सक्ती जिले के ग्राम नन्दौर खुर्द में मनरेगा (बी.बी. रामजी) कार्य में सरपंच द्वारा खुलेआम फर्जीवाड़ा करने संबंधी शिकायत का कोई नतीजा नहीं निकला। अब ग्रामीणों का आरोप है कि इतने बड़े गंभीर मामले में लीपापोती की बू आ रही है। उनका दावा है इसमें ऊपर से नीचे तक लाखों रु का बंदरबांट किया गया है।
सक्ती/स्वराज टुडे: क्षेत्र के विकास के लिए शासन की ओर से लाखों करोड़ों रूपए का अनुदान प्राप्त होता है और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इस राशि का सही इस्तेमाल किया जाता है। वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि व विभागीय कर्मचारी मिलकर खुलेआम भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं। कुछ ऐसा ही सनसनीखेज मामला सक्ती जिला अंतर्गत ग्राम नन्दौर खुर्द से सामने आया है जहां दावा किया जा रहा है कि यहां भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
ग्रामीणों द्वारा निम्न बिंदुओं पर मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त से शिकायत की गई थी:
1) रोजगार गारंटी के तहत रीपा में मुख्यमार्ग से पेवर ब्लाक रोड निर्माण ग्रामीण कार्य जिनका युनिक कोड 3314003028/LD/1111721154 स्वीकृत राशि-1997021 रू. कार्य पूर्णता 27/02/2024 को हुआ। इन्ही कार्य को पुनः 2 वर्ष में पेवर ब्लाक रिपेयर के लिए 600079 रूपये मन्जुरी कर दिया गया। जिनका युनिक कोड -3314003028/1C/1418636 है। जबकि रीपा परिसर सिर्फ व्यक्ति चलता है पेवर ब्लाक सही सलामत है और फर्जी तरीके से बिल प्रस्तुत किया गया है जिसमे सामाग्री खरीदा नही गया है। इसी परिसर मे अस्थाई रूप से प्रशिक्षु पुलिसकर्मी रहते है। उन लोग से भी पुछताछ की जा सकती है।
2) गाँव के गौठान, रीपा और स्कूल मैदान में वृक्षारोपण कार्य हेतु 133000 रूपये स्वीकृत किया गया है जिनमे सरपंच के द्वारा गलत तरीका से वृक्षारोपण दिखाने के लिए लगाया गया पेड़ गायब है। सिर्फ औपचारिकता पूरी की गयी है। पेड़ पुरा लगा नही है। फर्जी तरीके से नागरिको के साथ मिलकर फोटो खिंचवाकर रूपये निकाला जा रहा है।
3) गर्मी के मौसम में नहर नन्दौर कलॉ से NH 49 तक सफाई हेतु लगभग 16 लाख रु की राशि का आहरण किया गया था। यह कार्य पूर्व वर्ष मे सफाई नहर विभाग के द्वारा कराया जा चुका था। फिर भी अधिकारियों की मिलीभगत से पुनः सफाई हेतु राशि स्वीकृत कर दिया गया।
सरपंच धनंजय कुमार राठौर द्वारा शिकायतकर्ताओं को खुलेआम धमकी
ग्राम सरपंच धनंजय कुमार राठौर द्वारा खुलेआम गाँव मे कहा जा रहा है कि मै जनपद C. E. O. को एवं अधिकारियो को कमीशन देकर इन कार्यों को लाया हूँ। तो मैं फर्जी फोटो खीचकर क्यो पैसा नही वसुलुंगा और सरपंच द्वारा रोजगार सहायक की मदद से तीन-चार लोगो को लगवाकर फोटो खीचवाता है। जिनमे बाहर मजदुरी करने जाते है। कॉलेज में पढ़ाई कर रहे बच्चे के साथ गाँव के पंचो का फोटो खिचते है। पंच लोगो के खातों की जाँच की जावे ये जनप्रतिनिधि है। सरपंच कहता है कि मै पंचो को बाँधकर रखा हूँ । मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। जनपद के अधिकारी और कर्मचारी को कमीशन देकर खुश करके रखा हुँ। शिकायत होगा तो भी मेरा कोई कुछ भी नही बिगाड़ सकता ।
9 अक्टूबर को जांच के लिए गांव आया था प्रशासनिक अमला
गांव वालों से मिली जानकारी के मुताबिक सरपंच धनंजय कुमार राठौर ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिली भगत करके उन्हें वापस भेज दिया । धरातल पर शिकायतकर्ताओं व गवाहों के समक्ष किसी तरह की कोई जांच एवं पंचनामा की कार्रवाई नहीं की गई है। इन्ही कारणों से सरपंच का मनोबल अब काफी बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने ईमानदार अधिकारियों द्वारा गोपनीय तरीके से पुनः जाँच की माँग की
ग्रामीणों ने कहा कि उनके द्वारा की गई शिकायतों की जांच गुप्त तरीके से की जाए । साथ ही सरपंच एवं जनपद सक्ती के कर्मचारियों को जॉच मे शामिल ना किया जाए । बाहर से जॉच करवाकर फर्जी तरीके से राशि आहरण करने के लिए जितने लोग भी दोषी है, उन पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए ताकि बेलगाम भ्रष्टाचार को रोका जा सके और सरकार के पैसों का विकास कार्यों में सही उपयोग हो सके ।


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