उत्तरप्रदेश
बरेली/स्वराज टुडे: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक तलाक पीड़ित बेबस महिला का बड़ा दर्द सामने आया है और इस तलाक पीड़ित महिला को दर्द किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने ही धर्म के हलाला शौकीनों का दिया हुआ है.
आरोप है कि तलाक के बाद वह ईद्दत में थी और इसी दौरान धर्म के ठेकेदारों की एक पंचायत बैठाई गई, जिसमें महिला को सुने बिना सीधे हलाला का आदेश दे दिया गया. आरोप है कि महिला हलाला के लिए तैयार नहीं हुई तो इसके बाद धर्म के ठेकेदारों ने उसे पकड़कर जबरदस्ती उसके साथ हलाला करने का आदेश दे दिया और न मानने पर उसे इस्लाम से खारिज करने का फरमान सुना दिया.
एसपी से महिला ने लगाई गुहार
महिला किसी तरह इज्जत बचाकर बरेली के एसएसपी के ऑफिस में पहुंच गई, जहां एसपी अनुराग आर्य के आदेश के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है. हलाला का यह बेहद गंभीर मामला बरेली जिला के थाना नवाबगंज इलाका का है. यहां की रहने वाली एक मुस्लिम महिला का आरोप है कि उसका अपने पति से तलाक हो गया. तलाक के बाद वह ईद्दत में थी. इसी बीच पंचायत बैठाई पंचायत में कई उलमा मौलाना और धर्म के ठेकेदार शामिल हुए.
महिला के साथ जबरन हलाला करने की कोशिश
आरोप है कि इन धर्म के ठेकेदारों ने महिला को सुने बिना सीधे हलाला का फरमान सुना दिया. महिला हलाला के लिए शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार नहीं हुई तो आरोप है कि उसके साथ जबरदस्ती की गई और जब उसने फिर भी विरोध किया तो अब उसे इस्लाम से खारिज करने की धमकी दे दी गई. इसके बाद पीड़ित महिला अपनी फरियाद लेकर एसएसपी बरेली अनुराग आर्य के दफ्तर पहुंची, जहां एसएसपी के आदेश पर तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करदी है.
क्या कहते हैं मुस्लिम धर्मगुरु
वहीं मुस्लिम धर्म गुरुओं की मानें तो हलाला शरीयत की नजर में एक शरई पहलू है. अगर महिला हलाला के लिए तैयार नहीं है तो उसके साथ किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती नहीं की जा सकती. महिला के साथ किसी भी तरह का बल प्रयोग नहीं किया जा सकता है. अगर महिला के साथ ज्यादती हुई है तो वह शरीयत की नजर में मुजरिम हैं.
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