छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: एनटीपीसी जमनीपाली में “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। दीप प्रज्वलन के माध्यम से समाज को अज्ञानता एवं नशे के अंधकार से निकालकर जागरुकताल और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में दर्री थाना की सब इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा, सेवानिवृत सीएसईबी कर्मचारी एस. एस. मूर्ति, महिला पतंजलि की जिला प्रभारी एस. लक्ष्मी मूर्ति, बालको हायर सेकेंडरी स्कूल के संस्कृत व्याख्याता संजय राठौर, वार्ड क्रमांक 55 के पार्षद किशन कुमार तथा ब्रह्माकुमारीज की कोरबा क्षेत्र प्रभारी बी. के. रुक्मणी दीदी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अपने संबोधनों में सभी अतिथियों ने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं एवं समाज के सभी वर्गों से नशे से दूर रहने और स्वस्थ, सकारात्मक एवं मूल्यनिष्ठ जीवन अपनाने का आह्वान किया। अपने संबोधन में सब इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया।

सेवानिवृत्त सीएसईबी कर्मचारी एस. एस. मूर्ति ने कहा कि नशामुक्त समाज ही विकसित राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं को अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित कर नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा दी।
महिला पतंजलि जिला प्रभारी एस. लक्ष्मी मूर्ति ने योग, प्राणायाम एवं भारतीय संस्कृति को अपनाकर स्वस्थ और नशामुक्त जीवन जीने का संदेश दिया।
संस्कृत व्याख्याता संजय राठौर ने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों का महत्व बताते हुए कहा कि आत्मविश्वास और अच्छे संस्कार नशे से बचाव के सबसे प्रभावी साधन हैं।
वार्ड क्रमांक 55 के पार्षद किशन कुमार ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर नशामुक्त भारत के संकल्प को साकार करना होगा। उन्होंने इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
ब्रह्माकुमारी रुक्मणी दीदी ने राजयोग एवं आध्यात्मिकता के माध्यम से मानसिक सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा कि आत्मिक जागरुकता से व्यक्ति नशे जैसी कुप्रवृत्तियों से सहज ही मुक्त हो सकता है। सेवाकेंद्र प्रभारी बी. के. बिंदु दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन, बुद्धि, परिवार और समाज को भी कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम सभी आत्मजागृति, आध्यात्मिकता और सकारात्मक सोच को अपनाकर स्वयं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखे। उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारीज द्वारा चलाया जा रहा नशा मुक्त भारत अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है, जिसका उद्देश्य लोगों के जीवन में आत्मविश्वास, नैतिकता और आध्यात्मिक मूल्यों का विकास करना है। बी. के. बिंदु दीदी ने सभी को नशामुक्त भारत के निर्माण हेतु अपना सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कोरबा क्षेत्र में भ्रमण करते हुए नशा मुक्त भारत अभियान रथ का आगमन भी हुआ। अभियान रथ के साथ विभिन्न गांवों, बस्तियों एवं संस्थानों में जनजागरण कर रहे ब्रह्माकुमारीज के सदस्यों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने उनके दवारा किए जा रहे जागरुकता कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा आकर्षक नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई, जिनके माध्यम से नशामुक्ति का प्रभावशाली संदेश दिया गया। बी. के. वीरेश भाई द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने कार्यक्रम में आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी वातावरण का संचार किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया तथा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
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