छत्तीसगढ़
रायपुर-कोरबा/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ में अब किसी भी सोने-चांदी की दुकान में बुर्का, नकाब या घूंघट पहनकर जाने वालों को एंट्री पर रोक लगा दी गई है। बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने मीटिंग के बाद यह फैसला लिया है। बैठक में यह भी तय किया गया है कि हेलमेट पहनकर आने वाले पुरुषों और महिलाओं को भी दुकान में एंट्री नहीं दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने यह फैसला लगातार हो रही लूट को देखते हुए लिया है। हाल ही में गरियाबंद जिले के नवापारा-राजिम में सर्राफा कारोबारी से करोड़ों रुपये की लूट की गई थी।
क्यों लिया फैसला
बैठक में एसोसिएशन ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि जिस तरह से सोने-चांदी के कीमतों में वृद्धि हो रही है उसे देखकर लग रहा है कि आने वाले समय में चोरी और लूट की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। ऐसे में पहचान छिपाकर आने वालों को दुकानों में एंट्री नहीं दी जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की लूट की घटनाओं में पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज देखती है लेकिन चेहरा छिपाकर रखने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पाती है।
प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी
छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने कहा कि सोने-चांदी की खरीदी करने दुकान में आने वाले कस्टमर अपनी पहचान नहीं छिपाएं। सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि यह फैसला लिया गया है कि कोई भी कस्टमर जो घूंघट, बुर्का या हेलमेट पहनकर दुकान में आता है उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के इस फैसले को पूरे छत्तीसगढ़ के सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यवसायी पालन करेंगे।
गरियाबंद में हुई थी लूट
गरियाबंद के नवापारा राजिम में सोने-चांदी की बड़ी लूट को अंजाम दिया गया था। यहां बदमाशों ने करीब एक करोड़ रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर फरार हो गए थे। इस घटना से प्रदेश भर के सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल है। इसी घटना के बाद यह फैसला किया गया है।


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