कानपुर में SOG की बड़ी रेड, नोटों का पहाड़ और चाँदी की ईंटें देख अधिकारियों की फटी रह गयी आंखें

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कानपुर/स्वराज टुडे: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। जब दुनिया चैन की नींद सो रही थी, तब कानपुर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की टीमें एक बड़े गुप्त मिशन को अंजाम दे रही थीं।

कलेक्टरगंज के धनकुट्टी इलाके में जब पुलिस की कई गाड़ियां अचानक रुकीं, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि एक साधारण से दिखने वाले घर के अंदर अपराध का कितना बड़ा साम्राज्य चल रहा है। पुलिस ने जब छापेमारी शुरू की, तो कमरे के भीतर का नजारा देखकर अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। यह सिर्फ सट्टेबाजी का मामला नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय हवाला कारोबार और अवैध शेयर ट्रेडिंग से जुड़े हुए हैं, जिसने कानपुर पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

नोटों का पहाड़ और भारी-भरकम चांदी की बरामदगी

पुलिस की इस कार्रवाई में जो दौलत बरामद हुई है, उसकी गिनती करने में अधिकारियों के पसीने छूट गए। रेड के दौरान रामकांत गुप्ता के आवास से करीब 2 करोड़ रुपये का नकद (Cash) बरामद किया गया है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि कैश के साथ-साथ पुलिस को वहां से भारी मात्रा में चांदी के बिस्किट और ईंटें मिली हैं। बरामद चांदी का कुल वजन 61.86 किलोग्राम बताया जा रहा है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, मौके से कई अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, लैपटॉप, कंप्यूटर, मॉडेम और सबसे बड़ी बात, भारतीय करेंसी के साथ-साथ नेपाली करेंसी भी जब्त की गई है। विदेशी मुद्रा का मिलना इस बात का पुख्ता सबूत है कि यह सिंडिकेट सरहद पार तक फैला हुआ था।

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रसूखदार सट्टेबाजों का सिंडिकेट

अपर पुलिस उपायुक्त सुमित सुधाकर रामटेके के मुताबिक, इस मामले में कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें मकान मालिक रामकांत गुप्ता के साथ राहुल जैन, शिवम त्रिपाठी, सचिन गुप्ता और वंशराज शामिल हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये लोग क्रिकेट सट्टेबाजी और हवाला के पैसे को इधर-बदल करने का काम कर रहे थे। पुलिस को शक है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड आगरा का एक नामी हिस्ट्री-शीटर बुकी है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट सट्टेबाजी चलाता है। पुलिस अब इन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि आखिर कानपुर में बैठा यह ग्रुप दिल्ली, आगरा और दुबई जैसे शहरों से किस तरह जुड़ा हुआ था।

अवैध शेयर ट्रेडिंग और हवाला का काला खेल

यह गिरोह न केवल क्रिकेट पर दांव लगवाता था, बल्कि ‘अवैध शेयर बाजार ट्रेडिंग’ के जरिए भी करोड़ों का हेरफेर कर रहा था। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके। हवाला के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने वाले इस नेटवर्क की गहराई तक जाने के लिए पुलिस अब उनके बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है। यह कानपुर के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है, जिसने सट्टेबाजी की दुनिया के सुरक्षित ठिकानों को हिलाकर रख दिया है।

फिलहाल, पुलिस यह पता लगा रही है कि बरामद करोड़ों की चांदी और नकद पैसा कहां भेजा जाना था। क्या यह पैसा चुनाव या किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा तो नहीं था? इन तमाम सवालों के जवाब जल्द ही सामने आने की उम्मीद है।

दीपक साहू

संपादक

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