Close Menu
Swaraj TodaySwaraj Today
    What's Hot

    खनिज विभाग कोरबा ने सघन अभियान चला 14 जगह मारा छापा, बरमपुर और पाली में रेत का अवैध परिवहन कर रहे एक टीपर और एक ट्रेक्टर को किया जप्त

    June 27, 2026

    बालको की वजह से क्षेत्र का संपूर्ण विकास संभव : लखन लाल देवांगन

    June 27, 2026

    नारी राग रंग महोत्सव 2026 : नारी शक्ति, सृजनात्मक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का भव्य मंच

    June 27, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, June 28
    Swaraj TodaySwaraj Today
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • होम
    • कोरबा
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    • दुनिया
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • करियर जॉब
    • मनोरंजन
    Swaraj TodaySwaraj Today
    Home»Featured»कल 16 मार्च से लागू हो जाएगी आचार संहिता, जानें किन-किन चीजों पर लगेगी पाबंदी? आम लोगों पर क्या होगा असर
    Featured

    कल 16 मार्च से लागू हो जाएगी आचार संहिता, जानें किन-किन चीजों पर लगेगी पाबंदी? आम लोगों पर क्या होगा असर

    Deepak SahuBy Deepak SahuMarch 15, 2024
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link

    नई दिल्ली/स्वराज टुडे: लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग कल (शनिवार-16 मार्च, 2024) करेगा। इसके साथ ही राज्यों में विधानसभा (ओडिशा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश) चुनाव की तारीखों की भी घोषणा होगी। चुनाव आयोग की इस घोषणा के साथ ही देश भर में आचार संहिता लागू हो जाएगी।

    ऐसे में आइए जानते हैं कि चुनाव आचार संहिता क्या होती है? इसे कौन लागू करता है। इस दौरान कौन से काम बंद और कौन से कार्य जारी रहते हैं।

    आचार संहिता?

    चुनाव आयोग ने देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए कुछ नियम बनाए हैं। आयोग के इन्हीं नियमों को आचार संहिता कहते हैं। लोकसभा/विधानसभा चुनाव के दौरान इन नियमों का पालन करना सरकार, नेता और राजनीतिक दलों के लिए जरूरी होता है।

    इलेक्शन कमीशन भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन संसद और राज्य विधान मंडलों के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचनों के आयोजन के लिए अपने संवैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन में केंद्र और राज्यों में सत्तारूढ़ दल (दलों) और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों से इसका पालन सुनिश्चित करता है। यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि निर्वाचन के प्रयोजनार्थ अधिकारी तंत्र का दुरूपयोग न हो। आचार संहिता लागू होते ही सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं। आचार संहिता सभी राजनीतिक दलों की सहमति से लागू एक सिस्टम है।

    आचार संहिता कब तक रहती है प्रभावी?

    चुनाव आयोग जब चुनाव की तारीखों की घोषणा करता है। उसी के साथ ही आचार संहिता लागू हो जाती है। इस बार आचार संहिता कल यानी (16 मार्च, 2024) से लागू हो जाएगी। क्योंकि चुनाव आयोग शनिवार को चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा। आचार संहिता निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहती है। या दूसरे शब्दों में कहें तो आचार संहिता चुनावी परिणाम आने तक लागू रहती है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही आचार संहिता समाप्त हो जाती है।

    आम आदमी पर भी लागू

    कोई आम आदमी भी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर भी आचार संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसका मतलब यह है कि यदि आप अपने किसी नेता के प्रचार में लगे हैं, तब भी आपको इन नियमों को लेकर जागरूक रहना होगा। कोई राजनेता आपको इन नियमों के इतर काम करने के लिए कहता है तो आप उसे आचार संहिता के बारे में बताकर ऐसा करने से मना कर सकते हैं। क्योंकि ऐसा करते पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई होती है। उल्लंघन करने पर आपको हिरासत में भी लिया जा सकता है।

    यह भी पढ़ें :  शादीशुदा असलम के साथ लिव इन में रह रहीं आप नेता नंदिनी ने की आत्महत्या, पिता ने हत्या का लगाया आरोप

