नई दिल्ली/स्वराज टुडे: महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक लोकसभा में पास नहीं हुआ, तो विपक्ष जश्न मनाने लगा. अब लोकसभा में बिल गिरने के ठीक 24 घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र आज रात राष्ट्र को संबोधित करने जा रहे हैं.
ठीक 8.30 बजे पीएम देशवासियों को अपना संदेश देंगे. माना जा रहा है कि वह संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष की ओर से पैदा की गई आशंकाओं और आरोपों पर जवाब दे सकते हैं. पीएम आज कोयंबटूर में रैली भी करने वाले हैं. इसके बाद उनका संबोधन प्रसारित होगा.
वैसे, भाजपा समेत एनडीए के नेता लगातार विपक्ष पर हमलावर हैं. सत्ता पक्ष कांग्रेस, सपा, डीएमके, टीएमसी को महिला विरोधी बता रहा है. आज रात पीएम देशवासियों के सामने विपक्ष के आरोपों का सिलसिलेवार तरीके से जवाब दे सकते हैं. कांग्रेस ने विशेष सत्र में तीन बिल लाने के पीछे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए थे. महिलाओं के नाम पर परिसीमन का खेल कहते हुए आरोप लगाए गए. उत्तरी राज्यों को पावर देने का आरोप लगा. अब पीएम सबको जवाब दे सकते हैं.
रात में ही भाजपा ने बना ली रणनीति
पीएम ने सांसदों से अपील की थी, लेकिन बिल दो तिहाई वोटों के अभाव में गिर गया. रात में बिल गिरते ही एनडीए के नेताओं ने बैठक कर आगे की रणनीति बना ली थी. सुबह कांग्रेस और भाजपा दोनों तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई. ऐसे में पीएम महिला बिल पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को घेर सकते हैं. भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस का असली चेहरा देश की महिलाओं के सामने बेनकाब हो गया है.
लोकसभा में कितने वोट मिले थे?
शुक्रवार को भाजपा की अगुआई वाली एनडीए सरकार लोकसभा में संशोधन बिल को पास कराने के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी. लोकसभा में वोटिंग के दौरान 298 सदस्यों ने बिल के सपोर्ट में वोट किया और 230 सांसदों ने विरोध इसके विरोध में.
पीएम की अपील काम नहीं आई
हां, लोकसभा में महिला आरक्षण से जुडे़ 131वां संविधान संशोधन विधेयक पर वोटिंग से ठीक पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखकर सभी सांसदों से आग्रह किया था कि वे अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए. उन्होंने कहा था कि देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है. उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए. ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी… देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा. भारत की नारी को… देश की आधी आबादी को उसका हक दें. हालांकि, इसका फायदा नहीं हुआ.

Editor in Chief





