छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन कोसाबाड़ी आरपी नगर फेस-1 के दशहरा मैदान में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हर साल की तरह इस बार भी दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव समिति द्वारा दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव मनाने के लिए जबरदस्त तैयारी की गई है ।
माँ चंद्रघंटा की विधिवत पूजा अर्चना कर लोगों ने मांगा आशीर्वाद


सुसज्जित आकर्षक पंडाल में विराजित माँ दुर्गा का दर्शन करने न केवल शहर बल्कि उपनगरीय क्षेत्र से भी श्रद्धालुगण दशहरा मैदान पहुंच रहे हैं। नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में से माँ चंद्रघंटा की विधिवत पूजा अर्चना कर लोगों ने अपने परिवार और देश में सुख, शांति और समृद्धि के लिए उनसे आशीर्वाद मांगा ।
मैदान में डांडिया – गरबा की जबरदस्त धूम



नवरात्र के प्रथम दिन से चल रहा गरबा- डांडिया का कार्यक्रम आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है । रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक परिधानों, माता रानी के भजनों और डांडिया की खनक के बीच पूरा माहौल भक्तिमय और उत्सवमय नजर आता है। वहीं प्रतिभागियों की भक्ति और उत्साह देखते ही बनता है । पूजा समिति द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को हर दिन आकर्षक पुरस्कार देकर उन्हें सम्मानित भी किया जा रहा है।
दशहरा मैदान में लगे हैं अलग-अलग तरह के 30 स्टॉल


यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रतिष्ठानों एवं संस्थाओं द्वारा 30 स्टॉल लगाए गए हैं। स्वच्छता और शुद्धता के साथ लगे जलपान स्टॉल में लोग तरह-तरह के व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे हैं।
नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए तरह-तरह के झूलों की व्यवस्था




दुर्गा पूजा और दशहरा उत्सव के मद्देनजर कोसाबाड़ी दशहरा मैदान में मेले जैसा माहौल देखा जा रहा है । जलपान के अलावा यहां कई तरह के झूले लगाए गए हैं । नन्हे मुन्ने बच्चे इन झूलों का जमकर आनंद उठा रहे हैं।
मैदान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम


कोरबा जिले की सबसे बड़ी पूजा समिति और विशाल दशहरा मैदान में भव्य आयोजन के चलते यहां लोगों की अच्छी खासी भीड़ जुट रही है । लिहाजा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना भी समिति की अहम जिम्मेदारी होती है। इसके लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं । साथ ही समिति के सदस्यों के अलावा निजी बाउंसर भी पूरे मैदान में मुस्तैद नजर आते हैं।


सम्पूर्ण कार्यक्रम पूजा समिति के अध्यक्ष विवेक पांडेय के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है जिसमें समिति के सभी सदस्यों को अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई है, जिसके परिपालन में सभी सदस्य अपना अहम योगदान दे रहे हैं।
यह भी पढ़ें: गाय पालना फायदे का सौदा या भैंस? डेयरी शुरू करने से पहले समझें कमाई का गणित
यह भी पढ़ें: IND vs WI: इन 3 गलतियों के कारण 249 रन बनाकर भी हार गई टीम इंडिया

Editor in Chief