    सरकार नहीं कर सकती ट्रांसफर-पोस्टिंग

    आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी की ट्रांसफर-पोस्टिंग सरकार नहीं कर सकती है। ट्रांसफर कराना बहुत जरूरी हो गया हो, तब भी सरकार बिना चुनाव आयोग की सहमति के ये निर्णय नहीं ले सकती है। इस दौरान राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त जरूरत के हिसाब से अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग कर सकते हैं।

    रैली निकालने के लिए थाने में देनी होती है जानकारी

    पार्टी की जुलूस या रैली निकालने के लिए प्रत्याशी को चुनाव आयोआचार संहिता के उल्लंघन पर क्या होता है?ग से परमिशन लेनी होती है। इसकी जानकारी प्रत्याशी को पास के थाने में भी देनी होती है। जनसभा और स्थान की जानकारी पुलिस अधिकारियों की देनी होती है।

    आचार संहिता के उल्लंघन पर क्या होता है?

    चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कई नियम भी लागू हो जाते हैं। इन नियमों का उल्लंघन कोई भी राजनेता या राजनीतिक दल नहीं कर सकता है। इसके अतिरिक्त यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि निर्वाचन के दौरान अपराध, कदाचार और भ्रष्ट आचरण, रिश्वतखोरी और मतदाताओं को प्रलोभन, मतदाताओं को धमकाना और भयभीत करने जैसी गतिविधियों को रोका जा सके। इनके उल्लंघन के मामले में उचित कार्रवाई की जाती है।अगर कोई शख्स या राजनीतिक दल नियमों का पालन नहीं करता है तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ एक्शन ले सकता है। प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से रोका भी जा सकता है। साथ ही उसके खिलाफ FIR दर्ज भी की जा सकती है। दोष सिद्ध होने पर प्रत्याशी को सलाखों के पीछे भी जाना पड़ सकता है।

    आचार संहिता लागू होने से पहले भी हो सकता है एक्शन

    इलेक्शन कमीशन आचार संहिता लागू होने से पहले भी कार्रवाई कर सकता है। साल 2010 में चुनाव आयोग के सामने यह शिकायत आई थी कि बसपा ने सरकारी पैसे से अपने चुनाव चिह्न ‘हाथी’ की प्रतिमाएं बनवाकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

    चुनाव आयोग ने इस शिकायत पर कहा कि आचार संहिता की समय-सीमा से बाहर किसी भी राजनीतिक दल की ओर से सरकारी शक्ति और तंत्र के कथित दुरुपयोग पर एक्शन नहीं ले सकते हैं।

    आयोग के इस रुख को दिल्ली हाई कोर्ट में कॉमन कॉज बनाम बसपा के रूप में चुनौती दी गई। इस केस जुड़े नियमों को जांच करने के बाद हाई कोर्ट फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि चुनाव आयोग बसपा के चुनाव चिह्न को अमान्य घोषित कर सकता है।

    यह भी पढ़ें :  आदतन अपराधी एवं गुंडा बदमाश रज्जाक अली के विरुद्ध कोरबा पुलिस की सख्त कार्रवाई, हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

    चुनावी खर्च में क्या होता है शामिल?

    चुनावी खर्च में वो राशि शामिल है, जो एक उम्मीदवार चुनाव अभियान के दौरान कानूनी रूप से खर्च करता है। इसमें सार्वजनिक बैठकों, रैलियों, विज्ञापनों, पोस्टर, बैनर, वाहनों और विज्ञापनों पर खर्च शामिल होता है। जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77 के तहत प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन की तिथि से लेकर परिणाम घोषित होने की तिथि तक किए गए सभी व्यय का अलग और सही खाता रखना होता है। चुनाव संपन्न होने के 30 दिनों में उम्मीदवारों को चुनाव आयोग के समक्ष अपना व्यय विवरण प्रस्तुत करना होता है। यदि प्रत्याशियों ने गलत विवरण प्रस्तुत किया तो अधिनियम की धारा 10 के तहत चुनाव आयोग उसे तीन साल के लिए अयोग्य घोषित कर सकता है।

    आचार संहिता की शुरुआत कब हुई?

