Close Menu
Swaraj TodaySwaraj Today
    What's Hot

    अग्निवीर थल सेना भर्ती के लिए अधिसूचना जारी

    March 24, 2026

    Bareli: पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए गौ तस्कर, मांगने लगे अपनी जान की भीख, बोले- ‘या अल्लाह, अब नहीं करेंगे’

    March 24, 2026

    बालको ने विश्व जल दिवस पर चलाया सामुदायिक जल संचय अभियान

    March 24, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, March 25
    Swaraj TodaySwaraj Today
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • होम
    • कोरबा
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    • दुनिया
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • करियर जॉब
    • मनोरंजन
    Swaraj TodaySwaraj Today
    Home»Featured»युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति समाज के लिए चिंता का विषय- डॉ स्वाति जाजू
    Featured

    युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति समाज के लिए चिंता का विषय- डॉ स्वाति जाजू

    Deepak SahuBy Deepak SahuJuly 13, 2024Updated:July 13, 2024No Comments5 Mins Read0 Views
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link

    आत्महत्या को लैटिन में suicidium ,suicaedere कहा जाता है जिसका अर्थ है स्वयं को मारना। हर कोई बहुत मजबूत नहीं होता और ना ही सबकी जिंदगी एक जैसी होती है । प्रत्येक मनुष्य अपने आप को सुख देना चाहता है । यह सुख भौतिक, आर्थिक या सामाजिक तौर पर होता है जिससे व्यक्ति अपने अलावा अन्य लोगों को सुखी दिखाने का दिखावा करता है और यही दिखावा दिखाने के चक्कर में आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होने पर या आर्थिक दबाव सहन नहीं कर पाने पर  वो आत्महत्या के  लिए प्रेरित होता है।

    साथ ही शिक्षा से जुड़े युवा आत्महत्या की ओर तब कदम उठाते हैं जब उनकी इच्छाओं को दबाकर माता-पिता उन्हें जबरन वह शिक्षा देना चाहते हैं जिसमें उन्हें कोई रुचि नहीं होती है। दबाव में रहकर वे प्रवेश तो ले लेते है परंतु धीरे-धीरे उनके सब्र का बांध जब टूट जाता है तो निराशा उन्हें सताने लगती है और तब युवा दूसरों की तुलना में अपने आप को कमजोर समझने लगते है और वे स्वयं को खत्म करने के रास्ते ढूंढने का प्रयास करते है ।

    कई शोध में पता चला है कि युवाओं में इसकी बड़ी वजह स्कूल और परिवार का दबाव है । कोटा जैसे एजुकेशन हब में प्रतिवर्ष ऐसी घटनाएं सबसे ज्यादा आती हैं । डॉक्टर एम.एस. अग्रवाल कोटा कहते हैं कि मैं एमबीएस अस्पताल कोटा के मनोचिकित्सा विभाग का पूर्व विभाग अध्यक्ष हूं और कोटा में आत्महत्या का कारण मुझे मानसिक दबाव, मानसिक रोग अथवा पारिवारिक झगड़े लगते हैं । मैं अब तक सैकड़ो लोगों के फोन कॉल्स अटेंड कर चुका हूं जो आत्महत्या करने जा रहे थे।

    यह भी पढ़ें :  डॉक्टर ने क्लीनिक में गुप्त कैमरा लगाकर बना लिए 3 हजार से ज्यादा वीडियो, फिर क्लीनिक मालिक को ही करने लगा ब्लैकमेल, जानकारी मिलने पर कुछ पत्रकार भी करने लगे ब्लैकमेल

    आज आधुनिकता की होड़ में देखा देखी कर युवा जिन मनोभावों से गुजरते है उसे वह नियंत्रित नहीं कर पाते और तनाव निराशा के चलते वे ऐसे मानसिक विकारों के कारण जानबूझकर अपनी मृत्यु का कारण बनते हैं। वारनिक का दावा है कि भारत में वार्षिक आत्महत्या दर 10.5 प्रति 1 लाख है जबकि पूरे विश्व में आत्महत्या प्रति एक लाख पर 11.6 है । दुनिया भर में हर साल लगभग 8 लाख लोग आत्महत्या करते हैं। इनमें से 1लाख 35 हजार यानी लगभग 17% भारत के निवासी होते हैं ।

