कोलकाता/स्वराज टुडे: पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव की तस्वीर अब लगभग साफ हो चुकी है. सूबे में पहली बार भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है. वहीं आगामी नतीजों को देखकर अब बाबरी मस्जिद बनाने वाले हुमायूं कबीर के बोल और तेवर बदलने लगे हैं. जिस टीएमसी से वो निकाले गए, उसी के साथ सरकार बनाने का इशारा कर रहे थे.
हुमायूं कबीर ने किया था बड़ा दावा
हुमायूं कबीर ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में त्रिकोणीय विधानसभा बनेगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार बनाने की बागडोर उनकी पार्टी के हाथों में होगा. हालांकि साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि वे किसी भी परिस्थिति में भाजपा को सरकार बनाने में मदद नहीं करेंगे. हुमायूं कबीर ने कहा कि वह सम्मानजनक शर्तों के साथ तृणमूल का समर्थन करने को तैयार हैं.
क्या टीएमसी में वापस जाएंगे हुमायूं कबीर
हुमायूं कबीर के इस बयान से अब बंगाल की राजनीतिक गलियारे में चर्चा हो रही है कि क्या टीएमसी के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने टीएमसी के साथ विवाद सुलझाने का रास्ता खोजना शुरू कर दिया है. बता दें कि बहरामपुर में हुमायूं कबीर ने कहा था कि कोई भी पार्टी बहुमत के करीब नहीं होगी. त्रिकोणीय विधानसभा बनेगी और उसमें उनकी पार्टी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
अब कैसा होगा हुमायूं कबीर का भविष्य ?
पार्टी से उनके रिश्ते उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। 2021 में TMC छोड़ी, फिर BJP में शामिल हो गए, फिर 2023 में वापस TMC में आए। हाल ही में ममता बनर्जी और पार्टी लाइन के खिलाफ बयान देने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस भी मिल चुका है। इनकी “बागी” और बेबाक नेता की छवि है। मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद में अच्छी पकड़ मानी जाती है। ग्राउंड पर समर्थक हैं। संक्षेप में कहें तो उनका भविष्य पूरी तरह TMC हाईकमान के मूड पर टिका है। अगर बयानबाजी कंट्रोल की और पार्टी लाइन पर चले तो करियर बचा रहेगा। वरना राजनीतिक वनवास हो सकता है।
यह भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में भी एक्शन मोड में दीपिका पादुकोण ! ‘राका’ में दिखेगा दमदार अवतार

Editor in Chief




