Close Menu
Swaraj TodaySwaraj Today
    What's Hot

    बेटी की शादी से पहले मां की शुरू हो गयी लव स्टोरी, मौका मिलते ही दामाद संग भागी

    July 14, 2026

    चाइल्ड पोर्नोग्राफी और साइबर ठगी मामलों में 4 एफआईआर दर्ज-म्यूल बैंक अकाउंट पर भी कसा शिकंजा

    July 14, 2026

    Korba: सीएसईबी चौकी क्षेत्र अंतर्गत पंप हाउस कॉलोनी में हुई मारपीट और विवाद का खूनी संघर्ष मामला गरमाया, मारपीट केस में हत्या के प्रयास की धारा की गयी शामिल

    July 14, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, July 14
    Swaraj TodaySwaraj Today
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • होम
    • कोरबा
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    • दुनिया
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • करियर जॉब
    • मनोरंजन
    Swaraj TodaySwaraj Today
    Home»Featured»Raipur: धान का कटोरा या घोटालों का अड्डा बना छत्तीसगढ़ ! चूहे नहीं केदार कश्यप और दयालदास बघेल का लालच खा गया करोड़ों क्विंटल धान
    Featured

    Raipur: धान का कटोरा या घोटालों का अड्डा बना छत्तीसगढ़ ! चूहे नहीं केदार कश्यप और दयालदास बघेल का लालच खा गया करोड़ों क्विंटल धान

    Deepak SahuBy Deepak SahuApril 11, 2026Updated:April 11, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    IMG 20260411 224315
    Oplus_131072
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link

    * सत्ता के काले खेल की जद में आया धान का कटोरा ”छत्तीसगढ़”

    * सत्ता के संरक्षण में धान का खेल, अन्नदाताओं के साथ हुआ धोखा

    रायपुर/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। यह पहचान केवल एक उपाधि नहीं, बल्कि यहां के लाखों किसानों की मेहनत, पसीने और उम्मीदों का प्रतीक है। लेकिन जब इसी धरती पर किसानों की मेहनत से उपजे धान के साथ कथित तौर पर बड़े पैमाने पर घोटाला सामने आता है, तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि विश्वासघात बन जाता है। हालिया आरोपों के अनुसार खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जो पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गहरी चोट करते हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में हजारों नहीं, बल्कि लाखों क्विंटल धान गायब हो गई है। बेमेतरा के सरदा संग्रहण केंद्र से 53,639 क्विंटल धान का गायब होना कोई मामूली गड़बड़ी नहीं हो सकती। सूरजपुर में 7000 क्विंटल धान का कोई हिसाब नहीं है। कवर्धा के बतार चारभाटा केंद्र में 06 लाख 46 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई। यह आंकड़ा किसी भी सामान्य प्रशासनिक त्रुटि से कहीं आगे जाता है। महासमुंद के तीन केंद्रों में 18 करोड़ रुपये के धान का गायब होना इस घोटाले को और भी गंभीर बनाता है। सवाल यह उठता है कि क्या यह सब केवल लापरवाही है, या फिर एक सुनियोजित तंत्र के तहत किया गया आर्थिक अपराध? क्योंकि अगर सरकार छोटे कर्मचारियों पर धान घोटाले का आरोप मथ रही है तो यह सही नहीं है, क्योंकि बगैर वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों के संरक्षण के छोटे कर्मचारी धान का एक दाना भी इधर से उधर नहीं कर सकते हैं।

    यह भी पढ़ें :  नकटी ग्राम में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को लेकर कांग्रेस निम्न स्तरीय राजनीति कर रही है - डॉ. नवीन मार्कण्डेय

