छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक घर में LPG घरेलू सिलेंडर ब्लास्ट होने से 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी है. इस घटना के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस मामले की जांच की जा रही है.
दुर्ग/स्वराज टुडे: दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में एक घर में LPG सिलेंडर ब्लास्ट होने से बड़ा हादसा हो गया. इस धमाके में 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है. घटना के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद है और मामले की जांच की जा रही है. इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया. इस घटना में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आ रही है.
सीएम विष्णु देव साय ने जताया शोक, किया मुआवजे का ऐलान
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े. वहीं, हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुःख जताया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की. इसमें शासन के नियमानुसार मिलने वाली 4-4 लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त 5-5 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि शामिल है. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार, घर में अचानक घरेलू गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया, जिसकी वजह से जोरदार धमाका हुआ और आग तेजी से फैल गई. धमाका इतना भीषण था कि आसपास के घरों में भी झटका महसूस किया गया. स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की सूचना प्रशासन और फायर ब्रिगेड को दी.
फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. हालांकि, पूरी तरह से आग बुझाने में अभी समय लग सकता है. पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
घटना की वजह स्पष्ट नहीं
घायलों को पास के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों की टीम उनकी हालत पर लगातार निगरानी रख रही है. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है कि सिलेंडर ब्लास्ट किस कारण हुआ. प्रारंभिक तौर पर इसे घरेलू गैस लीक या तकनीकी खराबी से जुड़ा हादसा माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही साफ हो पाएगा. इस दर्दनाक घटना को लेकर प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और गैस सिलेंडर के सही उपयोग की अपील की है.
हादसे पर स्वास्थ्य मंत्री ने दुख जताया
दुर्ग के कुम्हारी वार्ड क्रमांक 4 में सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में अनिल वैष्णव (48), चांदनी वैष्णव (18), लक्ष्मी वैष्णव (20) और एक साल की बच्ची गोपिका वैष्णव शामिल हैं. घटना दोपहर करीब 3 बजे हुई, जिसके बाद मौके पर आग लग गई, जिसे बाद में काफी हद तक काबू में कर लिया गया. कुम्हारी पुलिस मामले की जांच कर रही है.
इस हादसे पर स्वास्थ्य मंत्री ने दुख जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर पीड़ित परिवार से मिलने जाने की बात कही है.
LPG गैस सिलेंडर इस्तेमाल करते समय रखें 10 सावधानियां
1. सिलेंडर रखते समय
1. हमेशा सीधा रखें: सिलेंडर कभी लिटाकर या उल्टा ना रखें । गैस लीक का खतरा बढ़ जाता है।
2. हवादार जगह: बंद कमरे/अलमारी में ना रखें। किचन में खिड़की-वेंटिलेशन हो।
3. गर्मी से दूर: चूल्हे, हीटर, धूप से कम से कम 1.5 मीटर दूर रखें।
2. इस्तेमाल के समय
4. लीक टेस्ट : नया सिलेंडर लगाते ही रेगुलेटर के जोड़ पर साबुन का घोल लगाकर चेक करें। बुलबुले बनें तो लीक है। ऐसी स्थिति में भूलकर भी माचिस ना जलाएं।
5. पहले नॉब, फिर रेगुलेटर : खाना बनाकर सबसे पहले चूल्हे का नॉब बंद करें, फिर रात में रेगुलेटर बंद करके सोएं।
6. जलता न छोड़ें: गैस पर खाना रखकर किचन से बाहर ना जाएं, खासकर दूध या प्रेशर कुकर।
3. रखरखाव
7. पाइप चेक करें : ISI मार्क वाला नारंगी पाइप ही लगाएं। हर 2 साल में पाइप बदल दें। पाइप में कट/दरार न हो।
8. रेगुलेटर : सिर्फ कंपनी का रेगुलेटर यूज करें। लोकल कंपनी की ना लें। ढीला हो तो तुरंत बदल लें।
9. एक्सपायरी : सिलेंडर पर A-24, B-25 लिखा होता है। A=जन-मार्च, B=अप्रैल-जून, C=जुलाई-सितंबर, D=अक्टूबर-दिसंबर। 24=2024। एक्सपायर सिलेंडर ना लें।
4. लीक हो जाए तो
10. ये काम तुरंत करें :
● माचिस/लाइटर ना जलाएं, स्विच ऑन-ऑफ ना करें – एक चिंगारी से आग लग जायेगी।
● रेगुलेटर बंद करें, खिड़की-दरवाजे खोल दें।
● बिजली के सारे उपकरण बंद कर दें।
● बाहर जाकर LPG इमरजेंसी नंबर 1906 पर कॉल करो।
नोट: सिलेंडर के नीचे रबर मैट रखो ताकि जंग न लगे। बच्चों को किचन में अकेला न छोड़ो।
सेफ्टी फर्स्ट – LPG गंधहीन होती है, उसमें गंध सिर्फ लीक पता चलने के लिए मिलाई जाती है। गंध आए तो इग्नोर ना करें ।
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