नई दिल्ली/स्वराज टुडे: कहते हैं कि जब बाड़ ही खेत को खाने लगे तो भला उसकी सुरक्षा कौन कर सकेगा. ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है बैंगलुरु स्थित इंडियन बैंक की शाखा में, जहां बैंक के असिस्टेंट मैनेजर ने ग्राहकों का करीब 3 किलोग्राम सोना हड़प लिया. यह सोना ग्राहकों ने बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखवाया था, जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई जाती है. मजेदार बात ये है कि बैंक मैनेजर इस सोने को बेचकर उन पैसों से ऑनलाइन जुआ खेल डाला.
धीरे धीरे करके चुरा लिए ढाई किलो से ज्यादा सोना
इंडियन बैंक के 34 वर्षीय असिस्टेंट मैनेजर किरन कुमार पर आरोप है कि जब बैंक के ब्रांच मैनेजर अनुपस्थित थे, तो उनके पास लॉकर का एक्सेस था. तब उन्होंने लगातार सोने की छोटी-छोटी मात्रा को चुराना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे करके उन्होंने ग्राहकों के करीब 2.70 किलोग्राम सोना चुरा लिया. शिकायत मिलने पर बैंगलुरु पुलिस ने उन्हें ग्राहकों के गहने हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया है. फिलहाल जांच जारी है, लेकिन बैंक के ग्राहक सदमे में हैं कि उनके रखे गहने गायब होने पर अब वापस कैसे मिलेंगे.
ग्राहकों की शिकायत के बाद आरोपी असिस्टेंट मैनेजर गिरफ्तार
यह मामला पहली बार 2 जनवरी को सामने आया, जब एक ग्राहक अपने गहनों को निकालने के लिए बैंक पहुंचा. लॉकर का वेरिफिकेशन करने पर पता चला कि उसके साथ छेड़छाड़ हुई है. इसके बाद बैंक ने जांच और पूछताछ शुरू की. जांच में पता चला कि बैंक के 21 लॉकर से कुछ गहने गायब हैं, जबकि तीन लॉकर तो पूरी तरह साफ कर दिए गए थे. इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज की गई और बैंगलुरु पुलिस ने आरोपी असिस्टेंट मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया.
एसबीआई में हुआ था इससे बड़ा फ्रॉड
इससे पहले पिछले साल अगस्त में तेलंगाना के चेन्नूर जिले स्थित एसबीआई बैंक की शाखा में भी बड़े फ्रॉड का मामला सामने आया था. इस मामले में एसबीआई के कैशियर ने ग्राहकों के 14 करोड़ रुपये धीरे-धीरे करके हड़प लिए थे. 21 और 22 अगस्त को हुए ऑडिट में बैंक से एसेट और कैश गायब होने की जानकारी मिली. जांच में पता चला कि कैशियर ने ग्राहकों के 20 किलो सोने को हड़प लिया था, जबकि 1.10 करोड़ रुपये कैश भी गबन किए थे.
10 महीने से बना रहा था प्लान
एसबीआई के कैशियर ने सोना और कैश चुराने के लिए 10 महीने से प्लान बनाना शुरू किया था. पैसे और सोने को गबन करने के लिए उन्होंने अपने परिवार के नाम पर सीक्रेट अकाउंट बनाया और उसमें सोने और कैश ट्रांसफर कर दिया. यह संपत्ति एसबीआई के ग्राहकों की थी, जिसे धीरे-धीरे कैशियर ने अपने परिवार के नाम पर ट्रांसफर कर लिया था. बैंगलुरु में हुए फ्रॉड में जहां 4 करोड़ का सोना गया, वहीं तेलंगाना में हुई इस वारदात में 14 करोड़ की संपत्तियां गबन की गई थी.
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