बड़ी खबर: जबरन लोन वसूली से फर्जी ट्रांजेक्शन तक, RBI ने किए 3 बड़े एलान, करोड़ों ग्राहकों को ऐसे होगा फायदा

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नई दिल्ली/स्वराज टुडे: देश में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) और ट्रांजैक्शन के दौर में ग्राहकों के हितों की सुरक्षा बहुत मायने रखती है और इन्हें लेकर RBI ने बड़े कदम उठाने की तैयारी कर ली है।

मॉनेटरी पॉलिसी की घोषणा करते समय आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 3 बड़े एलान किए हैं, जिनमें गलत तरीके से फाइनेंशियल प्रोडक्ट बेचने, लोन रिकवरी से संबंधित शिकायतें और अनधिकृत डिजिटल ट्रांजैक्शन जैसे मामलों पर सख्त नियम लाने का प्रस्ताव रखा है।

खास बात है कि इस प्रस्ताव में फ्रॉड ट्रांजैक्शन में नुकसान होने पर ग्राहकों को ₹25,000 तक मुआवज़ा देने का प्रावधान की भी तैयारी है।

क्या हैं RBI के 3 बड़े ऐलान

  • पहला ड्राफ्ट गाइडलाइन मिस-सेलिंग यानी अनुचित ब्रिकी प्रथा से संबंधित होगा। इसमें बैंक या फाइनेंशियल संस्थाएं ग्राहकों को किसी भी लोन, बीमा या निवेश प्रोडक्ट की गलत जानकारी देकर या जबरन बेचते हैं, तो उनके खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
  • दूसरा मसौदा लोन रिकवरी और रिकवरी एजेंट्स की भूमिका पर होगा, जबकि तीसरी ड्राफ्ट गाइडलाइन अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन में ग्राहकों की जिम्मेदारी सीमित करने से संबंधित होगी।
  • तीसरे प्रस्ताव में सबसे अहम बात यह होगी कि स्मॉल वैल्यू फ्रॉड ट्रांजैक्शन में अगर ग्राहक को नुकसान होता है, तो उसे अधिकतम ₹25,000 तक का मुआवज़ा देने के लिए एक अलग फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा.

लोन रिकवरी के नियमों पर सख्ती

देशभर में लोन रिकवरी के तरीकों की लगातार शिकायत मिलते आई है और आरबीआई समय-समय पर इस चिंता जाहिर कर चुका है। लेकिन, अब रिजर्व बैंक सख्त एक्शन की तैयारी में है। आरबीआई के नोट के अनुसार, “वर्तमान में, रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति और लोन वसूली से संबंधित आचरण संबंधी पहलुओं के संबंध में विनियमित संस्थाओं (आरई) की विभिन्न श्रेणियों पर अलग-अलग निर्देश लागू होते हैं। अब वसूली एजेंट्स की नियुक्ति और लोन वसूली से संबंधित अन्य पहलुओं पर सभी मौजूदा आचरण संबंधी निर्देशों की समीक्षा और सामंजस्य स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।”

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आरबीआई के अनुसार, किसी भी हाल में बकायेदार को डराना, धमकाना या मानसिक दबाव डालना स्वीकार्य नहीं है। उधर, इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि अनुपालन दिशानिर्देश जारी होने के बाद, इससे बैंकों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी।

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दीपक साहू

संपादक

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