उत्तरप्रदेश
कासगंज/स्वराज टुडे: कहते हैं सच्ची मोहब्बत करने वाले हमेशा साथ निभाते हैं। फिर चाहे महिला हो या पुरुष। इनमें से किसी एक का भी साथ छूटता है तो दूसरा भी जी नहीं पाता। ऐसा ही मामला यूपी के कासगंज जिले से सामने आया है। यहां के रहने वाले दंपति के बीच अटूट प्रेम था। दोनों एक-दूसरे के बगैर रह नहीं पाते थे। पत्नी की अचानक से मौत हो गई तो ये सदम पति सह नहीं पाया। पत्नी की मौत के गम में पांच घंटे बाद ही पति ने भी दुनिया से प्राण त्याग दिए। एक ही परिवार से दो लोगों की अर्थी उठी तो हर आंख से आंसू छलक पड़े।
मामला कासगंज शहर के मोहल्ला मोहन गली कायस्थान का है। यहां एक परिवार में गुरुवार सुबह साढ़े छह बजे रामवती देवी की मृत्यु हो गई। परिवार में कोहराम मच गया। इधर परिवार के सदस्य एक दूसरे को ढांढस बंधाने में लग गए। रिश्तेदारों का आना शुरू हो गया। रामवती देवी की शवयात्रा की परिवार के लोग तैयारी में लगे थे, तभी करीब साढ़े ग्यारह बजे रामवती देवी के पति जगदीश प्रसाद गुप्ता की तबीयत बिगड़ी। परिजन अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके पुत्र समाजसेवी अमित गुप्ता बाबा ने यह जानकारी देते हुए अपने परिवार पर आए संकट के बारे संदेश साझा किया। एक ही घर से एक साथ दो लोगों की अर्थी उठी तो हर आंख रो पड़ी।
पत्नी की मौत से टूट गया था पति
शादी के समय जीवन भर साथ निभाने का वचन लेने वाले दंपति ने जिंदा रहते एक-दूसरे का साथ दिया। पत्नी की जब मौत हुई तो पति अपनी पत्नी की जुदाई बर्दाश्त नहीं कर पाया। घर में चीख-पुकार मची थी, लेकिन पति अपनी पत्नी की मौत के गम में अंदर ही अंदर घुटता चला गया। वह किसी से कुछ कह तो नहीं पाए लेकिन जीवन साथी के अचानक साथ छोड़ जाने से पूरी तरह से टूट गए और आखिरकार खुद भी प्राण त्याग दिए।
दो घंटे भी बर्दाश्त नहीं हुई जुदाई, पत्नी की मौत के बाद बुजुर्ग ने भी तोड़ा दम
कुछ दिन पहले ऐसा ही मामला बुलंदशहर से भी सामने आया था। अहार क्षेत्र के गांव पौटा बादशाहपुर में वृद्ध दंपति की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया था। 72 वर्षीय सुखपाल सिंह और उनकी 65 वर्षीय पत्नी होशियारी देवी लंबे समय से बीमार थे। सुखपाल सिंह का इलाज बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जबकि होशियारी देवी को कुछ दिन पूर्व सिर में तेज दर्द की शिकायत के चलते पहले बुलंदशहर और बाद में दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद शुक्रवार को दोनों को घर वापस लाया गया था। शनिवार दोपहर अचानक होशियारी देवी की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें संभाल पाते, इससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके करीब दो घंटे बाद सुखपाल सिंह की भी हालत बिगड़ गई और उन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। दो घंटे के भीतर बुजुर्ग दंपति की मौत होने से हर कोई गमगीन हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच गहरा लगाव था और वे जीवनभर एक-दूसरे का सहारा बने रहे।
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