    पूर्व भी विवादों में घिरे रहे हैं केदार कश्यप और बघेल

    छत्तीसगढ़ की राजनीति में केदार कश्यप और दयालदास बघेल कोई नए नाम नहीं हैं, लेकिन समय-समय पर इन पर लगे आरोपों ने उनकी छवि को विवादों से अलग नहीं होने दिया। सहकारिता और वन जैसे अहम विभागों से जुड़े रहने के दौरान केदार कश्यप पर पहले भी प्रशासनिक निर्णयों में पक्षपात और संसाधनों के प्रबंधन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी दलों ने कई बार आरोप लगाया कि विभागीय कामकाज में पारदर्शिता की कमी रही और स्थानीय स्तर पर शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसी तरह खाद्य विभाग से जुड़े दयालदास बघेल पर भी अतीत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्यान्न प्रबंधन को लेकर अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। राशन वितरण में गड़बड़ी, भंडारण व्यवस्था की कमजोरी और निगरानी तंत्र की ढिलाई जैसे मुद्दे बार-बार उठते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार जब किसी मंत्री के कार्यकाल में बार-बार एक जैसे आरोप सामने आते हैं, तो यह केवल संयोग नहीं माना जा सकता। यह प्रशासनिक प्रणाली में गहराई तक जमी समस्याओं या नेतृत्व की शैली पर सवाल खड़े करता है।

    धान को चूहों द्वारा खा जाना हास्यास्पद

    सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि अधिकारियों द्वारा दिए गए तर्क धान को चूहे खा गए हैं। इस पूरे मामले को हास्यास्पद और गंभीर दोनों बना दिया है। क्या लाखों क्विंटल धान चूहे खा सकते हैं? क्या यह जवाब जनता और किसानों के साथ मज़ाक नहीं है? यह तर्क केवल प्रशासनिक अक्षमता को नहीं, बल्कि संभावित भ्रष्टाचार को छिपाने का प्रयास भी प्रतीत होता है। जब जिम्मेदार अधिकारी ऐसे तर्क देते हैं, तो यह स्पष्ट संकेत है कि कहीं न कहीं सच्चाई को दबाने की कोशिश हो रही है।

    यह भी पढ़ें :  अलग - अलग मामलों में करंट की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत

    दलालों का खेल और किसानों की दुर्दशा

    एक और महत्वपूर्ण पहलू है अन्‍य राज्‍यों की तुलना में छत्‍तीसगढ़ में धान की कीमतों में अंतर है। जहां ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना में धान का मूल्य लगभग 1900 रुपये प्रति क्विंटल बताया जा रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ में यह 3100 रुपये तक पहुंच गया। इस कारण से ही इन राज्‍यों के सक्रिय दलाल छत्‍तीसगढ़ में धान बेचते हैं। और मुनाफा कमाते हैं। इस गोरखधंधे के पीछे दलालों की सक्रियता और सरकारी तंत्र की मिलीभगत है। दलालों के इस खेल में असली नुकसान छत्‍तीसगढ़ के किसान का ही होता है।

    प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप

    इस पूरे प्रकरण में केवल मंत्री ही नहीं, बल्कि कई वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। सहकारिता सचिव सी.आर. प्रसन्ना और कृषि सचिव शहला निगार के नाम भी चर्चाओं में हैं। अगर यह आरोप सही हैं, तो यह स्पष्ट संकेत है कि घोटाला केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि ऊपरी स्तर तक फैला हुआ हो सकता है। इसके अलावा, धान का वजन बढ़ाने के लिए पाइप से पानी डालने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इस गोरखधंधे में लिप्‍त कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किसानों और सरकारी संसाधनों के साथ धोखाधड़ी है।

    भाजपा सरकार की छवि पर सवाल

    राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा खुद को किसानों का हितैषी और अन्नदाता का संरक्षक बताती रही है। लेकिन इस कथित घोटाले ने उस छवि पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। अगर सरकार सच में किसानों के हित में काम कर रही है, तो इतने बड़े स्तर पर अनियमितताएं कैसे हो गईं? क्या यह प्रशासनिक विफलता है या फिर सत्ता के संरक्षण में पनप रहा भ्रष्टाचार?

    यह भी पढ़ें :  संगठित सट्टेबाजी पर तोरवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गैंग के आदतन 4 सटोरिये गिरफ्तार, 03 मोबाइल फोन भी जप्त

    लाखों किसान हुए इस घोटाले से प्रभावित

    इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित किसान ही हैं। वे, जिनकी मेहनत से यह धान पैदा होता है, आज अपने ही हक के लिए भटक रहे हैं। भुगतान में देरी, फसल की चोरी और सरकारी तंत्र की उदासीनता ने उन्हें निराश कर दिया है। इतने गंभीर आरोपों के बाद सबसे बड़ा सवाल है जवाबदेही कौन तय करेगा? क्या केवल कुछ कर्मचारियों को निलंबित कर देने से मामला खत्म हो जाएगा? या फिर उच्च स्तर पर भी जांच और कार्रवाई होगी? जरूरत है एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की, जिसमें हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाए। अगर मंत्री स्तर तक की भूमिका संदिग्ध है, तो जांच वहीं तक पहुंचनी चाहिए।