    ये बड़ी ही दयनीय स्थिति है जहां भारत को सोने की चिड़िया कहां जाता है, वहां देश के युवा वर्ग निराशा से पीड़ित हैं, ऐसा क्यों?  इसके कारणों को कोई जानने का प्रयास नहीं करता। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के 2015 के आंकड़ों के अनुसार 8932 (सभी आत्महत्याओं में 6.7%) छात्र हर साल आत्महत्या कर लेते हैं । नेशनल क्राईम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार भारत में 1 घंटे में एक छात्र आत्महत्या करता है । यह बहुत ही गंभीर और चिंताजनक स्थिति है । न केवल युवा के लिए बल्कि उसके माता-पिता और समाज के लिए भी चिंताजनक विषय है।

    युवाओं में संवेगों की प्रवृत्ति अधिक होती है । इसी समय अगर उसे सही मार्गदर्शन में सहायता दी जाए, उनके मनोभावों को नियंत्रित करने में पालक एवं स्कूल कॉलेज में यह सुविधा दी जाए तो शायद आत्महत्या के आंकड़ों में काफी कमी आ सकती है क्योंकि शोध के आंकड़े बड़े डरावने हैं ।

    आज कोचिंग सेंटरों में दसवीं के बाद कक्षा 12वीं, NEET, JEE अथवा अन्य कोचिंग कराई जाती है । इसके साथ ही कक्षा ग्यारहवीं एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षा देना मानसिक तौर पर एक तनावपूर्ण प्रक्रिया है । इस बीच किशोरों की वास्तविक बुद्धि पर तनाव बहुत बढ़ जाता है। ऊपर से माता-पिता की अपेक्षाओं के आगे हार मानकर ऐसे नकारात्मक कदम उठाने मजबूर हो जाता है।

    यह भी पढ़ें :  Korba: तरुण हत्याकांड से देश भर के हिंदुओं में आक्रोश, विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल ने निकाली मशाल यात्रा, श्रद्धांजलि सभा आयोजित

    रोकथाम कैसे हो सकती है

    युवा की आत्महत्या आमतौर पर भावनात्मक, पारिवारिक, दोस्ती यारी अथवा सामाजिक वातावरण के संदर्भ में होती हैं ।

    ● इसको रोकने के लिए एक बेहतर शारीरिक एवं भावनात्मक वातावरण जैसे शिक्षा, रोजगार, आत्म विकास और अवकाश के सुअवसर देना चाहिए ।

    ● प्रत्येक शाला में साप्ताहिक मार्गदर्शन सेल की व्यवस्था कक्षा आठवीं के उपरांत प्रारंभ कर देना चाहिए ।

    ● युवाओं में सामाजिक लगाव पैदा करने हेतु उन्हें एनसीसी, स्काउट गाइड और एनएसएस में शामिल करने की सुविधा देनी चाहिए जिससे स्वः की भावना से परे देश के लिए भी सोच सकें।

    ● माता-पिता की भावनात्मक दबाव कम मित्रवत व्यवहार अपनाना होगा ।

    ● बालक की रुचि जानने का प्रयास करें । उसकी मदद करें। बदलते परिवेश के साथ कुछ रूढ़ियों को छोड़कर नए नीतियों को भी अपनाना होगा ।

    ● एक स्थिर सुरक्षित भौतिक एवं भावनात्मक घरेलू वातावरण प्रदान करना चाहिए। केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि उसके मनपसंद खेल एवं रुचि हेतु उसे करने की अनुमति देना चाहिए।

    ● परिवार के साथ घूमने के अलावा अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में युवाओं /किशोरों को शामिल करना चाहिए।

    आत्महत्या करना बहुत ही संवेदनशील और व्यक्तिगत कदम है। हमारे देश में आत्महत्या को एक सामाजिक समस्या के रूप में माना जाता है इसलिए इसे एक मानसिक विकार, पारिवारिक संघर्ष, सामाजिक कुव्यवस्था आदि वैचारिक दर्जा दिया जाता है।  सरकार द्वारा और अनेक सामाजिक संस्थाओं द्वारा इसको रोकने हेतु मुहिम चलाई जा रही है । वेबसाइट राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम लाइफ लाइन 800 273 talk 8255 गोपनीय आत्महत्या रोकथाम द्वारा टेलिफोनिक सेवा भी उपलब्ध कराई गई है जिससे युवाओं के तनाव को कम करके उनके मन से आत्महत्या के ख्याल को पूरी तरह से निकाला जा सके ।