    आदर्श आचार संहिता की शुरुआत सबसे पहले 1960 में केरल विधानसभा चुनाव में हुई थी, जिसमें बताया गया कि उम्मीदवार क्या कर सकता है और क्या नहीं। चुनाव आयोग ने 1962 के लोकसभा चुनाव में पहली बार इसके बारे में सभी राजनीतिक दलों को अवगत कराया था। 1967 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से आचार संहिता की व्यवस्था लागू हुई। तब से अब तक नियमित इसका पालन हो रहा है। हालांकि समय-समय पर इसके दिशा-निर्देशों में बदलाव होता रहा है।

    इन कार्यों पर नहीं रहती पाबंदी?

    ◆ आचार संहिता लगने से पहले जिस सरकारी योजना पर काम शुरू हो गया है। वो आचार संहिता लागू होने के बावजूद जारी रहती है।

    ◆ जिन योजनाओं में आचार संहिता लागू होने से पहले किसे लाभ मिलेगा, इसकी पहचान हो गई हो, वो योजनाएं चालू रहेंगी। वहीं पहले से चल रही मनरेगा जैसी योजनाएं जारी रहती हैं।

    ◆ जिन नई योजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है और उसके लिए राशि भी स्वीकृत हो चुकी हो तो वो चलती रहेंगी।

    ◆ साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस, जाति-निवास प्रमाण पत्र, जमीन की रजिस्ट्री जैसे काम आचार संहित के दौरान भी जारी रहते हैं।

    आचार संहिता के दौरान किन कार्यों पर होती है पाबंदी?

    चुनावी बेला में आचार संहिता के तहत जानकारी दी जाती है कि राजनीतिक पार्टियां और प्रत्याशी क्या कर सकते हैं और क्या नहीं कर सकते हैं। यह ऐसे कार्य होते हैं जो चुनाव को डायरेक्ट या फिर इनडायरेक्ट रूप से चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं।

    यह भी पढ़ें :  माननीय विशेष न्यायाधीश (विद्युत) श्री सन्तोष शर्मा का महत्वपूर्ण निर्णय, वरिष्ठ अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह की प्रभावी पैरवी से परिवादी को मिली सफलता

    ● आचार संहिता लागू होने पर सरकार नई योजना और नई घोषणाएं नहीं कर सकती।
    ● भूमिपूजन और लोकार्पण भी नहीं हो सकते।
    ● चुनाव प्रचार के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
    ● सरकारी गाड़ी, बंगला, हवाई जहाज का उपयोग वर्जित होता है।
    ● राजनीतिक दलों को रैली, जुलूस या फिर मीटिंग के लिए परमिशन लेनी होती है।
    ● धार्मिक स्थलों और प्रतीकों का इस्तेमाल चुनाव के दौरान नहीं किया जाता है।
    ● मतदाताओं को किसी भी तरह से रिश्वत नहीं दी जा सकती है।
    ● आचार संहिता लागू होते ही दीवारों पर लिखे गए सभी तरह के पार्टी संबंधी नारे व प्रचार सामग्री हटा दी जाती है। होर्डिंग, बैनर व पोस्टर भी हटा दिए जाते हैं।
    ● मतदान केंद्रों पर वोटरों को लाने के लिए गाड़ी मुहैया नहीं करवा सकते हैं।
    ● मतदान के दिन और इसके 24 घंटे पहले किसी को शराब वितरित नहीं की जा सकती है।
    ● चुनाव कार्यों से जुड़े किसी भी अधिकारी को किसी भी नेता या मंत्री से उसकी निजी यात्रा या आवास में मिलने की मनाही होती है।
    ● किसी भी प्रत्याशी या पार्टी पर निजी हमले नहीं किए जा सकते हैं।
    ● किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे।
    ● आदर्श आचार संहिता लगने के बाद पेंशन फॉर्म जमा नहीं हो सकते और नए राशन कार्ड भी नहीं बनाए जा सकते।
    ● विधायक, सांसद या विधान परिषद के सदस्य लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड से नई राशि जारी नहीं कर सकते हैं।
    ● सरकारी खर्चे पर किसी नेता के आवास पर इफ्तार पार्टी या अन्य पार्टियों का आयोजन नहीं कराया जा सकता है।
    ● कोई भी नया सरकारी काम शुरू नहीं होगा। किसी नए काम के लिए टेंडर भी जारी नहीं होंगे।
    ● आदर्श आचार संहिता लगने के बाद बड़ी बिल्डिंगों को क्लियरेंस नहीं दी जाती है।
    ● मतदान के दिन मतदान केंद्र से सौ मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार पर रोक और मतदान से एक दिन पहले किसी भी बैठक पर रोक लग जाती है।
    ● हथियार रखने के लिए नया आर्म्स लाइसेंस नहीं बनेगा।
    ● बीपीएल के पीले कार्ड नहीं बनाए जाएंगे।

