उत्तरप्रदेश
वाराणसी/ज़वाराज टुडे: उत्तर प्रदेश का वाराणसी धर्म नगरी के रूप में जाना जाता है. मगर, इस धर्म नगरी में अपराध ने भी पैर पसारना शुरू कर दिया है. इसका एक बड़ा उदाहरण कल यहां स्थित यूपी कॉलेज में देखने को मिला. यहां एक छात्र ने दूसरे छात्र पर तड़ातड़ एक के बाद एक गोली चला दी. इस नजारे को देख हर कोई बुरी तरह हिल गया. गंभीर हालत में छात्र को बीएचयू के ट्रामा सेंटर में एडमिट कराया गया. मगर, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस सनसनीखेज वारदात से पूरे कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया और छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया. घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. गुस्साए छात्रों ने पहले कैंपस में हंगामा शुरू किया और फिर तोड़-फोड़ भी की. हालांकि, समय रहते पुलिस ने स्टूडेंट्स को समझा बुझाकर शांत कराया. मगर, अब सवाल उठता है कि मरने वाला सूर्य प्रताप सिंह उर्फ सूर्या सिंह को आखिर किस बात की सजा मिली? और कौन है ये?
सुबह-सुबह हुई घटना
घटना वाराणसी के यूपी कॉलेज परिसर के सामाजिक विज्ञान संकाय के गलियारे में सुबह करीब 11 बजे हुई.मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक छात्र ने अचानक सूर्य प्रताप सिंह पर ताबड़तोड़ 4 राउंड फायरिंग कर दी. हमलावर ने सीधे उसके सिर और सीने को निशाना बनाया. गोली लगने से सूर्या गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद आरोपी मौके से भाग निकला. बताया जा रहा है कि वह पहली मंजिल की ओर भागा और पीछे की दीवार फांदकर फरार हो गया. भागते समय आरोपी ने अपनी पिस्टल पास के कूड़े के ढेर में फेंक दी, जिसे पुलिस ने बाद में बरामद कर लिया.
भारी पुलिस फोर्स तैनात
घायल सूर्य प्रताप को पहले मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. साथी छात्र की मौत की खबर मिलते ही छात्रों में गुस्सा भड़क गया. आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज का मुख्य गेट बंद कर दिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी. पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. हालात बिगड़ते देख वाराणसी के पुलिस कमिश्नर भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे.
कौन है सूर्या सिंह?
● दिनदहाड़े गोली मारकर जिस छात्र सूर्य प्रताप सिंह उर्फ सूर्या सिंह की हत्या की गई है वो बीए चतुर्थ सेमेस्टर का छात्र था.
● सूर्य प्रताप सिंह अपने मिलनसार स्वभाव और व्यवहार के कारण कॉलेज में काफी लोकप्रिय था.
● वह मूल रूप से गाजीपुर जिले के सैदपुर तहसील अंतर्गत दुबईठा गांव के निवासी था.
● वाराणसी में रहकर पढ़ाई कर रहा था. उसे एक होनहार छात्र माना जाता था.
● पिता ऋषिदेव सिंह और माता किरन सिंह अतुलानंद विद्यालय में कर्मचारी हैं.
● सूर्य अपने माता-पिता का इकलौते बेटा था और उनकी दो बहनें भी हैं.
● परिवार और जानने वालों के अनुसार, सूरज प्रताप सिंह का भविष्य उज्ज्वल माना जा रहा था
● आखिर कैसे हथियार लेकर पहुंचा आरोपी छात्र?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक छात्र हथियार लेकर परिसर में कैसे पहुंच गया. वहीं, सूर्य प्रताप सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी मंजीत चौहान और उसके साथी अनुज ठाकुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. बताया जा रहा है कि घटना के समय अनुज ठाकुर भी मंजीत के साथ मौजूद था. फिलहाल, पुलिस ने कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में मामला पुरानी रंजिश या वर्चस्व की लडाई से जुडा बताया जा रहा है. इस घटना ने कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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