आमतौर पर छात्र अपना करियर बनाने के लिए या तो मेडिकल की राह चुनते हैं या फिर इंजीनियरिंग की। इन दोनों ही क्षेत्रों की पढ़ाई और प्रवेश परीक्षाएं इतनी कठिन होती हैं कि किसी एक को भी पास करना जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बन जाता है। लेकिन आंध्र प्रदेश के रहने वाले डॉ. निखिल सदिनेनी ने इन दोनों ही कठिन राहों को एक साथ मिलाकर सफलता की एक ऐसी बेमिसाल कहानी लिखी है, जिसने देश भर के छात्रों को प्रेरित कर दिया है।
निखिल ने पहले एम्स (AIIMS) दिल्ली से अपनी डॉक्टरी (MBBS) पूरी की और अब देश की सबसे बड़ी तकनीकी परीक्षाओं में से एक गेट (GATE 2025/2026) के डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पेपर में ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR 1) हासिल कर इतिहास रच दिया है।
नीट में AIR 55 लाकर मिला था AIIMS दिल्ली में दाखिला
निखिल सदिनेनी बचपन से ही पढ़ाई में बेहद होशियार रहे हैं। उन्होंने साल 2017 की नीट (NEET UG) परीक्षा में ऑल इंडिया 55वीं रैंक और एम्स प्रवेश परीक्षा में 22वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उन्हें देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान एम्स दिल्ली में दाखिला मिला। साल 2017 से 2023 के बीच उन्होंने अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की। आम तौर पर एमबीबीएस करने के बाद डॉक्टर एमडी (MD) या एमएस (MS) जैसी मेडिकल स्पेशलाइजेशन की तरफ बढ़ते हैं, लेकिन निखिल का विजन कुछ अलग था।
डॉक्टरी के साथ की IIT मद्रास से डेटा साइंस की पढ़ाई
एम्स में पढ़ाई के दौरान कोविड-19 महामारी के समय निखिल ने महसूस किया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (ML) चिकित्सा के क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाले हैं। वे बीमारियों के सटीक इलाज और डायग्नोसिस के लिए तकनीक का इस्तेमाल करना चाहते थे। इसीलिए, एम्स की बेहद व्यस्त दिनचर्या के बावजूद, उन्होंने आईआईटी मद्रास के ‘बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लीकेशंस’ ऑनलाइन कोर्स में दाखिला ले लिया। निखिल ने बिना मेडिकल की पढ़ाई प्रभावित किए आईआईटी मद्रास के इस कोर्स को शानदार 9.82 CGPA के साथ पूरा किया।
नौकरी के साथ की तैयारी और बने GATE टॉपर
आईआईटी मद्रास से डेटा साइंस की बारीकियां सीखने के बाद निखिल ने गेट (GATE) परीक्षा देने का मन बनाया। इस दौरान वे एक्सपरडॉक्स (XpertDox) नाम की एक हेल्थटेक कंपनी में ‘फिजिशियन कंसलटेंट’ के रूप में काम भी कर रहे थे। उन्होंने काम के साथ टाइम मैनेजमेंट का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। वे रोजाना वर्किंग डेज पर 3 से 4 घंटे और वीकेंड शनिवार-रविवार को 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे। उनकी इसी निरंतर मेहनत का नतीजा रहा कि उन्होंने गेट के डेटा साइंस और एआई (DA) पेपर में पूरे भारत में पहला स्थान (AIR 1) हासिल किया।
क्या है भविष्य का प्लान?
निखिल की प्रतिभा और काबिलियत को देखते हुए उन्हें उनकी कंपनी में ‘डायरेक्टर ऑफ मेडिकल इंफॉर्मेटिक्स’ के पद पर प्रमोट किया गया है, जहां वे मेडिकल कोडिंग को बेहतर बनाने के लिए एनएलपी (NLP) सिस्टम विकसित कर रहे हैं। अपनी सफलता के बाद निखिल आईआईएससी बेंगलुरु (IISc Bangalore) से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एम.टेक (M.Tech) की पढ़ाई कर रहे हैं। उनका अंतिम लक्ष्य हेल्थकेयर और एआई को मिलाकर एक ऐसा स्टार्टअप शुरू करना है, जो मरीजों की देखभाल, कैंसर जैसी बीमारियों की डायग्नोसिस और मेडिकल इमेजिंग (MRI, CT स्कैन) को बेहद आसान और सटीक बना सके। निखिल की यह यात्रा सिखाती है कि यदि सीखने की इच्छा हो, तो कोई भी सीमा आपको रोक नहीं सकती।
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