कोलकाता/स्वराज टुडे: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सोमवार को दूसरी कैबिनेट बैठक में सरकार ने धर्म के आधार पर दी जाने वाली सरकारी मदद को बंद करने का फैसला लिया है. ये फैसला 1 जून से लागू होगा. इसका मतलब हुआ कि 1 जून से बंगाल में इमामों-मुअज्जिनों को मिलने वाला भत्ता, अल्पसंख्यक छात्रों का वजीफा और पुजारियों का मानदेय बंद हो जाएगा.
ममता बनर्जी की सरकार में इन सारी योजनाओं को शुरू किया गया था. ममता सरकार में इमामों को हर महीने 3,000 रुपये, मुअज्जिनों और पुजारियों को 1,500 रुपये का भत्ता मिलता था. अल्पसंख्यक छात्रों को भी पढ़ाई के लिए वजीफा दिया जाता था. ये सब 1 जून से बंद हो जाएगा.
कौन-कौन सी योजनाओं पर पड़ेगा असर?
ममता सरकार में इमामों को मासिक भत्ता मिलता था. 2023 में ममता सरकार ने इस भत्ते को बढ़ाकर 3 हजार रुपये किया था. अब यह योजना बंद हो जाएगा. 2012 से इमामों को भत्ता मिल रहा था. इमामों के अलावा मुअज्जिनों को मिलने वाला मासिक भत्ता भी 2023 में बढ़ाकर 1,500 रुपये किया गया था. मुअज्जिन नमाज के लिए अजान देने वाले को कहा जाता है.
ममता सरकार में मंदिरों के पुजारियों और पुरोहितों को भी हर महीने भत्ता मिलता था. पुरोहितों और पुजारियों को हर महीने 1,500 रुपये मिलते थे. अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति देने के मकसद से ममता सरकार में ऐक्यश्री योजना शुरू की गई थी. इसमें मुस्लिमों के अलावा ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी छात्र भी शामिल थे. योजना के तहत स्कूल से लेकर PhD तक स्कॉलरशिप मिलती थी. इस योजना में छात्रों को 11 हजार से 33 हजार रुपये तक की स्कॉलरशिप मिलती थी.
कैबिनेट बैठक में दो बड़े फैसले
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार के दौरान फंड डिस्ट्रीब्यूशन में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया गया है. उन्होंने बताया कि टीएमसी की सरकार में कथित तौर पर किए संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए रिटायर्ड जज जस्टिस बिस्वजीत दास की अगुवाई में एक जांच आयोग बनाया गया है.
इसके अलावा महिलाओं पर अत्याचार के मुद्दे को लेकर भी एक कमेटी बनाई गई है. सीएम शुभेंदु ने बताया कि रिटायर्ड जस्टिस समापति चटर्जी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है. इस कमेटी में आईपीएस दमयंती सेन सदस्य सचिव होंगी. राज्य में महिलाओं के खिलाफ हुए अत्याचारों से जुड़े सभी मामलों की जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि एक महीने के भीतर रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है.
और क्या-क्या फैसले लिए गए?
पश्चिम बंगाल में 9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. पहली कैबिनेट बैठक में उन्होंने 6 बड़े फैसले लिए थे. अब सोमवार को दूसरी कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं.
दूसरी कैबिनेट मीटिंग में 1 जून से बंगाल में अन्नपूर्णा योजना लागू करने का फैसला लिया गया है. इसके तहत महिलाओं को 3 हजार रुपये की मदद मिलेगी. साथ ही महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी मिलेगी.
महिला और बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि नागरिकता कानून (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वालीं और वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए ट्रिब्यूनल में आवेदन करने वालीं महिलाओं को भी अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलेगा.
उन्होंने बताया कि सरकार ने 7वें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही सरकार ने ओबीसी लिस्ट भी कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार रद्द कर दी है और आरक्षण पात्रता तय करने के लिए एक जांच कमेटी गठन करने का फैसला लिया है.
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