छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: प्रेस क्लब तिलक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व कैबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश की जनता, मीडिया प्रतिनिधियों और बिजली उपभोक्ताओं का ध्यान भाजपा सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई वृद्धि की ओर आकर्षित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस निर्णय को जनविरोधी, किसान-विरोधी और मध्यम वर्ग विरोधी मानती है। यह केवल बिजली बिल का मुद्दा नहीं, बल्कि आम नागरिक की आर्थिक स्थिति से जुड़ा हुआ विषय है।
बिजली दर वृद्धि पर मुख्य आरोप
भाजपा सरकार ने एक बार फिर घरेलू एवं व्यावसायिक बिजली दरों में वृद्धि कर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला है। नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी और जुलाई के बिजली बिलों में इसका सीधा असर दिखाई देगा। महंगाई से जूझ रहे परिवारों के लिए यह निर्णय अत्यंत कष्टदायक साबित होगा। सरकार जनता की आय बढ़ाने में विफल रही है, लेकिन लगातार खर्च बढ़ा रही है।
कांग्रेस सरकार और भाजपा सरकार की तुलना
कांग्रेस सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना लागू की थी। इस योजना से लाखों परिवारों को राहत मिली थी। भाजपा सरकार ने इस लाभ को सीमित कर दिया है। आज केवल सीमित संख्या में उपभोक्ताओं को ही छूट का लाभ मिल पा रहा है। भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय सुविधाएं कम कर रही है।
महंगाई और बिजली दर वृद्धि का संबंध
पहले गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई।परिवहन लागत बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं। अब बिजली दरों में वृद्धि से उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र की लागत बढ़ेगी। इसका प्रभाव दूध, सब्जी, किराना, छोटे उद्योग, होटल, दुकान एवं अन्य सेवाओं पर पड़ेगा। अंततः आम जनता को महंगी वस्तुएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
कोरबा एवं प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर सवाल
कोरबा ऊर्जा राजधानी कहलाता है, फिर भी लोग अघोषित बिजली कटौती झेल रहे हैं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब होने पर कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली नहीं मिल रही, फिर भी उनसे अधिक शुल्क वसूला जा रहा है। कांग्रेस सवाल उठाए – कि जब सेवा में सुधार नहीं हुआ तो दर वृद्धि का औचित्य क्या है?
महतारी वंदन योजना पर राजनीतिक हमला
भाजपा सरकार एक ओर महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह देने का प्रचार करती है। दूसरी ओर बिजली, गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि कर परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जनता को दी गई राहत से अधिक राशि महंगाई के माध्यम से क्यों वसूली जा रही है।
जनता से जुड़े प्रश्न सरकार से पूछें
* बिजली दर वृद्धि की आवश्यकता क्यों पड़ी?
* बिजली उत्पादन करने वाले राज्य में बिजली महंगी क्यों हो रही है?
* उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा कब मिलेगी?
* बिजली कटौती और वोल्टेज समस्याओं का समाधान कब होगा?
* गरीब, किसान और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सरकार की क्या योजना है?
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
* बिजली दरों में की गई वृद्धि तत्काल वापस ली जाए।
* घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विशेष सब्सिडी दी जाए।
* किसानों के लिए सस्ती एवं निर्बाध बिजली सुनिश्चित की जाए।
* अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए।
* लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
* बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए समयबद्ध कार्ययोजना जारी की जाए।
जनता के पक्ष में कांग्रेस का संदेश
* कांग्रेस जनता के हितों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
* बिजली दर वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के हित में है।
* प्रदेश के सभी वर्ग-किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी, गृहिणी, युवा और वरिष्ठ नागरिक-इस वृद्धि से प्रभावित होंगे।
* कांग्रेस जनता की आवाज बनकर इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।
* जब तक बिजली दर वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
* जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ के खिलाफ कांग्रेस हर स्तर पर आवाज उठाएगी।
* हम सरकार से आग्रह नहीं, बल्कि जनता की ओर से जवाब मांग रहे हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, पूर्व विधायकद्वय मोहित केरकेट्टा पाली तानाखार, श्यामलाल कंवर, अध्यक्षद्वय मनोज चौहान, मुकेश राठौर, पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी, पूर्व जिलाध्यक्ष नत्थुलाल यादव, सपना चौहान, और नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु विशेष रूप से मौजूद रहे।
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