छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: टी.पी. नगर चौक, जो देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम पर “जवाहरलाल नेहरू चौक” के रूप में अभिलेखों में दर्ज है, वहां पंडित जवाहरलाल नेहरू की ही प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग वरिष्ठ अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने की है।
अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने बताया कि इस संबंध में उनके द्वारा आवश्यक दस्तावेजों सहित जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन भी प्रस्तुत किया जा चुका है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार उक्त स्थान पर पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रस्ताव पूर्व में महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद के कार्यकाल के दौरान भी पारित किया गया था।
उन्होंने बताया कि उस समय चौक के मध्य पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रतिमा स्थापना के लिए चौक के समीप साइड में स्थान चिन्हित किया गया था। प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ी, किंतु पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका।
धनेश कुमार सिंह ने कहा कि जब उक्त स्थान का नाम पहले से ही “जवाहरलाल नेहरू चौक” के रूप में अभिलेखों में दर्ज है तथा वहां पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी पूर्व में पारित हो चुका है, तो अब उसी प्रस्ताव और अभिलेखीय स्थिति के अनुरूप पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाएं केवल सजावटी उद्देश्य से नहीं लगाई जातीं, बल्कि वे नई पीढ़ी को देश के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से परिचित कराने का माध्यम भी होती हैं। इसलिए इस मामले में पूर्व प्रस्ताव, उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों का परीक्षण करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जवाहरलाल नेहरू चौक पर पूर्व में प्रस्तावित स्थल का परीक्षण कर पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ किया जाए तथा इसके लिए आवश्यक बजट का प्रावधान किया जाए।
यह भी पढ़ें: Raipur: जीजा के सूने मकान में लाखों की चोरी करने वाला सगा साला गिरफ्तार, सामने आई हैरान कर देने वाली वजह
यह भी पढ़ें: सहारा रिफंड को लेकर सरकार ने खत्म की 50,000 लिमिट… नए हेल्पलाइन नंबर भी जारी
यह भी पढ़ें: New Delhi: इंडिया गठबंधन के कौन-कौन नेता रामलीला मैदान नहीं पहुंचे, किसने हाँ बोलकर दे दिया गच्चा?

Editor in Chief

