44 छात्राओं से प्रारंभ हुई शैक्षणिक यात्रा आज लगभग 1000 विद्यार्थियों तक पहुँची 04 कमरों से 70 सुसज्जित कक्षों तक का गौरवपूर्ण विस्तार—,
कोरबा/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा शहर के हृदय स्थल में स्थित एवं अग्रवाल सभा, कोरबा द्वारा संचालित श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय, कोरबा का स्थापना दिवस समारोह आज दिनांक 20 अगस्त 2026 को महाविद्यालय परिसर में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। शिक्षा, संस्कार, महिला सशक्तिकरण और व्यक्तित्व निर्माण के क्षेत्र में महाविद्यालय की गौरवशाली यात्रा को स्मरण करते हुए स्थापना दिवस समारोह में महाविद्यालय की उपलब्धियों, विकास यात्रा तथा भविष्य की शैक्षणिक संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
महाविद्यालय की स्थापना 20 अगस्त 1999 को हुई थी। स्थापना के समय मात्र 44 विद्यार्थियों तथा 04 कमरों से प्रारंभ हुई यह संस्था आज निरंतर प्रगति करते हुए लगभग 1000 विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रही है। वर्तमान में महाविद्यालय परिसर में लगभग 70 सुसज्जित एवं सुविधायुक्त कक्ष उपलब्ध हैं। यह विकास यात्रा महाविद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य, प्राध्यापकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा अग्रवाल सभा के निरंतर सहयोग और समर्पण का प्रतिफल है।
इन अतिथियों की रही गरिमामय उपस्थिति


समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री जयसिंह अग्रवाल जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री बजरंग अग्रवाल जी, अध्यक्ष, अग्रवाल सभा, कोरबा ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. छेदीलाल अग्रवाल जी, जो महाविद्यालय शिक्षण समिति के प्रथम अध्यक्ष रहे हैं, उपस्थित रहे।
समारोह में अग्रवाल सभा, कोरबा के पूर्व अध्यक्षगण एवं पदाधिकारीगण की गरिमामय उपस्थिति रही। इनमें श्री राम सिंह अग्रवाल जी, श्री महावीर प्रसाद अग्रवाल जी, श्री नागरमल अग्रवाल जी, श्री राजकुमार अग्रवाल जी, श्री श्रीकांत बुधिया जी एवं श्री राजेन्द्र अग्रवाल जी सहित श्री शिव अग्रवाल जी, सचिव, अग्रवाल सभा, कोरबा, श्री गोपाल अग्रवाल जी, अध्यक्ष, महाविद्यालय शिक्षण समिति, अग्रवाल सभा के उपाध्यक्ष श्री महावीर केडिया जी, स्कूल शिक्षण समिति के अध्यक्ष श्री विक्रम अग्रवाल जी, हरस्वरूप अग्रवाल जी, श्रीमती संगीता अग्रवाल जी, श्री आशीष खेतान जी, श्री अखिलेश अग्रवाल जी, युवा मंडल के अध्यक्ष श्री प्रियम अग्रवाल जी, गौ सेवा समिति के अध्यक्ष श्री जयंत अग्रवाल जी, महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शशि अग्रवाल जी, एवं मीडिया प्रभारी श्री कीर्ति अग्रवाल जी तथा डॉ. मनोज कुमार झा, प्राचार्य, श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
माँ सरस्वती एवं महाराजा अग्रसेन के पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ


समारोह का शुभारंभ प्रातः लगभग 10:30 बजे अतिथियों के तिलक लगाकर पारंपरिक स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों ने माँ सरस्वती एवं महाराजा अग्रसेन की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धा एवं सम्मान अर्पित किया। अतिथियों के सभागार में आगमन एवं मंचस्थ होने के पश्चात वैदिक एवं मंगलमय वातावरण में दीप प्रज्वलन किया गया।
दीप प्रज्वलन के माध्यम से ज्ञान, शिक्षा और संस्कार के प्रकाश को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया। इसके पश्चात महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। छात्राओं के स्वागत गीत ने समारोह में उपस्थित अतिथियों एवं समस्त जनों का हृदय से स्वागत किया।
अतिथियों का आत्मीय एवं पारंपरिक सम्मान
समारोह में उपस्थित अतिथियों का महाविद्यालय परिवार की ओर से पुष्पगुच्छ, शाल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया। अतिथियों के सम्मान के दौरान महाविद्यालय की स्थापना एवं विकास में उनके योगदान तथा अग्रवाल सभा एवं शिक्षण समिति की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
महाविद्यालय परिवार ने इस अवसर पर संस्था के संस्थापकों, पूर्व पदाधिकारियों एवं उन सभी व्यक्तित्वों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, जिनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से महाविद्यालय ने अपनी विकास यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाया है।
शिक्षा के साथ संस्कार एवं व्यक्तित्व निर्माण पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. मनोज कुमार झा, प्राचार्य, श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय ने महाविद्यालय की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य केवल छात्राओं को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञान, संस्कार, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं आत्मनिर्भरता से युक्त बनाना है।
उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहभागिता तथा संस्था द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आने वाले समय में महाविद्यालय को शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचार के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके पश्चात श्री गोपाल अग्रवाल जी, अध्यक्ष, महाविद्यालय शिक्षण समिति ने संस्था की विकास यात्रा एवं प्रबंधन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए महाविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री बजरंग अग्रवाल जी, अध्यक्ष, अग्रवाल सभा, कोरबा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी शिक्षण संस्था की वास्तविक सफलता उसके विद्यार्थियों की उपलब्धियों से मापी जाती है। उन्होंने छात्राओं को निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
संस्था के प्रथम अध्यक्ष का विशेष संबोधन
समारोह के विशिष्ट अतिथि डॉ. छेदीलाल अग्रवाल जी, जो महाविद्यालय शिक्षण समिति के प्रथम अध्यक्ष रहे हैं, ने महाविद्यालय की स्थापना के प्रारंभिक दिनों को स्मरण करते हुए संस्था की विकास यात्रा पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि 44 विद्यार्थियों और चार कमरों से शुरू हुई संस्था का लगभग 1000 विद्यार्थियों तथा 70 सुविधायुक्त कमरों तक पहुँचना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
उन्होंने संस्था से जुड़े सभी पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसी शिक्षण संस्था का निर्माण केवल भवनों से नहीं, बल्कि दूरदृष्टि, समर्पण, अनुशासन और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से होता है।
मुख्य अतिथि ने छात्राओं को किया प्रेरित

