झारखंड
जमशेदपुर/स्वराज टुडे: नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन का मुख्य सूत्रधार जमशेदपुर एनआईटी (एनआईटी) का पूर्व छात्र आदित्य आनंद है। पुलिस ने हिंसा के तीन मुख्य आरोपितों की पहचान की है, जिनमें दो गिरफ्तार हो चुके हैं जबकि आदित्य अभी फरार है। इस दंगे को भड़काने में पाकिस्तान से संचालित दो एक्स (ट्विटर) अकाउंट की भी बड़ी भूमिका सामने आई है।
नोएडा के फेज-2 (होजियरी कॉम्प्लेक्स) में सोमवार को कंपनी मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था। यहां जमकर पत्थरबाजी और वाहनों में आगजनी की गई थी। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि यह कोई अचानक हुआ विरोध नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। इस पूरी हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता हजारीबाग का रहने वाला और जमशेदपुर एनआईटी से बीटेक पास आदित्य आनंद है।
2020 से ही कर रहा देशभर में हिंसा भड़काने का काम
उसके साथ बिहार के रहने वाले ऑटो चालक रूपेश रॉय और मनीषा चौहान भी इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। पुलिस ने रूपेश और मनीषा को 11 अप्रैल को ही गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आदित्य की सरगर्मी से तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, आदित्य साल 2020 से ही देशभर में ऐसे कई प्रदर्शनों को भड़काने का काम कर रहा है।
क्यूआर कोड से जोड़े गए मजदूर
ये तीनों आरोपी 31 मार्च और एक अप्रैल को ही नोएडा पहुंच गए थे। इसके बाद नौ और 10 अप्रैल को जगह-जगह क्यूआर कोड स्कैन करवाकर कई वाट्सएप ग्रुप बनाए गए और मजदूरों को इसमें जोड़ा गया। इन्हीं ग्रुप के जरिए भीड़ को उकसाया गया। इससे पहले भी इन आरोपियों की मौजूदगी दिल्ली के सीएए-एनआरसी प्रदर्शनों में पाई गई है।
पाकिस्तान से जुड़े तार
नोएडा के पुलिस कमिश्नर आईपीएस लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हिंसा के दौरान अनुषी तिवारी और मीर इलियास नाम के दो एक्स (ट्विटर) हैंडल से फर्जी जानकारी और मौत की झूठी खबरें लगातार फैलाई जा रही थी। साइबर जांच में खुलासा हुआ कि ये दोनों एकाउंट पाकिस्तान से चलाए जा रहे थे। इनका मुख्य मकसद भारत के औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति और दंगा फैलाना था। फिलहाल पुलिस फरार आदित्य आनंद की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
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