छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: कोरबा अंचल के सीतामढ़ी क्षेत्र रहवासी चार बहनों की माँ की प्राकृतिक आपदा में मृत्यु हो गयी, मृत्यु पश्चात आपदा राशि देने में सरकारी अमला इस कदर बेपरवाह बना हुआ है की तीन चार बहनों के सर से मां-बाप का साया उठ जाने के बाद यह दाने-दाने की मोहताज हो गई है।
पहले पिता का साथ छूटा और फिर प्रकृति के कहर से मां मौत के मुंह में समा गई। माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हुई चार बेटियां अब दाने-दाने को मोहताज है। बताया जा रहा हैं की सीतामढ़ी निवासी अपने पति की मृत्यु के बाद 4 बच्चों का पालन-पोषण मजदूरी करके कर रही थी। चारो बेटियों ने कोरबा कलेक्टर से मिलकर शासन के द्वारा दिए जाने वाले आपदा राशि प्रदान करने की गुहार लगाई है। कलेक्टर के सामने अपना दुख-दर्द बयान किया। अब फाइल फिर से खोली जा रही है देखना है की फ़ाइल से निकल कर मदद कब इन मासूमों तक आ पाती है। जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2018 को आंधी-तूफान में घर का छज्जा गिरने से दबकर माँ की भी मृत्यु हो गई।
मां की मृत्यु के बाद चारों नाबालिक बच्चे अनाथ हो गए। कोरबा कलेक्टर से मिलकर शासन के द्वारा दिए जाने वाले आपदा राशि प्रदान करने की गुहार लगाई है। पीडि़तों के मुताबिक उन्होंने एक वकील के माध्यम से राहत राशि के लिए कार्यवाही शुरू कराई थी, लेकिन वकील ने भी 3 साल तक मामले को लटकाए रखा। बहरहाल कलेक्टर ने इस संबंध में एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।
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