नई दिल्ली/स्वराज टुडे: LIC बिल्डिंग में आग लगती है और एक महिला अधिकारी की मौत हो जाती है. एक साथी पुरुष कर्मचारी भी थोड़ा झुलस गया था. अस्पताल में इलाज के बाद उसे छुट्टी मिल जाती है. पुलिस को शुरू में लग रहा था कि बिल्डिंग में आग लगने की वजह एक हादसा थी तभी जांच में पानी की बोतलों में पेट्रोल मिलता है और मर्डर की गुत्थी सुलझ जाती है.
यह मामला चौंका रहा क्योंकि जूनियर अफसर ने ही ब्रांच मैनेजर को मारने के लिए साजिश रची थी. उसने पहले लाइट काटी, चेन से गेट लॉक किया फिर जो किया हैरान कर देगा.
यह मामला तमिलनाडु के मदुरै का है. पिछले महीने महिला अधिकारी कल्याणी नांबी (54) की आग में जलकर मौत हो गई थी. अब पता चला है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या थी जिसे नांबी के सहयोगी ने ही अंजाम दिया. पुलिस ने असिस्टेंट प्रशासनिक अधिकारी डी. राम (46) को गिरफ्तार कर लिया है. सख्ती से पूछताछ करने पर सच्चाई की परतें खुलने लगीं.
जूनियर अफसर ने गढ़ी कहानी
17 दिसंबर को वेस्ट वेली स्ट्रीट पर स्थित एलआईसी बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर आग लगी थी. नांबी यहां सीनियर ब्रांच मैनेजर थीं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें शक था कि बिल्डिंग में आग लगना एक एक्सीडेंट था. राम ने उन्हें बताया था कि एक नकाबपोश आदमी ऑफिस में घुस आया था और कल्याणी के गहने लूटने की कोशिश की फिर उसी ने ऑफिस में आग लगा दी.
पेट्रोल, ट्यूब और…
बाद में पूछताछ के दौरान राम ने विरोधाभासी बयान दिए. पुलिस को शक होने लगा. पुलिस ने गहराई से जांच की तो राम के केबिन से कुछ पानी की बोतलें मिलीं. खोलकर देखा गया तो उसमें पेट्रोल भरा था. आगे जांच की गई तो चश्मा पहनने वाले राम की बाइक से पेट्रोल निकालने के लिए इस्तेमाल की गई एक ट्यूब भी बरामद हुई. कल्याणी के बेटे ने पुलिस को बताया कि राम ने उस रात उन्हें फोन किया था और पुलिस को अलर्ट करने के लिए कहा था. इन बातों से हत्या की साजिश का खुलासा करने में मदद मिली. अब सवाल यह है कि राम ने कल्याणी की हत्या क्यों की?
जूनियर अधिकारी ने गुस्से में रची सीनियर की हत्या की साजिश
दरअसल, जांच में पता चला कि कुछ इंश्योरेंस एजेंटों ने कल्याणी से शिकायत की थी कि राम लंबे समय से 40 से ज्यादा डेथ क्लेम लटकाए हुए हैं. कल्याणी ने राम को बुलाकर पूछा. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वह सीनियर्स को इसकी जानकारी देंगी. पुलिस का कहना है कि ऐसे में राम ने कल्याणी की हत्या की साजिश रची. उसने एकसाथ कल्याणी को मारने और क्लेम की पेंडिंग फाइलों को आग लगाकर जलाने की तैयारी की.
लाइट काटी, गेट लॉक किया और छिड़क दिया पेट्रोल
17 दिसंबर की रात करीब 8.30 बजे कल्याणी अपने केबिन में ही थीं. राम ने बिल्डिंग की मेन बिजली सप्लाई बंद कर दी. उसने विभाग को ईमेल से शिकायत भेजी और कहा कि सप्लाई में कुछ गड़बड़ है. रिपेयर का अनुरोध किया. बाद में उसने मेन कांच के दरवाजे को चेन से बंद कर दिया. इसी से होकर लॉबी में जाने का रास्ता था.
लाइट गई तो कल्याणी ने देखा कि कोई मेन दरवाजे को लॉक करने की कोशिश कर रहा है. कुछ गड़बड़ महसूस होने पर वह मदद के लिए चिल्लाईं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. राम उनके सामने आया और कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. पूरा केबिन आग की लपटों में घिर गया. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इसके बाद राम ने इसे एक हादसा दिखाने के लिए अपने केबिन में भी आग लगा दी. इस दौरान वह खुद भी जल गया. सख्ती से पूछताछ करने पर राम ने हत्या की बात कबूल कर ली है.
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