मुख्य अतिथि श्री जयसिंह अग्रवाल जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने अपने संबोधन में महाविद्यालय की गौरवपूर्ण उपलब्धियों के लिए प्रबंधन, प्राचार्य, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिला शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिलाओं में से एक है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम न मानकर आत्मनिर्भरता, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण का साधन बनाएं। उन्होंने छात्राओं को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने तथा बदलते समय के अनुरूप नई तकनीक और ज्ञान को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने महाविद्यालय की स्थापना से वर्तमान तक की यात्रा को संस्था के प्रति समाज के विश्वास और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त विद्यार्थियों का सम्मान


स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विगत शैक्षणिक वर्ष में विभिन्न संकायों में प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करते हुए अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। मेधावी छात्राओं को सम्मानित किए जाने से समारोह का वातावरण विशेष रूप से उत्साहपूर्ण हो गया। महाविद्यालय परिवार ने कहा कि ऐसे सम्मान विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रदर्शन की भावना को बढ़ावा देते हैं।
सम्मानित अतिथियों को स्मृतिचिह्न भेंट
समारोह के दौरान महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि श्री जयसिंह अग्रवाल जी, विशिष्ट अतिथि डॉ. छेदीलाल अग्रवाल जी तथा कार्यक्रम अध्यक्ष श्री बजरंग अग्रवाल जी को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह स्मृतिचिह्न महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता एवं आत्मीयता का प्रतीक रहा।
रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने शमा बांधा


समारोह के औपचारिक सत्र के पश्चात छात्राओं द्वारा आकर्षक एवं संदेशपरक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, नशा मुक्ति पर आधारित सामाजिक जागरूकता नाटक तथा कश्मीरी नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
छत्तीसगढ़ी नृत्य के माध्यम से प्रदेश की लोक संस्कृति एवं परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत की गई। वहीं नशा मुक्ति पर आधारित नाटक के माध्यम से छात्राओं ने समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, नशामुक्त एवं जिम्मेदार समाज का संदेश दिया। कश्मीरी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता की भावना को अभिव्यक्त किया। छात्राओं की प्रस्तुतियों को उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने खूब सराहा तथा उनका उत्साहवर्धन किया।
आभार एवं राष्ट्रभक्ति के साथ हुआ समारोह का समापन


समारोह के अंत में श्री दीपक कुमार जी, सचिव, श्री अग्रसेन शिक्षण समिति, महाविद्यालय द्वारा अतिथियों, अग्रवाल सभा के पदाधिकारियों, शिक्षण समिति, प्राचार्य, प्राध्यापकों, कर्मचारियों, छात्राओं एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की यह गौरवशाली यात्रा किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि संस्था से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के सामूहिक समर्पण और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में भी महाविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का विश्वास व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत ‘वन्दे मातरम्’ एवं राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इसके पश्चात सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों को स्नेहपूर्वक भोजन हेतु आमंत्रित किया गया।
गौरव से भविष्य की ओर
श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय, कोरबा की 27 वर्षों की यह यात्रा केवल संख्या और भवनों के विस्तार की कहानी नहीं है, बल्कि यह नारी शिक्षा, आत्मनिर्भरता, संस्कार, सामाजिक चेतना और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की कहानी है।
20 अगस्त 1999 को 44 विद्यार्थियों और 04 कमरों से प्रारंभ हुई यात्रा आज लगभग 1000 विद्यार्थियों और 70 सुसज्जित कमरों तक पहुँच चुकी है। यह उपलब्धि महाविद्यालय परिवार, अग्रवाल सभा, महाविद्यालय शिक्षण समिति, पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों, छात्राओं एवं अभिभावकों के सामूहिक विश्वास और परिश्रम का परिणाम है।
महाविद्यालय आने वाले वर्षों में भी “ज्ञान, संस्कार और आत्मनिर्भरता” के मूल उद्देश्य के साथ छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हुए समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।समारोह का सफल संचालन प्रो. रुचिका कल्ला द्वारा किया गया।
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