    यह भी पढ़ें :  Korba: 4 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए “बाल मैत्री कार्यक्रम” : आंगनबाड़ी से प्राथमिक शाला तक सहज प्रवेश की पहल

    *डॉ स्वाति जाजू, बिलासपुर*

    यह भी पढ़ें: आधुनिक समाज में बिखरते परिवार: गृहस्थ एक तपोवन है जिसमें सेवा, सहिष्णुता और संयम की आवश्यकता होती है- हिना यास्मीन खान, लोक अभियोजन अधिकारी

    यह भी पढ़ें: अगर इस उम्र में भी आप अपने बच्चों के साथ शेयर करते हैं बेड, तो जान लीजिए ये बात…- डॉ अवंतिका कौशिल

    यह भी पढ़ें: गंभीर अपराधों में नाबालिगों की बढ़ती संलिप्तता समाज व राष्ट्र के लिए खतरे की घंटी- डॉ सुषमा पांडेय

    Swaraj Today converted
    Deepak Sahu

    Editor in Chief

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    अग्निवीर थल सेना भर्ती के लिए अधिसूचना जारी

    March 24, 2026

    Bareli: पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए गौ तस्कर, मांगने लगे अपनी जान की भीख, बोले- ‘या अल्लाह, अब नहीं करेंगे’

    March 24, 2026

    बालको ने विश्व जल दिवस पर चलाया सामुदायिक जल संचय अभियान

    March 24, 2026

    पुलिस कस्टडी में बहन को भाइयों ने मारी गोली, एक भाई ने किया सरेंडर दूसरा फरार, घटना से अस्पताल परिसर में मची खलबली

    March 24, 2026

    राशिफल 24 मार्च 2026 : जानिए कैसा रहेगा आपका आज का दिन

    March 24, 2026

    एसटी, एससी व ओबीसी वर्ग के छात्रों से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन पंजीयन की तिथि बढ़ी

    March 24, 2026
    Top Posts

    किचन में आया नया जुगाड़, ‘विश्वगुरु चूल्हा’ से बिना LPG-इंडक्शन के झटपट 25 लोगों का खाना तैयार, देखें वायरल वीडियो……

    March 22, 2026689 Views

    मुर्दाघर में युवक का होने ही वाला था पोस्टमार्टम, तभी उठ बैठा मृतक, उसके बाद जो हुआ….

    March 19, 2026598 Views

    18 वर्षीय छात्रा की मासूमियत पर मत जाना, पढ़ाई छोड़ बर्बाद करती थी कॉलेज छात्रों की जिंदगी

    March 20, 2026492 Views
    Don't Miss

    अग्निवीर थल सेना भर्ती के लिए अधिसूचना जारी

    March 24, 2026

    छत्तीसगढ़ कोरबा/स्वराज टुडे: सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार सेना में भर्ती…

    Bareli: पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए गौ तस्कर, मांगने लगे अपनी जान की भीख, बोले- ‘या अल्लाह, अब नहीं करेंगे’

    March 24, 2026

    बालको ने विश्व जल दिवस पर चलाया सामुदायिक जल संचय अभियान

    March 24, 2026

    पुलिस कस्टडी में बहन को भाइयों ने मारी गोली, एक भाई ने किया सरेंडर दूसरा फरार, घटना से अस्पताल परिसर में मची खलबली

    March 24, 2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • YouTube
    • TikTok
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram
    About

    Owner & Chief Editor:
    DEEPAK SAHU

    Address:
    Punjabi Gurudwara Road, Purani Basti, Korba, Dist. - Korba, (C.G.) Pin - 495678

    Email:

    [email protected]

    Mobile:

    9827197872,
    8982710004

    Udyam Reg. No.:
    CG-10-0001978

    Post Calendar
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Important Pages
    • Home
    • About Us
    • Disclaimer
    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    © 2026 Swaraj Today. Designed by Nimble Technology.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.