छत्तीसगढ़
कवर्धा/स्वराज टुडे: कबीरधाम जिले के छिरहा स्थित होमगार्ड कार्यालय परिसर में शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब बैरक के बाथरूम में एक होमगार्ड जवान का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही कार्यालय में मौजूद अन्य जवानों ने तत्काल अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला ?
मृतक की पहचान नगर सैनिक क्रमांक 222 विनोद मेरावी, निवासी जंगल रेंगाखार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विनोद मेरावी होमगार्ड कार्यालय परिसर स्थित बैरक में ही रहता था। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से नशे का आदी था और अक्सर ड्यूटी से अनुपस्थित रहता था। इसी कारण विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे कुछ दिनों पहले निलंबित कर दिया गया था।
कैसे हुआ घटना का खुलासा ?
जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जवान शौचालय की ओर गए थे। इसी दौरान बाथरूम के अंदर विनोद मेरावी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
थाना प्रभारी ने क्या कहा ?
मामले में थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने बताया कि नगर सैनिक विनोद मेरावी द्वारा बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। मृतक कुछ दिनों से निलंबित था और नशे की लत से भी परेशान बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट ने मचा दी सनसनी
इधर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ कथित व्हाट्सएप चैट और महिला से बातचीत के स्क्रीनशॉट ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। दावा किया जा रहा है कि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर महिला सैनिकों से अनुचित व्यवहार और दबाव बनाने जैसे आरोप लग रहे हैं। हालांकि इन वायरल चैट और तस्वीरों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इनके सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
जवानों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि विभाग में अधिकारियों द्वारा अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए कभी भी किसी सैनिक को सस्पेंड या बर्खास्त कर दिया जाता है। कई कर्मचारियों का आरोप है कि विरोध करने वालों पर कार्रवाई का डर दिखाया जाता है, जिससे जवान मानसिक दबाव में रहते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले कोरबा जिले में भी होमगार्ड विभाग के अधिकारियों पर महिला उत्पीड़न और मनमानी के आरोप सामने आए थे। उस मामले ने प्रदेशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। अब कवर्धा की घटना ने एक बार फिर विभागीय व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी हुई है। वहीं विभागीय स्तर पर भी अंदरूनी चर्चा तेज हो गई है। जवान की आत्महत्या के पीछे केवल व्यक्तिगत कारण थे या फिर विभागीय प्रताड़ना और दबाव भी इसकी वजह बना, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पूरे मामले ने होमगार्ड विभाग की छवि को ताक पर रख दिया है।
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