मोबाइल फोन के चलते बर्बाद हो गया ईरान ! खामेनेई का बॉडीगार्ड ही निकला CIA का जासूस, पढ़िए हैरान कर देने वाली खबर

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नई दिल्ली/स्वराज टुडे: पिछले साल गर्मियों में ईरान ने अपने सभी वीआईपी को मोबाइल फोन रखने से रोक दिया था. डर था कि लोकेशन ट्रैक कर इजरायल हमला कर सकता है. अब पता चला है कि उस समय पश्चिमी एजेंसियों ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को भी ढूंढ लिया था लेकिन तब उनका मकसद सत्ता परिवर्तन नहीं था इसलिए चोट नहीं पहुंचाई गई. बाद में तेहरान ने एक बड़ी गलती कर दी.

बॉडीगार्ड और ड्राइवरों को मोबाइल सुविधा देना पड़ गया महंगा

टॉप लीडर और कमांडरों के फोन तो रखवा लिए लेकिन बॉडीगार्ड और ड्राइवरों को फोन ले जाने दिया. ऐसे में ईरान की टॉप लीडरशिप को टारगेट करने के लिए मोसाद सुरक्षा संभालने वाले कमांडो के पीछे पड़ गई. अब खुलासा हुआ है कि खामेनेई का बॉडीगार्ड ही सीआईए का जासूस था.

जी हां, डेली मेल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सीआईए ने अपने एक जासूस को खामेनेई की सुरक्षा संभालने वाले इनर सर्कल में घुसा दिया था. वह सुप्रीम लीडर के इतने करीब था कि उसी ने टाइम कन्फर्म किया कि बिल्डिंग पर हमला कब किया जाए. हां, क्योंकि जब से ईरान में प्रोटेस्ट शुरू हुए थे, सुप्रीम लीडर को ऐसे बंकर में छिपा दिया गया था जहां ऐलिवेटर को भी नीचे पहुंचने में पांच मिनट लगते थे.

गेट के कैमरे से सब पता चला

कई साल पहले ही मोसाद तेहरान के ट्रैफिक कैमरे के नेटवर्क को हैक कर चुका था. एक कैमरा तेहरान के पाश्चर स्ट्रीट के उस कंपाउंड के एंट्रेस पर भी लगा था. इसी से इजरायली एजेंसी को पता चला कि सीनियर नेताओं और अफसरों के बॉडीगार्ड कौन हैं और ड्राइवर गाड़ी कहां पार्क करते हैं. अब शनिवार का दिन आया. तय हुआ कि उधर से मिसाइल चलेगी इधर से जासूस सारे कम्युनिकेशन कट करके बाहर हो जाएगा.

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हमले के बाद एप पर आने लगे मैसेज

हां, तेहरान पर बमबारी शुरू होने के बाद इजरायल ने फौरन ईरानियों को मैसेज करना शुरू कर दिया. दरअसल ‘बड़ेसबा’ वहां का प्रेयर-टाइम कैलेंडर एप है. लाखों लोगों के फोन में है. पहले बड़े धमाके के कुछ देर बाद सुबह 9.52 बजे ईरान में एप से दनादन मैसेज आने लगे. मदद रास्ते में हैअपने मौलवियों के खिलाफ उठ खड़े होने का वक्त है. एक मैसेज आया- हथियार उठाओ और आजादी के लिए साथ दो.

दीपक साहू

संपादक

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