कोलकाता/स्वराज टुडे: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के घुटियारी शरीफ में टीएमसी कार्यालय पर पुलिस की छापेमारी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। टीएमसी नेता के ऑफिस से कई धारदार हथियार बरामद हुए हैं। सलाउद्दीन सरदार के ऑफिस से यह हथियार मिले हैं।
क्या हिंदुओं के कत्लेआम की थी तैयारी ?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नारायणपुर स्थित स्थानीय नेता सलाउद्दीन सरदार के पार्टी कार्यालय से 18 धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल और गरम हो गया है। वहीं सवाल उठता है कि क्या माँ काली की धरती को फिर से हिंदुओं के रक्त से लाल करने की तैयारी थी ?
बता दें कि विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य के कई हिस्सों में भीषण हिंसा भड़क उठी है। चुनाव परिणामों के बाद भड़की इस हिंसा में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया है और राजनीतिक कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई है।
सुरक्षा बलों पर हमला
उत्तर 24 परगना जिले के नैजाट इलाके में हुई हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की गई। इस हमले में नैजाट थाने के प्रभारी (IC) भरत प्रसून कर और एक कांस्टेबल को गोली लगी है। कुल मिलाकर तीन पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल के दो जवान घायल हुए हैं, जिन्हें कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं, आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय में आगजनी की घटना सामने आई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बावजूद हिंसा का सिलसिला नहीं थम रहा है, जबकि टीएमसी ने भाजपा समर्थकों पर अपने कार्यालयों और दुकानों में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है।
हिंसा को लेकर चुनाव आयोग ने जताई चिंता
हिंसा की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ (कतई बर्दाश्त नहीं करने) की नीति अपनाने का निर्देश दिया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और केंद्रीय बलों को तत्काल कार्रवाई करने और समन्वय बनाए रखने को कहा है। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को निर्देश दिया कि वे राज्य में चुनाव के बाद होने वाली हिंसा की किसी भी घटना को लेकर कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाएं।
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