छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: फ्लाइंग स्नेक यानी बिना पंखों के हवा में उड़ने वाला साँप। यह साँप प्रकृति की उन अद्भुत प्रजातियों में शामिल है, जिसे देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि कोई साँप हवा में भी जा सकता है। हालांकि यह वास्तव में उड़ता नहीं, बल्कि पेड़ों के बीच हवा में ग्लाइड करता है।
यह साँप अपना अधिकांश समय पेड़ों पर बिताता है। जब इसे एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर जाना होता है, तो यह ऊँचाई से छलांग लगाता है और हवा में अपने शरीर को चपटा तथा चौड़ा कर लेता है। इसके बाद शरीर को लहराते हुए यह हवा में अपनी दिशा नियंत्रित करता है और दूसरे स्थान पर जाकर उतरता है।
सबसे खास बात यह है कि इसके शरीर की बनावट इसे हवा में लिफ्ट पैदा करने और नियंत्रित ग्लाइडिंग में मदद करती है। यही असाधारण क्षमता इसे दुनिया के सबसे अनोखे वृक्षवासी साँपों में शामिल करती है।
भारत में Chrysopelea वंश के फ्लाइंग स्नेक पाए जाते हैं। इनका आकर्षक रंग और पेड़ों पर रहने की आदत इन्हें अन्य सामान्य साँपों से अलग बनाती है।
यानी यह साँप न तो पंख रखता है, न पैर—फिर भी प्रकृति ने इसे हवा में सफर करने की ऐसी क्षमता दी है, जो किसी उड़ते हुए जीव से कम रोमांचक नहीं है।
कोरबा। टीपी नगर स्थित ट्रक स्टैंड में शुक्रवार को उस समय कौतूहल का माहौल बन गया, जब एक ट्रक चालक को बेहद खूबसूरत और रंग-बिरंगा सांप दिखाई दिया। सांप का रंग-रूप सामान्य सांपों से काफी अलग था, जिसके कारण चालक अनिल निषाद भी समझ नहीं पाए कि आखिर यह कौन-सा सांप है। उन्होंने तत्काल वन विभाग की टीम को इसकी सूचना दी। वन विभाग की ओर से RCRS (Reptile Care and Rescuer Society) की हेल्पलाइन पर संपर्क कर सांप के बारे में जानकारी दी गई।

सूचना मिलते ही RCRS के अध्यक्ष अविनाश यादव , मनस, उमेश, सौम्य और अतुल मौके पर पहुंचे। टीम ने सांप की पहचान फ्लाइंग स्नेक (Flying Snake) के रूप में की। यह प्रजाति आमतौर पर बहुत कम दिखाई देती है, जिसके चलते मौके पर मौजूद लोगों में भी इसे लेकर काफी उत्सुकता देखने को मिली।
RCRS टीम ने तत्काल कोरबा वनमंडला अधिकारी जितेंद्र उपाध्याय को इसकी जानकारी दी। उनके दिशा-निर्देश तथा उपवन मंडल अधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में वन्यजीव रेस्क्यू के निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया।
बताया गया कि फ्लाइंग स्नेक एक ट्रक के पीछे लगे हाइड्रोलिक मशीन के पास बैठा हुआ था। ऐसे स्थान पर रेस्क्यू करना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि सांप ट्रक के किसी अन्य हिस्से में प्रवेश कर सकता था। यदि वह मशीनरी के अंदर चला जाता तो उसे ढूंढना बेहद मुश्किल हो सकता था और मशीन चलने की स्थिति में उसके घायल होने या दबने का भी खतरा था। RCRS टीम ने सावधानीपूर्वक उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
संभवतः चलते ट्रक में ही तय किया सफर
रेस्क्यू के बाद जब ट्रक चालक अनिल निषाद से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि ट्रक सामान लेकर धरमजयगढ़, छाल और घरघोड़ा होते हुए कोरबा पहुंचा था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि यह फ्लाइंग स्नेक रास्ते में किसी स्थान से ट्रक पर चढ़ा होगा और चलते ट्रक के साथ ही सफर करते हुए कोरबा पहुंच गया।
समय रहते चालक की नजर इस खूबसूरत वन्यजीव पर पड़ गई और सूचना मिलने के बाद RCRS टीम ने भी तत्काल मौके पर पहुंचकर उसका सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
वन विभाग और RCRS की अपील
वन विभाग एवं RCRS टीम ने कोरबा की जनता से अपील की है कि यदि कोई भी वन्यजीव आवासीय या शहरी क्षेत्र में दिखाई देता है तो उसे छेड़ें नहीं और न ही उसे मारें। वन्यजीवों को पकड़ने या उनके साथ किसी तरह का जोखिम लेने के बजाय तत्काल वन विभाग अथवा RCRS की हेल्पलाइन पर सूचना दें।
समय पर मिली सूचना न केवल वन्यजीव की जान बचा सकती है, बल्कि लोगों को भी संभावित खतरे से सुरक्षित रख सकती है। वन्यजीव हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं—उनकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
हेल्पलाइन नम्बर
अविनाश यादव
9827917848
7987957958
9009996789

Editor in Chief















