टैटू बनवाने के शौकीन पहले जान लें ये नियम! इन जगहों पर टैटू होने पर नहीं मिलेंगी सरकारी नौकरी

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कोलकाता/स्वराज टुडे: कलकत्ता हाई कोर्ट में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक जवान को उसके शरीर पर टैटू होने की वजह से सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) में कांस्टेबल की नौकरी के लिए अनफिट माना गया। कैंडिडेट ने हाई कोर्ट का रुख किया, लेकिन उसकी याचिका खारिज कर दी गई। जिस कैंडिडेट की याचिका खारिज हुई थी, उसके शरीर पर कई टैटू थे, जिन्हें उसने भर्ती प्रक्रिया के दौरान हटवा लिया था।

तो, आज हम आपको सेना और पैरामिलिट्री फोर्सेज में नौकरी के लिए टैटू से जुड़े नियमों और शरीर के किन हिस्सों पर टैटू बनवाना स्वीकार्य है, इसके बारे में बताएंगे।

आप टैटू कहाँ बनवा सकते हैं?

SSB (सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड) के लिए सेना की टैटू पॉलिसी के अनुसार, टैटू सिर्फ दो जगहों पर ही बनवाने की इजाज़त है। इसका मतलब है कि अगर आपके इन दो जगहों पर टैटू हैं, तो भी आपको नौकरी मिल सकती है। टैटू कोहनी के नीचे (फोरआर्म) या हाथ के पिछले हिस्से पर बनवाने की इजाज़त है। शरीर के किसी भी दूसरे हिस्से पर टैटू होने पर रिजेक्शन हो जाएगा। सेना में शामिल होने से पहले अपने शरीर पर किसी भी टैटू के बारे में बताना भी ज़रूरी है।

किस तरह के टैटू की इजाज़त है?

सेना की पॉलिसी के अनुसार, सिर्फ छोटे और ऐसे टैटू जिनकी वजह से मिलिट्री डिसिप्लिन पर कोई बुरा असर न पड़े, जैसे धार्मिक चिन्ह या प्रियजनों के नाम, उन्हीं की इजाज़त है। शरीर के किसी भी हिस्से पर भड़काऊ या दूसरे आपत्तिजनक टैटू होने पर कैंडिडेट को डिसक्वालिफाई कर दिया जाएगा। इसमें अश्लील, जातिवादी और सेक्सिस्ट टैटू शामिल हैं।

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किन्हें छूट मिलती है?

कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें टैटू होने के बावजूद सेना में शामिल होने की इजाज़त है। इसमें आदिवासी समुदायों के कैंडिडेट शामिल हैं। भारत सरकार द्वारा घोषित आदिवासी समुदायों/इलाकों के कैंडिडेट को अपनी कम्युनिटी की मौजूदा परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार अपने शरीर के किसी भी हिस्से पर परमानेंट टैटू बनवाने की इजाज़त है। इसके लिए पहले से एक सर्टिफिकेट की ज़रूरत होती है।

टैटू का पता कब चलता है ?

अगर आपको लगता है कि आप अपने शरीर पर कहीं भी टैटू बनवा सकते हैं और पकड़े नहीं जाएंगे, तो आप गलत हैं। सेना भर्ती प्रक्रिया के दौरान मेडिकल जांच होती है, जिसमें आपके शरीर के हर हिस्से की अच्छी तरह से जांच की जाती है। इस जांच के दौरान टैटू का भी पता चल जाता है, और टैटू वाले लोगों को डिसक्वालिफाई कर दिया जाता है। टैटू होने की जानकारी देने के अलावा, आवेदकों को उनकी तस्वीरें भी जमा करनी होती हैं। जानकारी छिपाने या गलत जानकारी देने पर कैंडिडेट को किसी भी समय डिसक्वालिफाई किया जा सकता है।

क्या टैटू हटवाने के बाद अप्लाई कर सकते हैं?

जो उम्मीदवार आर्मी या आर्म्ड फोर्सेज में शामिल होना चाहते हैं, वे अप्लाई करने से पहले अपने टैटू हटवा सकते हैं। यह रिक्रूटमेंट प्रोसेस शुरू होने से पहले या एप्लीकेशन फॉर्म भरने से पहले किया जाना चाहिए, क्योंकि एक बार मेडिकल टेस्ट में डिसक्वालिफाई होने के बाद आप दोबारा अप्लाई नहीं कर सकते। यह बात कलकत्ता हाई कोर्ट में सुने गए एक मामले में साफ हुई। इस मामले में, एप्लीकेंट ने दूसरे मेडिकल एग्जाम से ठीक पहले लेजर से टैटू हटवाया था, लेकिन इसके बावजूद उसे डिसक्वालिफाई कर दिया गया।

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दीपक साहू

संपादक

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