नाबालिग लड़की के अपहरण में पुलिस की निष्क्रियता पर गैर-राजनीतिक संगठन का एसपी को अल्टीमेटम, घेराव की धमकी

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छत्तीसगढ़
दीपका-कोरबा/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दीपका क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला अब गरमाता जा रहा है। लगभग दो माह बीतने के बावजूद पुलिस की सुस्त कार्रवाई से आक्रोशित एक गैर-राजनीतिक संगठन ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को पत्र लिखकर त्वरित जांच और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि लड़की की सुरक्षित बरामदगी नहीं हुई, तो एसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा और मामला उच्च न्यायिक एवं मानवाधिकार संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई 2025 को दीपका के विजयनगर इलाके से एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया। आरोपी, जो बिहार के सहरसा जिले के बनगांव थाना क्षेत्र का निवासी है, नल जल योजना के तहत मजदूरी के लिए विजयनगर आया था। उसने विश्वास का फायदा उठाकर लड़की को भगा लिया। पीड़ित परिवार ने 21 जुलाई को ही दीपका थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन दो माह बाद भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

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परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें लड़की से दो-तीन बार फोन पर बात करने का मौका मिला, लेकिन हर बार फोन छीन लिया गया। परिवार को गंभीर आशंका है कि लड़की को मानव तस्करी के जाल में फंसा दिया गया है और उसकी जान को खतरा है। एक सदस्य ने बताया, “हमारी बेटी की जिंदगी दाव पर लगी है, लेकिन पुलिस चुप्पी साधे हुए है।”

बिहार में धमकी का खुलासा

पीड़ित परिवार ने खुद बिहार के सहरसा जिले के बनगांव थाने का दौरा किया, जहां लड़की की तलाश की। लेकिन वहां उन्हें सहयोग के बजाय धमकी मिली। थाने के अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा, “तुम लोग जिंदा वापस नहीं जा पाओगे।” परिवार को सलाह दी गई कि वे पुलिस के साथ आएं, तभी उनकी सुरक्षा संभव होगी। यह घटना न केवल परिवार के लिए गंभीर है, बल्कि कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना गैर राजनीतिक संगठन, जो छत्तीसगढ़िया हितों और संस्कृति और समाज में अन्याय-शोषण के खिलाफ सक्रिय है, ने इस मामले को उठाया है।

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संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल ने एसपी को लिखे पत्र में निम्नलिखित मांगें की हैं:

– आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और उसके संभावित सहयोगियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई।
– नाबालिग लड़की की सुरक्षित बरामदगी और परिवार को सौंपना।
– मानव तस्करी की आशंका की गहन जांच और दोषियों को कड़ी सजा।
– बिहार के बनगांव थाने में दी गई धमकियों की जांच तथा संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई।
– मामले की प्रगति पर परिवार और संगठन को नियमित अपडेट।

पत्र में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन पीड़ित परिवार और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर एसपी कार्यालय का घेराव करेगा। साथ ही, मामला छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग तक ले जाया जाएगा
पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार
कोरबा एसपी कार्यालय से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। दीपका थाने के सूत्रों ने बताया कि जांच जारी है, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। नाबालिग होने के कारण पीड़ित का नाम और परिवार के सदस्यों के नाम गोपनीय रखे गए हैं। यह मामला न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराज्यीय सहयोग की मिसाल बन सकता है, यदि तत्काल कार्रवाई हो।

यह घटना छत्तीसगढ़ में नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की ओर इशारा करती है। हाल ही में कोरबा में ही एक अन्य नाबालिग गैंगरेप मामले में कोर्ट ने पांच आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी, जो समाज में सख्त सजा की मांग को बल देता है। संगठन और परिवार की मांग है कि न्याय मिले, वरना आंदोलन तेज होगा।

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दीपक साहू

संपादक

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