शासकीय महाविद्यालय कोरबा में युवा दिवस पर आत्महत्या रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

- Advertisement -

छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मनोविज्ञान विभाग, रेडक्रॉस, रेड रिबन, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, आत्महत्या रोकथाम जागरूकता सेल शासकीय इं. वि. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आत्महत्या रोकथाम जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला जिला कोरबा के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक शाक्या के निर्देशन में संपन्न हुआ।

IMG 20260112 WA0746

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री संजय तिवारी, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, स्पर्श क्लिनिक जिला चिकित्सालय कोरबा ने आत्महत्या के कारणों, देश की वर्तमान स्थिति एवं आयु वर्ग के अनुसार बढ़ती प्रवृत्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में आत्महत्या एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसमें विशेष रूप से 15 से 29 वर्ष का युवा आयु वर्ग सबसे अधिक प्रभावित है। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव, अवसाद, पारिवारिक दबाव, शैक्षणिक असफलता, बेरोजगारी और नशे की लत आत्महत्या के प्रमुख कारण हैं।

IMG 20260112 WA0748

आत्महत्या के जोखिम कारकों, संरक्षक कारकों, प्रारंभिक सहायता तथा उचित समय पर रेफरल की प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया गया। प्रस्तुतिकरण में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे Tele-MANAS एवं अन्य शासकीय सहायता तंत्रों की जानकारी भी दी गई।

उन्होंने आत्महत्या के निवारण एवं बचाव पर जोर देते हुए कहा कि समय पर काउंसलिंग, भावनात्मक सहयोग, संवाद, तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच से अनेक जिंदगियों को बचाया जा सकता है।

IMG 20260112 WA0747

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. बी. शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा दिवस युवाओं को आत्मबल, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयां आती हैं, लेकिन उनसे भागने के बजाय समाधान खोजने की प्रवृत्ति विकसित करनी चाहिए। परिवार और शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाएं।

यह भी पढ़ें :  न्यायालय में गवाही के दौरान गवाह को आया पैनिक अटैक, न्यायाधीश ने पेश की मानवीय संवेदना की मिसाल

महाविद्यालय की आत्महत्या रोकथाम जागरूकता सेल की प्रभारी डॉ. अवंतिका कौशिल ने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि आत्महत्या रोकथाम के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है। उन्होंने बताया कि सेल द्वारा निरंतर परामर्श, जागरूकता कार्यक्रम एवं संवादात्मक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिससे छात्र-छात्राएं बिना संकोच अपनी समस्याएं साझा कर सकें।

कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, बल्कि समय पर सहायता लेकर जीवन को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सभी ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी सहारा देने का संकल्प लिया। कार्यशाला का संचालन रासेयो कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय कुमार पटेल ने किया। कार्यशाला को सफल बनाने में प्राध्यापकों श्री ए. के. श्रीवास, डॉ. एस. के. गोभिल, श्रीमती अमोला कोर्राम, श्री सुशील गुप्ता, श्री कन्हैया सिंह कंवर, श्रीमती मधु कंवर, श्री दीपक टेकाम, डॉ. शैलेन्द्र कुमार वर्मा सहित रासेयो, रेडक्रॉस व मनोविज्ञान विभाग के छात्रों का सराहनीय सहयोग रहा।

यह भी पढ़ें: देर रात खिड़की से घुसा 18 साल का युवक, दुष्कर्म में नाकाम होने पर 34 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की ले ली जान

यह भी पढ़ें: ट्रेन के AC कोच में सो रहे थे पति-पत्नी, आधी रात साथ में सोई 2 साल की बच्ची का हो गया अपहरण, मचा हड़कंप, बुर्कानशी दो महिलाओं पर संदेह

यह भी पढ़ें: डॉक्टर दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर वसूले 14 करोड़ रुपए, 17 दिनों तक गिरफ्त में रहे पीड़ित, जानिए क्या है डिजिटल अरेस्ट और इससे कैसे बचें…

दीपक साहू

संपादक

- Advertisement -

Must Read

- Advertisement -

Related News

- Advertisement -