छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: पूर्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा के मानिकपुर खदान क्षेत्र में फ्लाई ऐश के खुलेआम और नियमों के विरुद्ध निपटान को लेकर केंद्र सरकार एवं एसईसीएल प्रबंधन पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि “सरकार एक तरफ पर्यावरण संरक्षण का ढोंग कर रही है और दूसरी तरफ अपने ही नियमों की धज्जियां उड़ाकर जनता के जीवन से खिलवाड़ कर रही है।”
श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2021 से ऐश डाइक पर प्रतिबंध और एनजीटी के स्पष्ट दिशा-निर्देश होने के बावजूद मानिकपुर क्षेत्र में फ्लाई ऐश को ओवरबर्डन पर खुले में पहाड़ की तरह जमा किया जा रहा है। यह न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है बल्कि कोरबा की जनता के लिए “धीमा जहर” साबित हो रहा है।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “तेज हवाओं के साथ उड़ने वाला यह फ्लाई ऐश अब लोगों के घरों, फेफड़ों और सड़कों तक पहुंच चुका है। धूल के गुबार से सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। क्या सरकार किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रही है?”
श्री अग्रवाल ने केंद्र के कोयला मंत्रालय और एसईसीएल प्रबंधन को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि “यह लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित उपेक्षा है। अगर तुरंत रोक नहीं लगी तो इसे जनस्वास्थ्य के खिलाफ अपराध माना जाएगा।”
उन्होंने मांग की है कि मानिकपुर क्षेत्र में फ्लाई ऐश निपटान की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो तथा खुले में पड़े फ्लाई ऐश को तत्काल ढंककर वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जाए।
श्री अग्रवाल ने चेतावनी दी कि “यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कोरबा की जनता के साथ मिलकर सड़क से लेकर संसद तक उग्र आंदोलन किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार एवं एसईसीएल प्रबंधन की होगी।”
यह भी पढ़ें: Delhi: डेटिंग ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर 500 महिलाओं से 2 करोड़ की ठगी, साइबर ठग गिरफ्तार
यह भी पढ़ें: नोएडा हिंसा का मास्टरमाइंड निकला NIT जमशेदपुर का पूर्व छात्र, पाकिस्तान से भी जुड़े तार

Editor in Chief