    Swaraj Today converted
    Deepak Sahu

    Editor in Chief

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    खनिज विभाग कोरबा ने सघन अभियान चला 14 जगह मारा छापा, बरमपुर और पाली में रेत का अवैध परिवहन कर रहे एक टीपर और एक ट्रेक्टर को किया जप्त

    June 27, 2026

    बालको की वजह से क्षेत्र का संपूर्ण विकास संभव : लखन लाल देवांगन

    June 27, 2026

    नारी राग रंग महोत्सव 2026 : नारी शक्ति, सृजनात्मक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का भव्य मंच

    June 27, 2026

    Raipur: तैलिक समाज एसोसियेशन द्वारा दानवीर भामाशाह जयंती एवं सम्मान समारोह का आयोजन 28 जून को

    June 27, 2026

    बिना परीक्षा RCFL में नौकरी का मौका, 2.20लाख तक मिलेगा वेतन, आवेदन की अंतिम तिथि 13 जुलाई 2026

    June 27, 2026

    समान नागरिक संहिता (UCC): क्या यह वास्तव में देश की प्राथमिकता है? – महफ़ूज खान (वरिष्ठ पत्रकार)

    June 27, 2026
    Top Posts

    बच्चा मां से मांगता रहा मदद और बेशर्म औरत बनाती रही रील, कलेजा चीर देंगी बच्चे की चीखें

    May 16, 20261,670 Views

    Korba: सिरफिरे पति ने पत्नी का सिर धड़ से किया अलग, फिर सिर लेकर गाँव में घूमता रहा आरोपी, मंजर देख काँप गया लोगों का कलेजा, देखें वीडियो…

    April 23, 20261,090 Views

    किचन में आया नया जुगाड़, ‘विश्वगुरु चूल्हा’ से बिना LPG-इंडक्शन के झटपट 25 लोगों का खाना तैयार, देखें वायरल वीडियो……

    March 22, 2026929 Views
    Don't Miss

    खनिज विभाग कोरबा ने सघन अभियान चला 14 जगह मारा छापा, बरमपुर और पाली में रेत का अवैध परिवहन कर रहे एक टीपर और एक ट्रेक्टर को किया जप्त

    June 27, 2026

    छत्तीसगढ़ कोरबा/स्वराज टुडे:  कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन…

    बालको की वजह से क्षेत्र का संपूर्ण विकास संभव : लखन लाल देवांगन

    June 27, 2026

    नारी राग रंग महोत्सव 2026 : नारी शक्ति, सृजनात्मक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का भव्य मंच

    June 27, 2026

    Raipur: तैलिक समाज एसोसियेशन द्वारा दानवीर भामाशाह जयंती एवं सम्मान समारोह का आयोजन 28 जून को

    June 27, 2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • YouTube
    • TikTok
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram
    About

    Owner & Chief Editor:
    DEEPAK SAHU

    Address:
    Punjabi Gurudwara Road, Purani Basti, Korba, Dist. - Korba, (C.G.) Pin - 495678

    Email:

    [email protected]

    Mobile:

    9827197872,
    8982710004

    Udyam Reg. No.:
    CG-10-0001978

    Post Calendar
    June 2026
    M T W T F S S
    1234567
    891011121314
    15161718192021
    22232425262728
    2930  
    « May    
    Important Pages
    • Home
    • About Us
    • Disclaimer
    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    © 2026 Swaraj Today. Designed by Nimble Technology.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.