*आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सा एक चिकित्सा विधा ही नहीं बल्कि एक चमत्कार है- डॉ. मनीषा सिंह*
*सैकड़ों लोगों ने उठाया शिविर का लाभ*
कोरबा/स्वराज टुडे: गायत्री परिवार बम्हनीडीह ब्लाक (दक्षिण) महिला प्रकोष्ठ द्वारा बिर्रा के कुर्मी भवन भाठापारा में 21वीं सदी नरी सदी, उज्ज्वल भविष्य पर नारी सशक्तिकरण कार्यशाला सह आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कोरबा की प्रसिद्ध पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ एवं गायत्री परिवार कोरबा महिला प्रकोष्ठ की पूर्व अध्यक्ष युग शिल्पी डॉ. मनीषा सिंह ने कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कीं।

उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता एवं सनातन परंपरा विश्व की सबसे उन्नत और स्थापित संस्कृति है। यहां संस्कार और नैतिकता का महत्वपूर्ण स्थान है, जिसके कारण ही पूरे विश्व में हमारा समाज सबसे सभ्य है। आज विश्व के कई देश हमारी संस्कृति को अपना रहे हैं और खुशहाल जीवन जी रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि हम पाश्चात्य संस्कृति को अंधाधूंध अपना रहे हैं और हमारी जीवनशैली अस्तव्यस्त हो गई है।

अनुशासनहीन दिनचर्या, आचार-विहार एवं खान-पान में अनियमितता के कारण हम कई गंभीर बीमारियों को आमंत्रित कर लेते हैं। उन्होंने उपस्थित नारी शक्ति को रोग के कारणों और उसके निदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार के संस्थापक पूज्य गुरूदेव आचार्य श्री श्रीराम शर्मा ने उन्नत जीवनशैली के लिए भारत को मार्गदर्शन दिया और अपने साहित्यों से जीवन को उत्कर्ष बनाने के लिए हमारे लिए प्रेरणा छोड़ गए, जिसे हमें अपनाने की जरूरत है। उपस्थित महिलाओं की जिज्ञासा को भी डाक्टर मनीषा सिंह ने शांत किया ।

आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का लाभ उठाया नारी शक्ति ने
कार्यशाला के साथ वृहद आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें आयुर्वेद रत्न पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. मनीषा सिंह ने महिलाओं को होने वाले रोगों सहित लकवा, माईग्रेन, कर्ण रोग, पाचनविकार, अर्थराईड्स, मूत्ररोग, अल्सर, साईटिका, सफेद दाग, पथरी, गंजापन, स्पाईन्डिलाइटिस, एक्जिमा, जीर्णज्वर, मोटापा, जोड़ों में दर्द, चर्मरोग, मुहांसे, कमरदर्द, एलर्जी, बांझपन, नेत्ररोग, बातरोग सहित अन्य रोगों के लिए आवश्यक चिकित्सा परामर्श देकर आवश्यक दवाईयां वितरित की। सैकड़ों महिलाओं ने चिकित्सा शिविर का लाभ उठाया और विशुद्ध जीवनशैली के लिए डॉ. मनीषा सिंह के टिप्स देने पर महिलाओं ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर गायत्री परिवार महिला प्रकोष्ठ की सदस्य भी उपस्थित थीं।
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