने विनय से कोई बात नहीं की। उन्होंने पत्नी के साथ झगड़े का कारण तक जानना नहीं चाहा और रेखा की कही हुई बातों पर विश्वास कर सीधे विनय से बदसलूकी शुरू कर दी।
विरोध करने पर उसकी पिटाई की गई। मां का कहना है कि उन्हें और उनके बेटे को कुछ कहने तक का मौका नहीं दिया गया।

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