प्रशासनिक जांच में उजागर हुआ सत्य
कोरबा/स्वराज टुडे: विगत 12 जनवरी 2026 को श्री सुमेर सिंह, पिता श्री त्रिलोक सिंह, निवासी ग्राम पूटा, तहसील हरदीबाजार द्वारा आत्महत्या के प्रयास की घटना के संबंध में विभिन्न समाचार एवं मीडिया माध्यमों द्वारा यह प्रकाशित किया गया कि यह कदम उनके द्वारा धान विक्रय में आ रही कथित परेशानियों के कारण उठाया गया।
उक्त समाचारों की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से जांच कराई गई। एसडीएम पाली श्री रोहित सिंह ने इस सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि श्री सुमेर सिंह के नाम पर ग्राम पूटा, तहसील हरदीबाजार में खसरा नंबर 270/2 रकबा 0.202 हेक्टेयर एवं खसरा नंबर 219/2 रकबा 1.315 हेक्टेयर भूमि दर्ज है। उन्होंने बताया कि उक्त भूमि का मौके पर निरीक्षण अपर कलेक्टर कोरबा (प्रभारी भू-अभिलेख शाखा), डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, संबंधित हल्का पटवारी, भूमि विक्रेता श्री जयनारायण गोंड़, ग्राम सरपंच, उप-सरपंच एवं ग्रामवासियों की उपस्थिति में किया गया। मौका निरीक्षण के दौरान तैयार पंचनामा तथा लिये गये फोटोग्राफ्स से यह स्पष्ट रूप से पाया गया कि उक्त भूमि खरीफ मौसम 2026 में *पड़ती* थी तथा उस पर खरीफ मौसम के दौरान किसी भी प्रकार की धान अथवा अन्य कोई फसल नहीं लगी हुई है, जिसकी पुष्टि मौके पर उपस्थित सरपंच, उपसरपंच तथा ग्रामवासियों ने की है। जिससे आत्महत्या के प्रयास को धान विक्रय से जोड़कर प्रकाशित किया गया समाचार तथ्यात्मक रूप से भ्रामक एवं निराधार है। प्रशासन द्वारा की गई जांच में इसका कोई भी आधार नहीं पाया गया है।
उधर स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) के डीन डॉ. के. के. सहारे ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री सुमेर सिंह, आयु 50 वर्ष, निवासी एवं किसान, जहर सेवन की शिकायत के साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिसिन विभाग के आईसीयू में भर्ती किए गए थे।
डॉ. सहारे ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षण एवं उपचार के दौरान यह पाया गया कि मरीज पर जहरखुरानी का कोई भी प्रभाव नहीं है। आगे की विस्तृत जांच में स्पष्ट हुआ कि मरीज को हो रही स्वास्थ्य समस्याएँ जहर सेवन के कारण नहीं, बल्कि पूर्व में किए गए शराब सेवन के विथड्रावल सिम्प्टम के कारण उत्पन्न हुई हैं।
मरीज की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति के पूर्ण उपचार और विशेष देखभाल हेतु उन्हें एम्स रायपुर स्थानांतरित किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा मरीज की स्थिति पर सतत निगरानी रखी गई और आवश्यक सभी चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।
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