छत्तीसगढ़
रायपुर/स्वराज टुडे: जहां देश का युवा एक एग्जाम के रिजल्ट के इंतजार में बूढ़ा होने लगता है, वहां छत्तीसगढ़ के तिल्दा की चारु पांडेय ने सरकारी नौकरियों की झड़ी लगा दी। बड़ी बात ये है कि चारु की उम्र महज 23 साल है और इतनी उम्र में उन्होंने 19 सरकारी परीक्षाएं क्रैक कर दी हैं। यह कोई किस्मत का खेल नहीं, बल्कि किताबों से किया गया वो सौदा है जिसने चारु को आज पूरे देश के लिए मिसाल बना दिया है। फिलहाल चारु चेन्नई में CAG ऑफिस के भीतर असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर की कुर्सी संभाल रही हैं, लेकिन उनकी इस कामयाबी की गूंज अब दिल्ली के राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुकी है।
जहां दिया एग्जाम, वहीं मिली कामयाबी
23 साल की इस लड़की ने स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का सबसे प्रतिष्ठित CGL एग्जाम हो, CHSL, MTS, GD हो या फिर CPO चारु ने जहां-जहां फॉर्म भरा, वहां-वहां मेरिट लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया। बैंकिंग का कड़ा चक्रव्यूह SBI और IBPS भी उनकी रफ्तार को नहीं रोक सका। खाकी की रेस में उतरे तो दिल्ली पुलिस और छत्तीसगढ़ सब-इंस्पेक्टर की पोस्ट छीन ली और जब रेलवे की बारी आई तो RRB Group D और NTPC को भी एक ही झटके में क्रैक कर डाला।
चारु के रिकॉर्ड की 5 सबसे बड़ी बातें:
● उम्र 23 और 19 जॉइनिंग लेटर: जिस उम्र में युवा करियर की दिशा तय करते हैं, उस उम्र में चारु के पास केंद्र और राज्य सरकार की 19 नौकरियों के विकल्प थे।
● SSC के सारे बड़े किले फतह: एसएससी सीजीएल (SSC CGL) से लेकर CHSL, MTS, GD और CPO तक, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का ऐसा कोई एग्जाम नहीं जिसे चारु ने न तोड़ा हो।
● बैंक और रेलवे में भी दबदबा: सिर्फ एसएससी ही नहीं, चारु ने IBPS, SBI, रेलवे ग्रुप-डी और RRB NTPC जैसे कड़े बैंकिंग और रेलवे एग्जाम्स में भी सफलता का झंडा गाड़ा।
● वर्दी वाली नौकरियों का भी क्रेज: दिल्ली पुलिस भर्ती और छत्तीसगढ़ सब-इंस्पेक्टर के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा भी चारु ने हंसते-खेलते क्लियर कर ली।
● सीधे राष्ट्रपति से मिलेगा सम्मान: आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चारु पांडेय के इस कड़े पुरुषार्थ को ‘गोल्ड मेडल’ से सम्मानित करेंगी।
चारु पांडेय ने बताए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के 7 मूल मंत्र
1. सही रणनीति = आधी जीत
– Syllabus को गीता मानो: पहले दिन पूरा सिलेबस 3 बार पढ़ो। क्या पढ़ना है, क्या छोड़ना है, क्लियर करो।
– PYQ एनालिसिस: पिछले 10 साल के पेपर देखो। 60% पेपर का पैटर्न वहीं से रिपीट होता है।
2. टाइमटेबल नहीं, “टाइम-ब्लॉकिंग”
– 3-2-1 फॉर्मूला: रोज 3 घंटे नया टॉपिक, 2 घंटे रिवीजन, 1 घंटा मॉक/प्रैक्टिस।
– सुबह 5-8: सबसे फ्रेश दिमाग। Math/Reasoning का बेस्ट टाइम।
– 90 मिनट पढ़ो, 15 मिनट ब्रेक: Pomodoro से थकान नहीं होगी।
3. रिवीजन ही भगवान है
पहली बार पढ़ा हुआ 24 घंटे में 70% भूल जाता है। इसलिए:
1-7-30 नियम: आज पढ़ा → कल रिवाइज → 7 दिन बाद फिर → 30 दिन बाद फिर।
एक टॉपिक 4 बार रिवाइज = हमेशा के लिए याद।
4. मॉक टेस्ट = असली परीक्षा
– हफ्ते में 2 फुल मॉक दो। बिना मॉक दिए एग्जाम हॉल में पैनिक होगा।
– गलती की कॉपी बनाओ: हर मॉक के बाद जो गलत हुआ उसकी अलग नोटबुक। एग्जाम से 1 दिन पहले बस वही पढ़ना।
5. स्मार्ट स्टडी > हार्ड स्टडी
गलत तरीका सही तरीका
10 किताबें खरीदना 1 किताब 10 बार पढ़ना
पूरे दिन थ्योरी रटना 50% थ्योरी, 50% MCQ प्रैक्टिस
सब टॉपिक बराबर पढ़ना High-weightage टॉपिक पर 70% टाइम
6. सेहत = सबसे बड़ा हथियार
– 6-7 घंटे नींद: कम सोए तो याददाश्त 40% कम हो जाती है।
– 30 मिनट वॉक/योगा: दिमाग में ऑक्सीजन जाएगी, स्ट्रेस कम।
– जंक फूड बंद: एग्जाम के 3 महीने पहले से घर का खाना।
7. माइंडसेट: “मैं कर लूंगा”
– तुलना बंद: आपके 1000 कम्पटीटर हैं, 9,99,000 नहीं। बस टॉप 1% में आना है।
– निगेटिविटी ब्लॉक: “मुझसे नहीं होगा” बोलने वाले दोस्तों से दूरी बनाएं।
– 1% रोज बेहतर: आज 1 पेज ज्यादा पढ़ा = 1 साल में 365 पेज एक्स्ट्रा।
बोनस मंत्र: एग्जाम से 15 दिन पहले नया कुछ मत पढ़ो। सिर्फ रिवीजन + मॉक + आराम। सोशल मीडिया से दूर रहे।
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