पी.एम.यू.एम. शिक्षक संघ की अनोखी पहल…दिवंगत होने पर उनके परिजनों को 40-50 लाख रुपये तक का सहयोग

- Advertisement -

मध्यप्रदेश
भोपाल/स्वराज टुडे: कर्मचारी ही कर्मचारी का पालक बन रहे हैं। जी हां, पी.एम.यू.एम. शिक्षक संघ द्वारा संचालित कर्मचारी कल्याण कोष योजना के अंतर्गत शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के शिक्षकों-कर्मचारियों के आकस्मिक निधन की स्थिति में उनके परिजनों को आर्थिक मजबूती प्रदान की जाती है l
पी.एम.यू.एम.शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री विनोद राठौर (नीमच )ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ के किसी भी पंजीकृत सदस्य के दुर्भाग्यपूर्ण निधन पर कर्मचारी कल्याण कोष योजना के माध्यम से संस्थापक श्री सतीश खरे की घोषणा अनुसार न्यूनतम 25 लाख रुपये से लेकर 40–50 लाख रुपये तक का सहयोग दिवंगत सदस्य के परिजनों को प्रदान किया जाता है।

इसी क्रम में पूर्व में दमोह जिले के दिवंगत सदस्य स्व. श्री दिलीप सिंह लोधी जी के परिजनों को 40 लाख रुपये का सहयोग प्रदान किया गया था।
इसी कड़ी में वर्तमान में दतिया जिले में पदस्थ एवं निवाड़ी जिले के निवासी स्व. श्री राकेश कुमार अहिरवार जी के दुःखद निधन पर संघ द्वारा दूसरा सहयोग अभियान संचालित किया जा रहा है। संघ द्वारा सभी सदस्यों से 26 जनवरी तक अपना-अपना सहयोग अवश्य करने का आह्वान किया गया है।
सह-संस्थापक एवं प्रांताध्यक्ष श्री मुरली मनोहर अरजरिया ने बताया कि वर्तमान में संघ के सदस्यों की संख्या 74,000 से अधिक हो चुकी है। कर्मचारी कल्याण कोष के माध्यम से संस्थापक श्री सतीश खरे के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में चल रहे दूसरे सहयोग अभियान में अब तक 28 लाख रुपये से अधिक की राशि एकत्रित की जा चुकी है।
यह सहयोग 26 जनवरी तक ही स्वीकार किया जाएगा, इसके पश्चात सहयोग बंद कर दिया जाएगा। सहयोग न करने वाले सदस्य कर्मचारी कल्याण कोष योजना के लाभों से वंचित रहेंगे।

यह भी पढ़ें :  Palm Mall परिसर एवं आसपास पार्किंग व्यवस्था एवं यातायात नियंत्रण हेतु बैठक संपन्न, लापरवाह लोगों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई

IMG 20260123 WA0036
दिवंगत राकेश अहिरवार (दतिया)

सह-संस्थापक श्री ब्रजेश असाटी ने बताया कि पूर्व सहयोग अभियान में ₹100 प्रति सदस्य की राशि निर्धारित थी, जबकि इस बार स्व. श्री राकेश कुमार अहिरवार जी के लिए ₹80 प्रति सदस्य की सहयोग राशि संस्थापक श्री सतीश खरे द्वारा निर्धारित की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ₹80 के सहयोग से भी यह अभियान लगभग 40 लाख रुपये के आसपास पहुँचेगा।
कर्मचारी कल्याण कोष के संस्थापक श्री सतीश खरे ने बताया कि 26 जनवरी तक सदस्यता लेने वाले सभी सदस्यों के लिए सहयोग करना अनिवार्य है। यदि किसी सदस्य के तीन माह पूर्ण हो चुके हों, किंतु उसने सहयोग नहीं किया हो और दुर्भाग्यवश उसका निधन हो जाता है, तो संघ के नियमानुसार उसके परिजनों को कल्याण कोष का लाभ प्रदान नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि सहयोग करने के पश्चात उसका स्क्रीनशॉट वेबसाइट पर अपलोड करें तथा अपने अभिलेखों में सुरक्षित रखते हुए अपने परिजनों को इसकी जानकारी अवश्य दें।

यह भी पढ़ें: कानपुर में SOG की बड़ी रेड, नोटों का पहाड़ और चाँदी की ईंटें देख अधिकारियों की फटी रह गयी आंखें

यह भी पढ़ें: बैंक ऑफ बड़ौदा की छत तोड़कर लॉकर रूम में घुसे चोर, करोड़ों का सोना ले उड़े, इलाके में हड़कंप

यह भी पढ़ें: जिम की आड़ में यौन शोषण और धर्म परिवर्तन का खेल, चार सेंटर सील, तीन सगे भाई और जीजा गिरफ्तार

दीपक साहू

संपादक

- Advertisement -

Must Read

- Advertisement -

Related News

- Advertisement -