    *विजया पाठक की रिपोर्ट*

    यह भी पढ़ें: Shreyasi Singh: कौन हैं श्रेयसी सिंह? जो बन सकती हैं बिहार की नई CM, जाति, परिवार से संपत्ति तक हर एक डिटेल

    यह भी पढ़ें: Mirzapur: दिन दहाड़े वकील की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार दो हथियारबंद बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम, देखें घटना का वीडियो

    यह भी पढ़ें: Korba: विद्युत कंपनी में आरक्षण एवं अन्य सांगठनिक मांगो को लेकर आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ ने प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा, 13 अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

    Swaraj Today converted
    Deepak Sahu

    Editor in Chief

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    बेटी की शादी से पहले मां की शुरू हो गयी लव स्टोरी, मौका मिलते ही दामाद संग भागी

    July 14, 2026

    चाइल्ड पोर्नोग्राफी और साइबर ठगी मामलों में 4 एफआईआर दर्ज-म्यूल बैंक अकाउंट पर भी कसा शिकंजा

    July 14, 2026

    Korba: सीएसईबी चौकी क्षेत्र अंतर्गत पंप हाउस कॉलोनी में हुई मारपीट और विवाद का खूनी संघर्ष मामला गरमाया, मारपीट केस में हत्या के प्रयास की धारा की गयी शामिल

    July 14, 2026

    कोरबा के वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम मदान प्रदेश व्यावसायिक प्रकोष्ठ की कार्यसमिति में हुए शामिल

    July 14, 2026

    Korba: यातायात पुलिस ने सख्त कार्यवाही करते हुए मॉडिफाइड बुलेट, ट्रिपल सवारी और नो पार्किंग पर 5.38 लाख से अधिक का वसूला समन शुल्क

    July 14, 2026

    बाँध के चौकीदार की हत्या के आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, सामने आई ये वजह

    July 14, 2026
    Top Posts

    बच्चा मां से मांगता रहा मदद और बेशर्म औरत बनाती रही रील, कलेजा चीर देंगी बच्चे की चीखें

    May 16, 20261,749 Views

    Breaking: कोरबा में नहीं थम रहा जघन्य वारदातों का सिलसिला, फिर एक शख्स की दिनदहाड़े हत्या, आरोपी चंद घण्टे में गिरफ्तार

    June 29, 20261,432 Views

    Korba: सिरफिरे पति ने पत्नी का सिर धड़ से किया अलग, फिर सिर लेकर गाँव में घूमता रहा आरोपी, मंजर देख काँप गया लोगों का कलेजा, देखें वीडियो…

    April 23, 20261,121 Views
    Don't Miss

    बेटी की शादी से पहले मां की शुरू हो गयी लव स्टोरी, मौका मिलते ही दामाद संग भागी

    July 14, 2026

    लखनऊ/स्वराज टुडे: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने…

    चाइल्ड पोर्नोग्राफी और साइबर ठगी मामलों में 4 एफआईआर दर्ज-म्यूल बैंक अकाउंट पर भी कसा शिकंजा

    July 14, 2026

    Korba: सीएसईबी चौकी क्षेत्र अंतर्गत पंप हाउस कॉलोनी में हुई मारपीट और विवाद का खूनी संघर्ष मामला गरमाया, मारपीट केस में हत्या के प्रयास की धारा की गयी शामिल

    July 14, 2026

    कोरबा के वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम मदान प्रदेश व्यावसायिक प्रकोष्ठ की कार्यसमिति में हुए शामिल

    July 14, 2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • YouTube
    • TikTok
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram
    About

    Owner & Chief Editor:
    DEEPAK SAHU

    Address:
    Punjabi Gurudwara Road, Purani Basti, Korba, Dist. - Korba, (C.G.) Pin - 495678

    Email:

    [email protected]

    Mobile:

    9827197872,
    8982710004

    Udyam Reg. No.:
    CG-10-0001978

    Post Calendar
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Important Pages
    • Home
    • About Us
    • Disclaimer
    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    © 2026 Swaraj Today. Designed by Nimble Technology.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.