समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष मिलाऊ राम यादव ने पेट्रोल पंप की जांच की उठायी मांग

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छत्तीसगढ़
मुंगेली/स्वराज टुडे: पेट्रोल पंपों की जांच कई वर्षों से नहीं की गई है, यह एक गंभीर चिंता का विषय है। पेट्रोल पंपों की नियमित जांच न होने से मिलावटी पेट्रोल-डीजल की बिक्री, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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मिलावटी पेट्रोल-डीजल: जांच न होने से पेट्रोल पंपों पर मिलावटी पेट्रोल-डीजल बेचने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे ग्राहकों को कम गुणवत्ता वाला ईंधन मिलता है और उनके वाहनों को नुकसान हो सकता है.
● सुरक्षा जोखिम: जांच न होने से पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो सकता है, जिससे आग लगने या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है.
धोखाधड़ी: जांच न होने से पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी होने की संभावना बढ़ जाती है, जैसे कि कम मात्रा में ईंधन देना या अधिक पैसे लेना.
नियमों का उल्लंघन: जांच न होने से पेट्रोल पंपों द्वारा विभिन्न नियमों और विनियमों का उल्लंघन हो सकता है, जैसे कि पेट्रोल पंपों के बीच की दूरी.
पेट्रोल पंपों की नियमित जांच सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे गुणवत्ता, सुरक्षा और नियमों का पालन कर रहे हैं।

*दिलीप कुमार की रिपोर्ट*

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दीपक साहू

संपादक

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