पीरियड रोकने की दवा खाने से लड़की की मौत, परिवार की एक जिद ने ले ली बेटी की जान

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बंगलुरू/स्वराज टुडे: हाल ही में एक डॉक्टर ने एक दिल दहला देने वाली घटना के बारे में बताया है, जो हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है. बंगलुरु के सागर अस्पताल में पदस्थ वैस्कुलर सर्जन डॉ. विवेकानंद ने बताया कि कैसे एक 18 साल की लड़की की मौत सिर्फ इसलिए हो गई क्योंकि उसने पूजा के लिए अपने पीरियड्स रोकने की दवा ली थी. छोटी-सी लापरवाही और डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है.

क्या है पूरा मामला?

डॉ. विवेकानंद ने एक पॉडकास्ट में यह दुखद कहानी साझा की. उन्होंने बताया कि एक 18 साल की इंजीनियरिंग की छात्रा अपने दोस्तों के साथ उनके क्लिनिक पर आई. उसके पैर और जांघ में बहुत तेज दर्द और सूजन थी. जब उससे पूछा गया कि यह कब शुरू हुआ, तो उसने बताया:

“घर में पूजा थी, इसलिए मैंने पीरियड्स रोकने के लिए कुछ हार्मोनल गोलियां खाई थीं.”

उसने ये गोलियां सिर्फ 3 दिन के लिए ही ली थीं. जांच करने पर पता चला कि उसे ‘डीप वेन थ्रोम्बोसिस’ (Deep Vein Thrombosis- DVT) हो गया है. इसका मतलब है कि उसके पैर की नस में खून का एक बड़ा थक्का जम गया था, जो लगभग उसकी नाभि तक पहुँच गया था.

डॉक्टर की सलाह को किया नजरअंदाज

लड़की की हालत की गंभीरता को देखते हुए डॉ. विवेकानंद ने तुरंत उसे अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी. उन्होंने लड़की के पिता से फोन पर बात की और उन्हें स्थिति की गंभीरता के बारे में बताया. लेकिन, लड़की के पिता ने कहा, “डॉक्टर, उसकी माँ कह रही है कि वह कल सुबह आएगी और फिर हम आपसे मिलेंगे.”

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डॉक्टर के बार-बार जोर देने के बावजूद परिवार ने शीघ्र इलाज शुरू करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई और अगले दिन के लिए टाल दिए और फिर बहुत देर हो चुकी थी

डॉक्टर ने भारी मन से बताया, “उसी रात करीब 2 बजे मेरे पास इमरजेंसी से फोन आया. मुझे बताया गया कि एक लड़की को इमरजेंसी में लाया गया है और उसकी सांसें नहीं चल रही हैं.” यह वही 18 साल की लड़की थी. जब तक उसे अस्पताल लाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. खून का वह थक्का अपनी जगह से हटकर उसके फेफड़ों तक पहुँच गया था, जिससे उसकी साँस रुक गई और उसकी मौत हो गई.

डॉक्टर ने अफसोस जताते हुए कहा, “मुझे बहुत बुरा लगा. मुझे लगा कि काश मैंने उन्हें कॉलर से पकड़कर जबरदस्ती भर्ती करा लिया होता. मुझे ऐसा करना चाहिए था.”

क्या है डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT)?

डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) एक गंभीर मेडिकल स्थिति है जिसमें शरीर की गहरी नसों में, आमतौर पर पैरों में, खून का थक्का बन जाता है. हार्मोनल गोलियां (जैसे गर्भनिरोधक या पीरियड रोकने वाली दवाएं) इसका एक प्रमुख जोखिम कारक हैं. खतरा तब होता है जब यह थक्का टूटकर खून के बहाव के साथ फेफड़ों तक पहुँच जाता है. इसे पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) कहते हैं, जो अचानक मौत का कारण बन सकता है.

● डॉक्टर से पूछे बिना कोई भी दवा न लें

पीरियड रोकने या आगे बढ़ाने वाली हार्मोनल गोलियां बहुत सोच-समझकर और केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए. ये हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होती हैं.

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● लक्षणों को पहचानें

अगर आपको पैर में असामान्य दर्द, सूजन, या त्वचा का रंग लाल पड़ना जैसे लक्षण दिखें, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह DVT हो सकता है.

● डॉक्टर की सलाह को गंभीरता से लें

अगर कोई डॉक्टर आपको तुरंत अस्पताल में भर्ती होने के लिए कह रहा है, तो इसका मतलब है कि स्थिति गंभीर है. ऐसे में देरी करना जानलेवा हो सकता है.
यह दुखद घटना हमें याद दिलाती है कि स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में कोई भी फैसला लापरवाही से नहीं लेना चाहिए. एक छोटी सी गलती की कीमत किसी की जान हो सकती है.

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दीपक साहू

संपादक

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