छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित लालूराम कॉलोनी में निवासरत शहर के प्रतिष्ठित सर्राफा व्यवसाई गोपाल राय सोनी की हत्या और लूट के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। वारदात में संलिप्त तीनों आरोपियों – आकाश पुरी, सूरज पुरी और मोहन मिंज को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई धाराओं के तहत कोर्ट ने यह सख्त सजा मुकर्रर की है।
हत्या (धारा 103-1): आजीवन कारावास और अर्थदण्ड।
लूट (धारा 309-4): 7 वर्ष का सश्रम कारावास।
साजिश व अन्य धाराएं (333, 61-2-क, 238-क): 3 से 5 वर्ष तक की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा।
महज 19 मिनट में जघन्य वारदात को दिया था अंजाम
घटना की रात जब गोपाल राय सोनी और उनकी अस्वस्थ पत्नी घर पर अकेले थे, तब रात 9:40 से 9:59 बजे के बीच (महज 19 मिनट के भीतर) इस पूरी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपी हत्या के बाद सोनी जी का मोबाइल, दुकान की चाबियों वाला सूटकेस और उनकी क्रेटा कार (JH 01 CC 4455) लेकर फरार हो गए थे।
घर के मंदिर में छिपे थे कातिल, पहचान उजागर होने पर उतारा मौत के घाट
जांच में खुलासा हुआ कि वारदात की मास्टरमाइंड दो सगे भाई थे। सूरज गोस्वामी (पुराना ड्राइवर) और आकाश गोस्वामी (वर्तमान ड्राइवर)। आकाश भारी कर्ज में डूबा था। उन्हें पता था कि दुकान के जेवरातों की चाबी गोपाल राय के सूटकेस में रहती है।
घटना की रात तीनों आरोपी (सूरज, आकाश और आदतन अपराधी मोहन मिंज) दीवार फांदकर घर में घुसे। सूरज परिसर के मंदिर में छिप गया था। तभी सोनी वहां माथा टेकने पहुंचे और उन्होंने सूरज को पहचान लिया। पहचान छुपाने के लिए आरोपियों ने धारदार हथियार से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी।
खून की बूंदों और 360 CCTV कैमरों ने खोला राज
यह पूरी तफ्तीश पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। तत्कालीन आईजी डॉ. संजीव शुक्ला के पर्यवेक्षण और एसपी सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस की विशेष टीम ने वैज्ञानिक और मैनुअल तरीके से जांच शुरू की।
खून के धब्बेः हमले के दौरान आरोपी मोहन मिंज की उंगली कट गई थी। पार्किंग एरिया तक गिरी खून की बूंदों से पुलिस को सुराग मिला कि एक आरोपी घायल है।
सीसीटीवी का जालः पुलिस ने रिस्दा बस्ती से लावारिस मिली क्रेटा कार के रूट को ट्रैक करने के लिए इलाके के करीब 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
नदी से सबूतः पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गोताखोरों की मदद से नदी में फेंका गया सूटकेस और हत्या में इस्तेमाल धारदार हथियार भी बरामद किया।
पुलिस की इसी पुख्ता पैरवी और अचूक सबूतों के दम पर आज कोर्ट ने तीनों अपराधियों को उनके किए की अंतिम सजा तक पहुंचा दिया है।
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