महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़ा फेरबदल, जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश को शासन ने हटाया, कोंडागांव स्थानांतरित

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छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग ने सोमवार को बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश को कोरबा से एकतरफा भारमुक्त कर दिया है। विभागीय आदेश क्रमांक /11475/स्था-01/मबावि/2025-26, मंत्रालय नवा रायपुर अटल नगर से आज दिनांक 13 अक्टूबर को जारी किया गया है।

पूर्व आदेश के अनुसार, रेणु प्रकाश का स्थानांतरण जिला कोण्डागांव के लिए पहले ही दिनांक 30 जून 2025 को कर दिया गया था लेकिन शासन के इस आदेश की अवहेलना करते हुए उन्होंने स्थानांतरण के विरोध में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की थी, परंतु वरिष्ठ सचिवों की समिति ने उनके अभ्यावेदन को अमान्य घोषित कर दिया।

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इसके बाद शासन ने उन्हें आज एकतरफा भारमुक्त कर कोण्डागांव में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी का प्रभार गजेंद्र सिंह देव को सौपा गया है। इस आदेश के साथ ही विभाग में लंबे समय से पदस्थ अन्य बाबू और कर्मचारियों के स्थानांतरण की भी मांग उठने लगी है।

विभागीय सूत्रों और कर्मचारियों के अनुसार, वर्षों से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी-कर्मचारी योजनाओं की पारदर्शिता और आमजनों तक पहुंचाने में बाधक बन रहे हैं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि ऐसे अधिकारियों का भी स्थानांतरण अन्य जिलों में किया जाए ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ हितग्राहियों तक पहुंच सके। सूत्र बताते हैं कि विभागीय स्तर पर अब कोरबा सहित अन्य जिलों में भी लंबे समय से पदस्थ कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि जल्द ही व्यापक प्रशासनिक फेरबदल संभव हो सके।

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डीपीओ रेनू प्रकाश पर लगते रहे हैं गंभीर आरोप

बता दें कि ररेणु प्रकाश पर लंबे समय से भ्रष्टाचार, मानसिक उत्पीड़न और रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे थे। हाल ही में परियोजना अधिकारी ममता तुली द्वारा रेणु प्रकाश के खिलाफ गंभीर आरोपों के साथ एक शिकायत पत्र विभाग को भेजा गया था। ममता तुली ने आरोप लगाया था कि डीपीओ ने उनसे ₹50,000 की रिश्वत मांगी, दिव्यांगता का मज़ाक उड़ाया और उन्हें रात 8 बजे तक कार्यालय में बैठाकर मानसिक उत्पीड़न किया।

शिकायत पत्र में ममता तुली ने लिखा था— “डीपीओ ने कहा कि जब तक पैसा नहीं दोगी, तुम यहां से नहीं जाओगी और मैं लिए बिना नहीं जाऊंगी।” इस खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया था और पूरे मामले को संचालक स्तर तक गंभीरता से लिया गया।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के साथ ही अब रेणु प्रकाश के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी औपचारिक रूप से शुरू होने की संभावना है।

 

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दीपक साहू

संपादक

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